{"_id":"6a0e26b3aabba545870f6fe0","slug":"domestic-gas-burning-more-in-the-market-than-in-kitchens-consumers-in-distress-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1034-158494-2026-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: रसोई से ज्यादा बाजार में जल रही घरेलू गैस, उपभोक्ता हलकान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: रसोई से ज्यादा बाजार में जल रही घरेलू गैस, उपभोक्ता हलकान
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 21 May 2026 02:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। बुकिंग कराने पर कई दिन तक इंतजार के बाद कुछ लोगों को रसोई गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। वहीं, कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर इनका धड़ल्ले से इस्तेमाल होता दिख रहा है। एजेंसियों पर काॅमर्शियल गैस आपूर्ति कम होने के बाद व्यावसायिक गतिविधियों के लिए लोग ब्लैक में महंगे दाम पर घरेलू गैस खरीदकर इस्तेमाल करते देखे जा रहे हैं। शहर समेत जिले के कस्बों व चौराहों पर स्थित अधिकांश चाय मिठाई दुकानों, रेस्टोरेंटों व होटलों में काॅमर्शियल की जगह घरेलू रसोई गैस प्रयुक्त हो रहे हैं। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
पश्चिमी एशिया में युद्ध के बाद चल रहे तनाव के बीच आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होने कारण जिले के दो माह से गैस की किल्लत बढ़ गई है। घरेलू रसोई गैस सिलिंडर को प्राथमिकता देने के शासन के निर्देश पर ऑयल कंपनियाें ने काॅमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति कम कर दी है। जिले में इंडेन, एचपी और भारत गैस के 55 एजेंसियों पर छह लाख से घरेलू रसोई गैस के उपभोक्ता है। इन गैस एजेंसियों पर प्रतिदिन आठ से 12 हजार सिलिंडर की आपूर्ति होती है, जिससे बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को डिलीवरी दी जाती है। वहीं, जिले की सभी एजेंसियों पर काॅमर्शियल गैस सिलिंडर के मात्र एक हजार उपभोक्ता है, जिनके लिए एजेंसियों पर प्रतिदिन 10 से 12 सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही है। काॅमर्शियल गैस की आपूर्ति कम होने पर व्यवसायिक कार्य के लिए घरेलू गैस को ब्लैक में महंगे दाम पर खरीदा जा रहा है, जिसका असर घरेलू गैस उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है और वह बुकिंग के बाद होम डिलीवरी के तहत गैस सिलिंडर पाने के लिए भी कई दिन तक एजेंसियों के चक्कर लगाते दिख रहे हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
दिखाने के लिए काॅमर्शियल, उपयोग हो रही घरेलू गैस
शहर की चाय मिठाई दुकानों व रेस्टोरेंटों पर चोरी छिपे घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग करते नजर आ रहे है। इनमें कई प्रतिष्ठानों पर दिखाने के लिए काॅमर्शियल गैस सिलिंडर रखे हुए है, लेकिन उपयोग घरेलू गैस सिलिंडर का ही कर रहे हैं। ऐसा ही हाल जिले के शोहरतगढ़, बांसी, बढ़नी, इटवा, डुमरियागंज, बर्डपुर व उसका समेत सभी कस्बों और चौराहों पर नजर आएगा, जहां व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर कामर्शियल गैस सिलिंडर की कमी की भरपाई घरेलू गैस सिलिंडर से पूरी की जा रही है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- --
एजेंसी पर लग रही कतार, ब्लैक में मिल रहा तुरंत
इटवा। इटवा कस्बे के डुमरियागंज मार्ग पर स्थित एक एजेंसी के कार्यालय पर कतार समाप्त ही नहीं हो रही है। यह कतार 45 दिन पर हुई बुकिंग के 19वें दिन गैस सिलिंडर लेने के लिए लगानी पड़ रही है। यहां 64 दिन पर गैस उपभोक्ताओं को डिलीवरी दी जा रही है। उपभोक्ता पूरे दिन गैस सिलिंडर लेकर दौड़ लगाते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन शाम को उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। वहीं, इटवा थाने के नजदीक एक व्यक्ति खुलेआम दो हजार रुपये से लेकर तीन हजार रुपये में गैस सिलिंडर उपलब्ध करा रहा है। शादी विवाह वाले घरों में मजबूर होकर या चाय आदि के दुकानदार यहां खरीद कर अपना काम चला रहे हैं।
-- -- -- -- --
कालाबाजारी से घरेलू गैस का बढ़ा व्यवसायिक उपयोग
