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Shamli News: मेसेज आ गया, हाथ में नहीं पहुंचा डीएल, आवेदक परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 02 Jan 2026 01:07 AM IST
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शामली। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले आवेदकों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। फीस कटने और मोबाइल पर ड्राइविंग लाइसेंस बनने का मेसेज आने के बावजूद लोगों को समय पर डीएल नहीं मिल पा रहा है। इससे न केवल आम नागरिक परेशान हैं, बल्कि उन्हें वाहन चलाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के दिल्ली रोड निवासी नदीम ने बताया कि उसने एक दिसंबर को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की पूरी प्रक्रिया पूरी की थी। नियमानुसार कुछ ही दिनों में डीएल मिलने की उम्मीद थी। कुछ दिन बाद मोबाइल पर डीएल बनने का मेसेज भी प्राप्त हो गया, लेकिन इसके बावजूद अब तक उसे ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिला है। नदीम का कहना है कि डीएल न मिलने के कारण उसे रोजमर्रा के कामों में परेशानी हो रही है और कई बार वाहन लेकर बाहर निकलने में भी डर बना रहता है।
इसी तरह कैराना निवासी जिशान ने बताया कि उसने करीब तीन सप्ताह पहले ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी अब तक उसका लाइसेंस उसे प्राप्त नहीं हुआ है। बार-बार जानकारी लेने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है, जिससे आवेदकों में नाराजगी बढ़ रही है।
पहले जल्दी मिलता था डीएल
आवेदकों का कहना है कि पहले ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने के बाद एक सप्ताह के भीतर ही डीएल मिल जाता था, लेकिन पिछले कुछ समय से प्रक्रिया बेहद धीमी हो गई है। फीस समय पर काट ली जाती है और मेसेज भी भेज दिए जाते हैं, जिससे आवेदकों को लगता है कि डीएल जल्द ही मिल जाएगा, लेकिन हकीकत में हफ्तों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
मुख्यालय से भेजे जाते हैं ड्राइविंग लाइसेंस
एआरटीओ रोहित राजपूत ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस परिवहन विभाग के मुख्यालय से ही संबंधित कंपनी के माध्यम से भेजे जाते हैं। कई मामलों में तकनीकी कारणों से देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि सामने आए मामलों की जांच कराई जा रही है और उच्च अधिकारियों को भी इस समस्या से अवगत कराया जाएगा। प्रयास किया जा रहा है कि आवेदकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
तकनीकी कारणों से अटकी प्रिंटिंग व डिलीवरी
ड्राइविंग लाइसेंस की मंजूरी के बाद फाइल मुख्यालय भेजी जाती है, जहां स्मार्ट कार्ड पर डाटा अपलोड किया जाता है। इस प्रक्रिया को की-मैनेजमेंट सिस्टम (केएमएस) कहा जाता है। वर्तमान में केएमएस से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों के चलते डीएल की प्रिंटिंग और डिलीवरी प्रभावित हो रही है।
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शहर के दिल्ली रोड निवासी नदीम ने बताया कि उसने एक दिसंबर को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की पूरी प्रक्रिया पूरी की थी। नियमानुसार कुछ ही दिनों में डीएल मिलने की उम्मीद थी। कुछ दिन बाद मोबाइल पर डीएल बनने का मेसेज भी प्राप्त हो गया, लेकिन इसके बावजूद अब तक उसे ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिला है। नदीम का कहना है कि डीएल न मिलने के कारण उसे रोजमर्रा के कामों में परेशानी हो रही है और कई बार वाहन लेकर बाहर निकलने में भी डर बना रहता है।
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इसी तरह कैराना निवासी जिशान ने बताया कि उसने करीब तीन सप्ताह पहले ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी अब तक उसका लाइसेंस उसे प्राप्त नहीं हुआ है। बार-बार जानकारी लेने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है, जिससे आवेदकों में नाराजगी बढ़ रही है।
पहले जल्दी मिलता था डीएल
आवेदकों का कहना है कि पहले ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने के बाद एक सप्ताह के भीतर ही डीएल मिल जाता था, लेकिन पिछले कुछ समय से प्रक्रिया बेहद धीमी हो गई है। फीस समय पर काट ली जाती है और मेसेज भी भेज दिए जाते हैं, जिससे आवेदकों को लगता है कि डीएल जल्द ही मिल जाएगा, लेकिन हकीकत में हफ्तों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
मुख्यालय से भेजे जाते हैं ड्राइविंग लाइसेंस
एआरटीओ रोहित राजपूत ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस परिवहन विभाग के मुख्यालय से ही संबंधित कंपनी के माध्यम से भेजे जाते हैं। कई मामलों में तकनीकी कारणों से देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि सामने आए मामलों की जांच कराई जा रही है और उच्च अधिकारियों को भी इस समस्या से अवगत कराया जाएगा। प्रयास किया जा रहा है कि आवेदकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
तकनीकी कारणों से अटकी प्रिंटिंग व डिलीवरी
ड्राइविंग लाइसेंस की मंजूरी के बाद फाइल मुख्यालय भेजी जाती है, जहां स्मार्ट कार्ड पर डाटा अपलोड किया जाता है। इस प्रक्रिया को की-मैनेजमेंट सिस्टम (केएमएस) कहा जाता है। वर्तमान में केएमएस से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों के चलते डीएल की प्रिंटिंग और डिलीवरी प्रभावित हो रही है।
