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Siddharthnagar News: नियम की अनदेखी से खतरे में नाैनिहाल
Fri, 31 Jul 2026 12:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 31 Jul 2026 12:03 AM IST
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सिद्धार्थनगर। खेसरहा थाना क्षेत्र के बसडीला गांव के पास नहर में बच्चों से भरी एक स्कूल वैन दो दिन पहले पलट गई। इस हादसे में तीन बच्चे घायल हो गए जबकि 18 सुरक्षित बच गए। जांच में सामने आया है कि 13 सीटर वाहन में 21 बच्चे सवार थे। इस हादसे के बाद स्कूल के वाहनों की पड़ताल की गई तो कई कमियां सामने आईं।
टेंपो, ई-रिक्शा और मैजिक में न सिर्फ क्षमता से अधिक बच्चे दिखे बल्कि, उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ सामने आया। टेंपो में लदे बच्चों में किसी का पैर बाहर दिखा तो किसी का हाथ। ऐसे में इस प्रकार की अनदेखी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
यह हाल तब है, जब लगातार संबंधित विभाग की ओर से विद्यालय वाहनों की जांच की जा रही है। सीज करने के साथ ही चालान करने का काम कर रही है। इसके बाद भी नियम की अनदेखी करके वाहनों का संचालन सिस्टम पर सवाल है।
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शहर से देहात तक तेजी से नए विद्यालय हर साल खुल रहे हैं। विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चे आ जाएं। इसके लिए तमाम प्रकार की सुविधाओं का दावा करने के साथ ही विद्यालय में वाहन लगा दिया जा रहा है। वहीं, कुछ अभिभावक आसपास के टेंपो और ई-रिक्शा को तय कर ले रहे हैं और कई लोगों के बच्चे एक साथ जा रहे हैं।
संबंधित वाहन चालक प्रशिक्षित हैं या नहीं, इसे कोई नहीं देखता। वह कितने बच्चों को बैठा रहा है, बच्चों की सुरक्षा पर कितना ध्यान दे रहा है। इससे अभिभावक पूरी तरह से अनजान हैं लेकिन यह अनदेखी कब हादसे में बदल जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं है। खेसरहा के बसडिला में स्कूली वैन साइड देने के चक्कर में पलट गई। हालांकि, इसमें कागजात सही पाए। आंकड़ों पर गौर करें तो संभागीय परिवहन विभाग में 700 से अधिक विद्यालय वाहन पंजीकृत हैं। इसमें बस और बैन की संख्या अधिक है। वहीं, इससे इतर बड़ी संख्या में विद्यालय में वाहन प्रयोग किए जा रहे हैं, जिसमें बच्चों के जीवन से अनदेखी जारी है।
क्षमता से अधिक सवारी, कंडम वाहन, नियम की अनदेखी सामने आ रही है। विभाग की ओर से जांच और कार्रवाई तो जारी है लेकिन नियम को रौंदने वालों के हौंसले बुलंद हैं। पड़ताल में कई ऐसी तस्वीरें सामने आईं जो व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रही है।
स्कूल वाहनों से हो चुके हैं हादसे : वर्ष 2024 में माह में जोगिया कोतवाली क्षेत्र के सूपा के पास बच्चों को लेकर जा रही एक टेंपो अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में कई बच्चों को चोटें आईं। टेंपो में क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे।
इससे पहले त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में मैजिक पलटने से बच्चे चोटिल हुए थे। इसके पूर्व भी जिले में बस से हादसे हो चुके हैं। इसके अलावा जनवरी माह में शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में साइड देने के चक्कर में एक मदरसे की बस पलट गई थी। इस हादसे में कई बच्चे घायल हो गए थे।
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टेंपो, ई-रिक्शा और मैजिक में न सिर्फ क्षमता से अधिक बच्चे दिखे बल्कि, उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ सामने आया। टेंपो में लदे बच्चों में किसी का पैर बाहर दिखा तो किसी का हाथ। ऐसे में इस प्रकार की अनदेखी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
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यह हाल तब है, जब लगातार संबंधित विभाग की ओर से विद्यालय वाहनों की जांच की जा रही है। सीज करने के साथ ही चालान करने का काम कर रही है। इसके बाद भी नियम की अनदेखी करके वाहनों का संचालन सिस्टम पर सवाल है।
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शहर से देहात तक तेजी से नए विद्यालय हर साल खुल रहे हैं। विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चे आ जाएं। इसके लिए तमाम प्रकार की सुविधाओं का दावा करने के साथ ही विद्यालय में वाहन लगा दिया जा रहा है। वहीं, कुछ अभिभावक आसपास के टेंपो और ई-रिक्शा को तय कर ले रहे हैं और कई लोगों के बच्चे एक साथ जा रहे हैं।
संबंधित वाहन चालक प्रशिक्षित हैं या नहीं, इसे कोई नहीं देखता। वह कितने बच्चों को बैठा रहा है, बच्चों की सुरक्षा पर कितना ध्यान दे रहा है। इससे अभिभावक पूरी तरह से अनजान हैं लेकिन यह अनदेखी कब हादसे में बदल जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं है। खेसरहा के बसडिला में स्कूली वैन साइड देने के चक्कर में पलट गई। हालांकि, इसमें कागजात सही पाए। आंकड़ों पर गौर करें तो संभागीय परिवहन विभाग में 700 से अधिक विद्यालय वाहन पंजीकृत हैं। इसमें बस और बैन की संख्या अधिक है। वहीं, इससे इतर बड़ी संख्या में विद्यालय में वाहन प्रयोग किए जा रहे हैं, जिसमें बच्चों के जीवन से अनदेखी जारी है।
क्षमता से अधिक सवारी, कंडम वाहन, नियम की अनदेखी सामने आ रही है। विभाग की ओर से जांच और कार्रवाई तो जारी है लेकिन नियम को रौंदने वालों के हौंसले बुलंद हैं। पड़ताल में कई ऐसी तस्वीरें सामने आईं जो व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रही है।
स्कूल वाहनों से हो चुके हैं हादसे : वर्ष 2024 में माह में जोगिया कोतवाली क्षेत्र के सूपा के पास बच्चों को लेकर जा रही एक टेंपो अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में कई बच्चों को चोटें आईं। टेंपो में क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे।
इससे पहले त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में मैजिक पलटने से बच्चे चोटिल हुए थे। इसके पूर्व भी जिले में बस से हादसे हो चुके हैं। इसके अलावा जनवरी माह में शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में साइड देने के चक्कर में एक मदरसे की बस पलट गई थी। इस हादसे में कई बच्चे घायल हो गए थे।