शोहरतगढ़। कालाबाजारी करने वाले घरेलू गैस सिलिंडर ब्लैक में 2500 से 3000 रुपये बेच रहे हैं। ब्लैक में आसानी से घरेलू गैस सिलिंडर मिलने के कारण इसका उपयोग बड़ी तेजी से व्यवसायिक गतिविधियों में हो रहा है। क्षेत्र के होटल, ढाबा, चाय-पानी, चाट-फुल्की, रेस्टोरेंट, फास्टफूड सहित खाने पीने के दुकानों पर इसका खुलेआम उपयोग हो रहा है। वहीं, घरेलू गैस सिलिंडर के लिए उपभोक्ता एजेंसी का 10 से 12 दिन चक्कर लगा रहे हैं। तब जाकर उनको गैस सिलिंडर मिल रहा है। बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं को कोई न कोई कारण बताकर एजेंसी के लोग बिना गैस दिए वापस कर देते हैं।
-- -- -- -- -
तपती धूप में इंतजार करते दिखे ग्रामीण
शाहपुर। डुमरियागंज कस्बा सहित शाहपुर, बैदौला, हल्लौर, बेवा, भड़रिया, मन्नीजोत, चौखड़ा, धोबहा आदि चौक चौराहों पर दुकानों पर घरेलू गैस सिलिंडर का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। एक सिलिंडर लेने के लिए इस तपती धूप में ग्रामीणों को घंटों लाइन में खड़े होकर सिलिंडर मिलने का इंतजार करना पड़ रहा है। बुधवार को क्षेत्र के भनवापुर एजेंसी पर दोपहर करीब 01:30 बजे तपती धूप के बीच ग्रामीण लाइन लगाकर गैस मिलने का इंतजार करते नजर आए। लटेरा निवासी बब्लू मौर्या ने कहा गैस सिलिंडर खत्म हो गया था, होम डिलीवरी नहीं मिलने पर एजेंसी पर सुबह से लाइन लगाकर गैस मिलने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, शाहपुर में स्थित गैस एजेंसी के ऑफिस पर बुधवार को ताला बंद था। एजेंसी के बाहर उपभोक्ता इधर-उधर भटकते नजर आए। पेंडारी गांव निवासी नगई यादव ने बताया कि दो माह से सिलिंडर खत्म है। घर पर रखी लकड़ी से काम चला रहा था, लेकिन अब गैस की जरूरत है। गैस एजेंसी का तीन दिन से चक्कर लगा रहा हूं। अभी तक गैस नहीं मिल पाई है। आज ऑफिस पर ताला लटक रहा है।
-- -- -- -- -- --
घरेलू गैस सिलिंडर उपयोग में दर्ज हो चुका है केस
सिद्धार्थनगर। बीते सप्ताह डुमरियागंज क्षेत्र के बैदोलागढ़ स्थित रेस्टोरेंट में एसडीएम की छापेमारी के दौरान एचपी के चार घरेलू गैस सिलिंडर मौके पर बरामद हुए थे, जिसके बाद एसडीएम राजेश कुमार ने रेस्टोरेंट के मालिक से जांच के दौरान कागजात मांगे थे, लेकिन वह गैस सिलिंडर के स्वामित्व का कोई कागजात नहीं दिखा सके। इसके बाद आपूर्ति निरीक्षक मुकेश कुमार की तहरीर पर रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ पुलिस ने घरेलू गैस के व्यावसायिक प्रयोग करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। डुमरियागंज थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश यादव ने कहा कि रेस्टोरेंट संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
-- -- -- -- -- -- -
टीम गठित कर घरेलू गैस सिलिंडर के व्यावसायिक उपयोग करने वाले दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है, जहां भी ऐसी शिकायत मिलेगी, दोषी के विरुद्ध नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ ही अन्य कार्रवाई की जाएगी।
- देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
पश्चिमी एशिया में युद्ध के बाद चल रहे तनाव के बीच आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होने कारण जिले के दो माह से गैस की किल्लत बढ़ गई है। घरेलू रसोई गैस सिलिंडर को प्राथमिकता देने के शासन के निर्देश पर ऑयल कंपनियाें ने काॅमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति कम कर दी है। जिले में इंडेन, एचपी और भारत गैस के 55 एजेंसियों पर छह लाख से घरेलू रसोई गैस के उपभोक्ता है। इन गैस एजेंसियों पर प्रतिदिन आठ से 12 हजार सिलिंडर की आपूर्ति होती है, जिससे बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को डिलीवरी दी जाती है। वहीं, जिले की सभी एजेंसियों पर काॅमर्शियल गैस सिलिंडर के मात्र एक हजार उपभोक्ता है, जिनके लिए एजेंसियों पर प्रतिदिन 10 से 12 सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही है। काॅमर्शियल गैस की आपूर्ति कम होने पर व्यवसायिक कार्य के लिए घरेलू गैस को ब्लैक में महंगे दाम पर खरीदा जा रहा है, जिसका असर घरेलू गैस उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है और वह बुकिंग के बाद होम डिलीवरी के तहत गैस सिलिंडर पाने के लिए भी कई दिन तक एजेंसियों के चक्कर लगाते दिख रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
दिखाने के लिए काॅमर्शियल, उपयोग हो रही घरेलू गैस
