{"_id":"697a65ba207e609a4107e9fa","slug":"court-news-shamli-news-c-26-1-sal1002-158422-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: बीमा कंपनी पर 2.75 लाख का जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: बीमा कंपनी पर 2.75 लाख का जुर्माना
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कार का बीमा क्लेम न देने पर नेशनल इंश्योरेंस कंपनी करनाल पर 2,75,008 रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने कंपनी को यह राशि परिवादी को ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया है।
गांव बलवा निवासी मुरसलीन ने एक अक्तूबर 2021 को विभिन्न बीमा कंपनियों और ऑटोमोबाइल डीलरों के विरुद्ध परिवाद जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग में दायर किया था। परिवादी ने बताया कि उसने अपनी कार का ऑन डैमेज और थर्ड पार्टी बीमा कराया था। बीमा कराते समय उसे आश्वासन दिया गया था कि दुर्घटना की स्थिति में केवल फाइल चार्ज देकर क्लेम मिल जाएगा। हालांकि 18 महीने बाद जब उसकी कार का बीमा केवल थर्ड पार्टी का रह गया था और ऑन डैमेज बीमा समाप्त हो चुका था, तब एजेंट ने यह जानकारी दी। इससे परिवादी को नो क्लेम बोनस भी नहीं मिला।
10 अगस्त 2021 को कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। जब परिवादी ने क्लेम के लिए संपर्क किया तो उसे गाड़ी ठीक कराने से मना कर दिया गया। बाद में एक डीलर ने एस्टीमेट ज्यादा बताकर आधे पैसे देने को कहा, जिसका परिवादी ने इन्कार कर दिया। 26 अगस्त 2021 को बीमा कंपनी ने कार के चालक का नाम बदला होने और कार के टैक्सी के रूप में चलाए जाने का आरोप लगाकर क्लेम खारिज कर दिया।
Trending Videos
गांव बलवा निवासी मुरसलीन ने एक अक्तूबर 2021 को विभिन्न बीमा कंपनियों और ऑटोमोबाइल डीलरों के विरुद्ध परिवाद जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग में दायर किया था। परिवादी ने बताया कि उसने अपनी कार का ऑन डैमेज और थर्ड पार्टी बीमा कराया था। बीमा कराते समय उसे आश्वासन दिया गया था कि दुर्घटना की स्थिति में केवल फाइल चार्ज देकर क्लेम मिल जाएगा। हालांकि 18 महीने बाद जब उसकी कार का बीमा केवल थर्ड पार्टी का रह गया था और ऑन डैमेज बीमा समाप्त हो चुका था, तब एजेंट ने यह जानकारी दी। इससे परिवादी को नो क्लेम बोनस भी नहीं मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन
10 अगस्त 2021 को कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। जब परिवादी ने क्लेम के लिए संपर्क किया तो उसे गाड़ी ठीक कराने से मना कर दिया गया। बाद में एक डीलर ने एस्टीमेट ज्यादा बताकर आधे पैसे देने को कहा, जिसका परिवादी ने इन्कार कर दिया। 26 अगस्त 2021 को बीमा कंपनी ने कार के चालक का नाम बदला होने और कार के टैक्सी के रूप में चलाए जाने का आरोप लगाकर क्लेम खारिज कर दिया।
