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Siddharthnagar News: मंदिरों हुई देवी मां की पूजा, श्रद्धालुओं ने मांगी मन्नत
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 23 Mar 2026 01:07 AM IST
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शोहरतगढ़। चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन रविवार को श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के स्वरूप मां कुष्मांडा की आराधना कर उनकी पूजा-अर्चना की। मां को फूल, माला, सुंदर वस्त्र, फल, नारियल अर्पित किया और दूध से बनी सफेद मिठाई का भोग लगाया गया। इसके अलावा धूप अगरबत्ती और कपूर जलाकर आरती उतारी गई।
पल्टादेवी, कठेला समय माता, भिरंडा समय माता, नगर पंचायत व ग्रामीण क्षेत्रों के सभी देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था देखते बन रही थी। सुबह से देवी मंदिरों में घंटा, घड़ियाल, शंख और मां के भक्तिगीतों की ध्वनि से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। प. श्रीकांत शुक्ला ने कहा कि कुष्मांडा का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और दिव्य है। उनके आठ भुजाएं हैं, जिनमें कमंडल, धनुष, बाण, कमल का फूल, अमृत कलश, चक्र, गदा और जप माला धारण किए हुए हैं। मां सिंह की सवारी करती हैं। उनका यह स्वरूप शक्ति, समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है। मां कुष्मांडा की पूजा और उपासना करने से भक्तों की सभी तरह के रोग, कष्ट और शोक समाप्त हो जाते हैं। नवरात्रि में मां के इस रूप की पूजा करने से पर भक्तों की आयु, यश, कीर्ति, बल और आरोग्यता में वृद्धि होती है।
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पल्टादेवी, कठेला समय माता, भिरंडा समय माता, नगर पंचायत व ग्रामीण क्षेत्रों के सभी देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था देखते बन रही थी। सुबह से देवी मंदिरों में घंटा, घड़ियाल, शंख और मां के भक्तिगीतों की ध्वनि से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। प. श्रीकांत शुक्ला ने कहा कि कुष्मांडा का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और दिव्य है। उनके आठ भुजाएं हैं, जिनमें कमंडल, धनुष, बाण, कमल का फूल, अमृत कलश, चक्र, गदा और जप माला धारण किए हुए हैं। मां सिंह की सवारी करती हैं। उनका यह स्वरूप शक्ति, समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है। मां कुष्मांडा की पूजा और उपासना करने से भक्तों की सभी तरह के रोग, कष्ट और शोक समाप्त हो जाते हैं। नवरात्रि में मां के इस रूप की पूजा करने से पर भक्तों की आयु, यश, कीर्ति, बल और आरोग्यता में वृद्धि होती है।
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