शहर की चाय मिठाई दुकानों व रेस्टोरेंटों पर चोरी छिपे घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग करते नजर आ रहे है। इनमें कई प्रतिष्ठानों पर दिखाने के लिए काॅमर्शियल गैस सिलिंडर रखे हुए है, लेकिन उपयोग घरेलू गैस सिलिंडर का ही कर रहे हैं। ऐसा ही हाल जिले के शोहरतगढ़, बांसी, बढ़नी, इटवा, डुमरियागंज, बर्डपुर व उसका समेत सभी कस्बों और चौराहों पर नजर आएगा, जहां व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर कामर्शियल गैस सिलिंडर की कमी की भरपाई घरेलू गैस सिलिंडर से पूरी की जा रही है।
Trending Videos
एजेंसी पर लग रही कतार, ब्लैक में मिल रहा तुरंत
इटवा। इटवा कस्बे के डुमरियागंज मार्ग पर स्थित एक एजेंसी के कार्यालय पर कतार समाप्त ही नहीं हो रही है। यह कतार 45 दिन पर हुई बुकिंग के 19वें दिन गैस सिलिंडर लेने के लिए लगानी पड़ रही है। यहां 64 दिन पर गैस उपभोक्ताओं को डिलीवरी दी जा रही है। उपभोक्ता पूरे दिन गैस सिलिंडर लेकर दौड़ लगाते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन शाम को उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। वहीं, इटवा थाने के नजदीक एक व्यक्ति खुलेआम दो हजार रुपये से लेकर तीन हजार रुपये में गैस सिलिंडर उपलब्ध करा रहा है। शादी विवाह वाले घरों में मजबूर होकर या चाय आदि के दुकानदार यहां खरीद कर अपना काम चला रहे हैं।
कालाबाजारी से घरेलू गैस का बढ़ा व्यवसायिक उपयोग
शोहरतगढ़। कालाबाजारी करने वाले घरेलू गैस सिलिंडर ब्लैक में 2500 से 3000 रुपये बेच रहे हैं। ब्लैक में आसानी से घरेलू गैस सिलिंडर मिलने के कारण इसका उपयोग बड़ी तेजी से व्यवसायिक गतिविधियों में हो रहा है। क्षेत्र के होटल, ढाबा, चाय-पानी, चाट-फुल्की, रेस्टोरेंट, फास्टफूड सहित खाने पीने के दुकानों पर इसका खुलेआम उपयोग हो रहा है। वहीं, घरेलू गैस सिलिंडर के लिए उपभोक्ता एजेंसी का 10 से 12 दिन चक्कर लगा रहे हैं। तब जाकर उनको गैस सिलिंडर मिल रहा है। बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं को कोई न कोई कारण बताकर एजेंसी के लोग बिना गैस दिए वापस कर देते हैं।
तपती धूप में इंतजार करते दिखे ग्रामीण
शाहपुर। डुमरियागंज कस्बा सहित शाहपुर, बैदौला, हल्लौर, बेवा, भड़रिया, मन्नीजोत, चौखड़ा, धोबहा आदि चौक चौराहों पर दुकानों पर घरेलू गैस सिलिंडर का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। एक सिलिंडर लेने के लिए इस तपती धूप में ग्रामीणों को घंटों लाइन में खड़े होकर सिलिंडर मिलने का इंतजार करना पड़ रहा है। बुधवार को क्षेत्र के भनवापुर एजेंसी पर दोपहर करीब 01:30 बजे तपती धूप के बीच ग्रामीण लाइन लगाकर गैस मिलने का इंतजार करते नजर आए। लटेरा निवासी बब्लू मौर्या ने कहा गैस सिलिंडर खत्म हो गया था, होम डिलीवरी नहीं मिलने पर एजेंसी पर सुबह से लाइन लगाकर गैस मिलने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, शाहपुर में स्थित गैस एजेंसी के ऑफिस पर बुधवार को ताला बंद था। एजेंसी के बाहर उपभोक्ता इधर-उधर भटकते नजर आए। पेंडारी गांव निवासी नगई यादव ने बताया कि दो माह से सिलिंडर खत्म है। घर पर रखी लकड़ी से काम चला रहा था, लेकिन अब गैस की जरूरत है। गैस एजेंसी का तीन दिन से चक्कर लगा रहा हूं। अभी तक गैस नहीं मिल पाई है। आज ऑफिस पर ताला लटक रहा है।
घरेलू गैस सिलिंडर उपयोग में दर्ज हो चुका है केस
सिद्धार्थनगर। बीते सप्ताह डुमरियागंज क्षेत्र के बैदोलागढ़ स्थित रेस्टोरेंट में एसडीएम की छापेमारी के दौरान एचपी के चार घरेलू गैस सिलिंडर मौके पर बरामद हुए थे, जिसके बाद एसडीएम राजेश कुमार ने रेस्टोरेंट के मालिक से जांच के दौरान कागजात मांगे थे, लेकिन वह गैस सिलिंडर के स्वामित्व का कोई कागजात नहीं दिखा सके। इसके बाद आपूर्ति निरीक्षक मुकेश कुमार की तहरीर पर रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ पुलिस ने घरेलू गैस के व्यावसायिक प्रयोग करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। डुमरियागंज थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश यादव ने कहा कि रेस्टोरेंट संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
टीम गठित कर घरेलू गैस सिलिंडर के व्यावसायिक उपयोग करने वाले दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है, जहां भी ऐसी शिकायत मिलेगी, दोषी के विरुद्ध नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ ही अन्य कार्रवाई की जाएगी।
- देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी