{"_id":"6a7caf337d3f8050b4001fb9","slug":"siddharthnagar-news-allegation-of-demanding-commission-in-exchange-for-a-loan-bank-employee-denies-it-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-162770-2026-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: लोन के बदले कमीशन मांगने का आरोप, बैंक कर्मचारी ने नकारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: लोन के बदले कमीशन मांगने का आरोप, बैंक कर्मचारी ने नकारा
Wed, 12 Aug 2026 11:06 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 12 Aug 2026 11:06 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में टेंट हाउस के लिए तीन महीने पहले किया था आवेदन
- आवेदक बोला- कमीशन नहीं देने पर लोन रोकने का लगाया आरोप, शाखा प्रबंधक ने कहा- आरोप निराधार
धेंसा। क्षेत्र के मनोहरी निवासी अमरनाथ पांडेय ने पंजाब नेशनल बैंक धेंसा के कर्मचारी पर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत टेंट हाउस खोलने के लिए लोन स्वीकृत करने के बदले कमीशन मांगने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत उन्होंने जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय से की है। वहीं बैंक शाखा प्रबंधक ने कमीशन मांगने के आरोप को निराधार बताया है।
अमरनाथ पांडेय के अनुसार बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत उन्होंने टेंट हाउस खोलने के लिए करीब तीन महीने पहले आवेदन किया था। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइल पंजाब नेशनल बैंक धेंसा भेजी गई। शाखा प्रबंधक की ओर से टीम के साथ उनके घर जाकर प्रस्तावित व्यवसाय को लेकर सर्वे भी किया गया।
आवेदक का आरोप है कि इसके बाद निर्धारित समय पर लोन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। बैंक कर्मचारियों से संपर्क करने पर उनसे कमीशन की मांग की गई। उन्होंने कमीशन देने से इन्कार कर दिया तो लोन स्वीकृत नहीं किया गया। बाद में बैंक कर्मचारियों की ओर से यह कहा गया कि उनके पास खाद की दुकान है इसलिए लोन नहीं दिया जा सकता। अमरनाथ का कहना है कि खाद की दुकान उनके नाम पर नहीं है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- --
फाइल तैयार कराने में खर्च हुए 10 हजार रुपये
- अमरनाथ पांडेय ने बताया कि शाखा प्रबंधक के निर्देश पर उन्होंने लोन के लिए जरूरी दस्तावेज और अन्य प्रक्रिया पूरी की। इसमें करीब 10 हजार रुपये खर्च हो गए। तीन महीने से बैंक के चक्कर लगाने के बाद भी लोन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो उन्होंने उच्चाधिकारियों से शिकायत की। उन्होंने जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री और बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय से मामले की जांच कराकर लोन स्वीकृत कराने की मांग की है।
-- -- -- -- -- -- -- -- --
बोले शाखा प्रबंधक
- शाखा प्रबंधक नीतिश भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने आवेदक के घर जाकर प्रस्तावित व्यवसाय के संबंध में जानकारी ली थी। कमीशन मांगने का आरोप निराधार है। लोन अब तक स्वीकृत क्यों नहीं हुआ? इस सवाल पर उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
विज्ञापन
- आवेदक बोला- कमीशन नहीं देने पर लोन रोकने का लगाया आरोप, शाखा प्रबंधक ने कहा- आरोप निराधार
धेंसा। क्षेत्र के मनोहरी निवासी अमरनाथ पांडेय ने पंजाब नेशनल बैंक धेंसा के कर्मचारी पर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत टेंट हाउस खोलने के लिए लोन स्वीकृत करने के बदले कमीशन मांगने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत उन्होंने जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय से की है। वहीं बैंक शाखा प्रबंधक ने कमीशन मांगने के आरोप को निराधार बताया है।
अमरनाथ पांडेय के अनुसार बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत उन्होंने टेंट हाउस खोलने के लिए करीब तीन महीने पहले आवेदन किया था। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइल पंजाब नेशनल बैंक धेंसा भेजी गई। शाखा प्रबंधक की ओर से टीम के साथ उनके घर जाकर प्रस्तावित व्यवसाय को लेकर सर्वे भी किया गया।
विज्ञापन
आवेदक का आरोप है कि इसके बाद निर्धारित समय पर लोन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। बैंक कर्मचारियों से संपर्क करने पर उनसे कमीशन की मांग की गई। उन्होंने कमीशन देने से इन्कार कर दिया तो लोन स्वीकृत नहीं किया गया। बाद में बैंक कर्मचारियों की ओर से यह कहा गया कि उनके पास खाद की दुकान है इसलिए लोन नहीं दिया जा सकता। अमरनाथ का कहना है कि खाद की दुकान उनके नाम पर नहीं है।
विज्ञापन
फाइल तैयार कराने में खर्च हुए 10 हजार रुपये
- अमरनाथ पांडेय ने बताया कि शाखा प्रबंधक के निर्देश पर उन्होंने लोन के लिए जरूरी दस्तावेज और अन्य प्रक्रिया पूरी की। इसमें करीब 10 हजार रुपये खर्च हो गए। तीन महीने से बैंक के चक्कर लगाने के बाद भी लोन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो उन्होंने उच्चाधिकारियों से शिकायत की। उन्होंने जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री और बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय से मामले की जांच कराकर लोन स्वीकृत कराने की मांग की है।
बोले शाखा प्रबंधक
- शाखा प्रबंधक नीतिश भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने आवेदक के घर जाकर प्रस्तावित व्यवसाय के संबंध में जानकारी ली थी। कमीशन मांगने का आरोप निराधार है। लोन अब तक स्वीकृत क्यों नहीं हुआ? इस सवाल पर उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।