{"_id":"6a778621c9b972e9170526f6","slug":"the-night-was-spent-in-faith-healing-rituals-by-morning-the-breathing-stopped-shamli-news-c-26-1-smrt1048-171437-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: झाड़फूंक में गुजरी रात, सुबह थम गईं सांसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: झाड़फूंक में गुजरी रात, सुबह थम गईं सांसें
Sun, 09 Aug 2026 01:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 09 Aug 2026 01:10 AM IST
विज्ञापन
शामली में पोस्टमार्टम हाउस पर सर्पदंश पीड़ित रविंद्र के परिजन। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। गांव जगनपुर निवासी किसान रविंद्र चौहान (48) की सर्पदंश से मौत हो गई। परिजन रातभर झाड़फूंक कराते रहे। सुबह जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि उन्हें सरकारी अस्पताल में एंटीस्नेक वेनम होने के बारे में जानकारी नहीं थी। जब जानकारी हुई तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
रविंद्र सिंह खेती करने के साथ ही निजी स्कूल की वैन भी चलाते थे। उनके भतीजे सचिन चौहान ने बताया कि चाचा रविंद्र शुक्रवार रात करीब दस बजे गांव के पास अपने खेत पर गए थे। वहां पर लगे खंभे के पास घास में छिपे सांप ने उनके पैर की अंगुली में काट लिया। उन्होंने घर पहुंचकर सर्पदंश व पेट में दर्द होने की जानकारी दी। परिजन उन्हें तत्काल गांव में निजी चिकित्सक के यहां ले गए।
चिकित्सक ने दर्द निवारक दवा देकर शामली ले जाने की सलाह दी। इसके बाद वे शामली में निजी अस्पताल ले गए।
करीब एक घंटे बाद चिकित्सक ने उन्हें मेरठ ले जाने की सलाह दी। परिजन मेरठ न ले जाकर झाड़फूंक करने वाले सपेरों के यहां ले गए। रातभर झाड़फूंक कराने के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ।
विज्ञापन
सुबह परिजनों को किसी ने बताया कि सरकारी अस्पताल में सर्पदंश के उपचार के लिए एंटीस्नेक वेनम उपलब्ध है। इसके बाद परिजन किसान को लेकर सुबह आठ बजे जिला अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच के बाद किसान को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सचिन ने बताया कि रविंद्र की मौत के बाद परिवार में पत्नी व बड़ा बेटा शुभम (10) व बेटी खुशी (8) रह गई हैं।
विज्ञापन
रविंद्र सिंह खेती करने के साथ ही निजी स्कूल की वैन भी चलाते थे। उनके भतीजे सचिन चौहान ने बताया कि चाचा रविंद्र शुक्रवार रात करीब दस बजे गांव के पास अपने खेत पर गए थे। वहां पर लगे खंभे के पास घास में छिपे सांप ने उनके पैर की अंगुली में काट लिया। उन्होंने घर पहुंचकर सर्पदंश व पेट में दर्द होने की जानकारी दी। परिजन उन्हें तत्काल गांव में निजी चिकित्सक के यहां ले गए।
विज्ञापन
चिकित्सक ने दर्द निवारक दवा देकर शामली ले जाने की सलाह दी। इसके बाद वे शामली में निजी अस्पताल ले गए।
करीब एक घंटे बाद चिकित्सक ने उन्हें मेरठ ले जाने की सलाह दी। परिजन मेरठ न ले जाकर झाड़फूंक करने वाले सपेरों के यहां ले गए। रातभर झाड़फूंक कराने के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ।
विज्ञापन
सुबह परिजनों को किसी ने बताया कि सरकारी अस्पताल में सर्पदंश के उपचार के लिए एंटीस्नेक वेनम उपलब्ध है। इसके बाद परिजन किसान को लेकर सुबह आठ बजे जिला अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच के बाद किसान को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सचिन ने बताया कि रविंद्र की मौत के बाद परिवार में पत्नी व बड़ा बेटा शुभम (10) व बेटी खुशी (8) रह गई हैं।

शामली में पोस्टमार्टम हाउस पर सर्पदंश पीड़ित रविंद्र के परिजन। संवाद