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Siddharthnagar News: शहर के बीच और हाईवे किनारे खुले नाले, हर कदम पर हादसे का खतरा
Thu, 02 Jul 2026 02:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 02 Jul 2026 02:14 AM IST
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सिद्धार्थनगर। शहर में खुले नालों की अनदेखी जिले में भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। गोरखपुर और कुशीनगर में बीते दिनों नाले में गिरने से हुई मौत के बाद भी किसी की आंख नहीं खुली है और खुले नाले और टूट स्लैब लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। बारिश में पानी भरने के बाद कई स्थानों पर निकलने सरिया जानलेवा साबित हो सकते हैं।
गोरखपुर और कुशीनगर में हाल के दिनों में खुले नालों में गिरने से हुई मौतों के बाद संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शहर के अशोक मार्ग, बर्डपुर मार्ग, पेट्रोल पंप, साड़ी तिराहा और स्टेशन रोड और हाईवे से जुड़े कई हिस्सों में पड़ताल की तो गहरे नाले आज भी बिना ढक्कन के खुले नजर आए। इसमें से कुछ का तो स्लैब टूटा हुआ है, अधिकांश नालों में सालभर पानी भरा रहता है, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल है। लगभग पूरे जिले में ही यह हाल है। बारिश के दौरान पानी सड़क तक आने से खतरा कई गुना बढ़ जाता है। रात के समय पैदल चलने वाले, बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं। स्थानीय लोग कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
बरसात के दिनों में नालों का पानी सड़क तक आ जाता है। ऐसे में यह पता ही नहीं चलता कि सड़क कहां खत्म हो रही है और नाला कहां से शुरू हो रहा है। थोड़ी सी चूक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक इन नालों पर मजबूत ढक्कन नहीं लगाए जाएंगे, तब तक दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।
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बोले जिम्मेदार
अशोक मार्ग पर नाले का निर्माण कार्य अभी चल रहा है, जहां खुला हुआ है, उसे जल्द ही ढकवा दिया जाएगा। वहीं, आगे जो सड़क के नाले खुले हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। जहां-जहां खुला या टूटा होगा, उसे सही करवा दिया जाएगा।
- जयशंकर सिंह, एई, एनएचएआई
शहर में नाले का निर्माण करवाया जा रहा है। सफाई भी समय-समय पर होती है। अगर कहीं स्लैब टूटा है और नाला खुला हुआ है तो उसे जल्द ही सही करवाया जाएगा।
- अजय कुमार सिंह, ईओ नगर पालिका सिद्धार्थनगर
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गोरखपुर और कुशीनगर में हाल के दिनों में खुले नालों में गिरने से हुई मौतों के बाद संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शहर के अशोक मार्ग, बर्डपुर मार्ग, पेट्रोल पंप, साड़ी तिराहा और स्टेशन रोड और हाईवे से जुड़े कई हिस्सों में पड़ताल की तो गहरे नाले आज भी बिना ढक्कन के खुले नजर आए। इसमें से कुछ का तो स्लैब टूटा हुआ है, अधिकांश नालों में सालभर पानी भरा रहता है, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल है। लगभग पूरे जिले में ही यह हाल है। बारिश के दौरान पानी सड़क तक आने से खतरा कई गुना बढ़ जाता है। रात के समय पैदल चलने वाले, बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं। स्थानीय लोग कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
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बरसात के दिनों में नालों का पानी सड़क तक आ जाता है। ऐसे में यह पता ही नहीं चलता कि सड़क कहां खत्म हो रही है और नाला कहां से शुरू हो रहा है। थोड़ी सी चूक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक इन नालों पर मजबूत ढक्कन नहीं लगाए जाएंगे, तब तक दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।
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अशोक मार्ग पर नाले का निर्माण कार्य अभी चल रहा है, जहां खुला हुआ है, उसे जल्द ही ढकवा दिया जाएगा। वहीं, आगे जो सड़क के नाले खुले हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। जहां-जहां खुला या टूटा होगा, उसे सही करवा दिया जाएगा।
- जयशंकर सिंह, एई, एनएचएआई
शहर में नाले का निर्माण करवाया जा रहा है। सफाई भी समय-समय पर होती है। अगर कहीं स्लैब टूटा है और नाला खुला हुआ है तो उसे जल्द ही सही करवाया जाएगा।
- अजय कुमार सिंह, ईओ नगर पालिका सिद्धार्थनगर