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Siddharthnagar News: सुरक्षात्मक इंतजाम नाकाफी, ढहती संरचनाओं से बढ़े हादसे
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 05 Jun 2026 02:50 AM IST
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सिद्धार्थनगर। तुलसियापुर में निर्माणाधीन मछली मंडी के गेट की शटरिंग गिरने की घटना पहले भी जिले में कई हादसे हो चुके हैं। निर्माण कार्यों में सुरक्षात्मक इंतजाम नहीं किए जाने से हुए हादसों में कई के घायल होने के साथ ही लोगों की जान भी जा चुकी है। निर्माण कार्यों की साइट का विभागीय इंजीनियरों की रेगुलर माॅनिटरिंग में लापरवाही का खामियाजा मजदूराें व स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ता है।
भनवापुर क्षेत्र के भरवठिया मुस्तहकम में विवाह घर के निर्माण में बरती गई लापरवाही के कारण तीन लोगों की जान चली गई थी। अक्टूबर 2022 में आए बाढ़ के दौरान विवाह घर में गांव के लोगों ने शरण ली थी। रात में सो रहे लोगों पर विवाह घर का पिलर गिरने से नीचे दब कर राज सिंह चौहान (13) के साथ पूनम (18) और रिंकी (24) घायल हो गईं थीं। इलाज के दौरान तीनों ने दम तोड़ दिया था। इस घटना में जेई व ग्राम सचिव निलंबित हुए थे और उनके समेत प्रधान के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी।
डुमरियागंज के बैदौला में निर्माणाधीन भरत द्वार के ढांचे के छह जनवरी 2022 को गिरने से मजदूरों समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। एक सप्ताह इलाज के बाद वे स्वस्थ हुए थे।
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वहीं इससे पहले जुलाई 2012 में भनवापुर ब्लॉक में ही प्राथमिक विद्यालय तेतरी का गेट गिरने से कक्षा तीन के छात्र संतोष कुमार (7) की मौत हो गई थी। यहां भोजन अवकाश के दौरान बच्चों के गेट पर झूलने के दौरान गिरे पिलर के नीचे दबने से यह हादसा हुआ था।
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लगातार निगरानी में चूक है हादसे का कारण
बड़ी परियोजनाओं के निर्माण कार्यों की विभागीय इंजीनियरों की ओर से निगरानी में लापरवाही और मौके पर सुरक्षात्मक उपायों की समुचित व्यवस्था के अभाव के चलते हादसे हो रहे हैं। निर्माणाधीन मछली मंडी के गेट की शटरिंग गिरने के हादसे में भी खराब शटरिंग और जल्दबाजी में ढलाई किए जाने के साथ सुरक्षात्मक उपायों की अनदेखी का मामला सामने आ रहा है। इंजीनियर एसके सिंह कहते हैं कि किसी भी निर्माण कार्य में सुरक्षा उपायों में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पर्याप्त सुरक्षात्मक इंतजाम से हादसे की आशंका कम रहती है।
भनवापुर क्षेत्र के भरवठिया मुस्तहकम में विवाह घर के निर्माण में बरती गई लापरवाही के कारण तीन लोगों की जान चली गई थी। अक्टूबर 2022 में आए बाढ़ के दौरान विवाह घर में गांव के लोगों ने शरण ली थी। रात में सो रहे लोगों पर विवाह घर का पिलर गिरने से नीचे दब कर राज सिंह चौहान (13) के साथ पूनम (18) और रिंकी (24) घायल हो गईं थीं। इलाज के दौरान तीनों ने दम तोड़ दिया था। इस घटना में जेई व ग्राम सचिव निलंबित हुए थे और उनके समेत प्रधान के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी।
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डुमरियागंज के बैदौला में निर्माणाधीन भरत द्वार के ढांचे के छह जनवरी 2022 को गिरने से मजदूरों समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। एक सप्ताह इलाज के बाद वे स्वस्थ हुए थे।
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लगातार निगरानी में चूक है हादसे का कारण
बड़ी परियोजनाओं के निर्माण कार्यों की विभागीय इंजीनियरों की ओर से निगरानी में लापरवाही और मौके पर सुरक्षात्मक उपायों की समुचित व्यवस्था के अभाव के चलते हादसे हो रहे हैं। निर्माणाधीन मछली मंडी के गेट की शटरिंग गिरने के हादसे में भी खराब शटरिंग और जल्दबाजी में ढलाई किए जाने के साथ सुरक्षात्मक उपायों की अनदेखी का मामला सामने आ रहा है। इंजीनियर एसके सिंह कहते हैं कि किसी भी निर्माण कार्य में सुरक्षा उपायों में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पर्याप्त सुरक्षात्मक इंतजाम से हादसे की आशंका कम रहती है।