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Siddharthnagar News: गांव से शहर तक बदलेगी तस्वीर, छह करोड़ से होगा सड़क-नाली का काम
Wed, 12 Aug 2026 11:10 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 12 Aug 2026 11:10 PM IST
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- मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत विस्तारित आबादी में प्राथमिकता के आधार पर होंगे विकास कार्य
- सड़क और नाली बनने से आवागमन सुगम होने के साथ जलभराव की समस्या दूर होने की उम्मीद
सिद्धार्थनगर। गांव से शहर का हिस्सा बने लेकिन सुविधाएं अब भी गांव जैसी मिल रही। नगर पालिका की विस्तारित आबादी में रहने वाले लोगों की इस समस्या को दूर करने की कवायद शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत विस्तारित क्षेत्र में सड़क और नाली निर्माण के लिए छह करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिली है। इस धनराशि से जरूरत और प्राथमिकता के आधार पर छोटी सड़कों, नालियों और मुख्य मार्गों से कनेक्टिविटी सुधारने का काम कराया जाएगा। इससे वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
नगर पालिका सिद्धार्थनगर के सीमा विस्तार के बाद कई गांव शहर का हिस्सा बन गए हैं। इससे नगर का क्षेत्रफल और आबादी दोनों बढ़े हैं लेकिन विस्तारित क्षेत्रों में शहरी सुविधाओं का विकास अपेक्षित गति से नहीं हो पाया। कई मोहल्लों में अभी भी मुख्य सड़क से जुड़ने के लिए बेहतर संपर्क मार्ग नहीं हैं। बारिश के दौरान कच्चे और खराब रास्तों पर कीचड़ होने से आवागमन मुश्किल हो जाता है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से कई स्थानों पर बारिश का पानी रास्तों और आबादी के आसपास जमा हो जाता है।
नगर पालिका क्षेत्र में वर्तमान में 25 वार्ड हैं और करीब डेढ़ लाख की आबादी निवास करती है। सीमा विस्तार के बाद मधुकरपुर, परसा महापात्र, पकड़ी, भीमापार रेहरा, दंतरंगवा, सनई, सकतपुर, पिपरा पांडेय, साड़ी परसा, शाह आलम, महरिया और थरौली समेत कई गांव नगर पालिका सीमा में शामिल हुए हैं। गांव से शहर में शामिल होने के बाद इन क्षेत्रों के लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें भी शहरी क्षेत्र जैसी सड़क, नाली और जलनिकासी की सुविधा मिलेगी। हालांकि कई स्थानों पर अभी तक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
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छोटी सड़कें मुख्य मार्ग से जोड़ेंगी मोहल्ले
- नगर सृजन योजना के तहत स्वीकृत बजट से विस्तारित आबादी में छोटी-छोटी सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य मोहल्लों को मुख्य मार्गों से जोड़ना और आवागमन को सुगम बनाना है। कई क्षेत्रों में मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए अभी कच्चे या क्षतिग्रस्त रास्तों का सहारा लेना पड़ता है। बारिश में इन रास्तों की स्थिति और खराब हो जाती है। सड़क निर्माण होने से लोगों को बाजार, स्कूल, अस्पताल और शहर के अन्य हिस्सों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। साथ ही मोहल्लों के भीतर आवागमन बेहतर होने से स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए आने-जाने में परेशानी कम होगी।
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नाली बनने से जलभराव से मिलेगी राहत
- विस्तारित आबादी में सड़क के साथ जलनिकासी की समस्या भी बड़ी चुनौती है। कई मोहल्लों में नालियों की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी रास्तों पर जमा हो जाता है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से कीचड़ और गंदगी की समस्या पैदा होती है। इससे आवागमन प्रभावित होने के साथ आसपास रहने वाले लोगों को भी परेशानी होती है। योजना में नाली निर्माण को शामिल किए जाने से जलनिकासी की व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। सड़क के साथ नाली बनने से बारिश के पानी को आबादी से बाहर निकालने में मदद मिलेगी। इससे जलभराव की समस्या को स्थायी रूप से कम करने में मदद मिल सकती है।
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विस्तारित क्षेत्र में विकास की बढ़ी उम्मीद
- नगर पालिका सीमा विस्तार के बाद शामिल हुए गांवों में रहने वाले लोगों की लंबे समय से मांग रही है कि उन्हें भी शहर जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलें। छह करोड़ रुपये की स्वीकृति के बाद इन क्षेत्रों में विकास कार्य शुरू होने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि लोगों की नजर अब इस बात पर है कि स्वीकृत धनराशि से काम कब शुरू होता है और प्राथमिकता में किन क्षेत्रों को शामिल किया जाता है।
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बोले जिम्मेदार
- नगर के विस्तारित क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य कराए जाएंगे। सड़क और नाली निर्माण से आवागमन और जलनिकासी की समस्या दूर करने का प्रयास होगा। इसके साथ ही जरूरत के अनुसार अन्य विकास कार्य भी कराए जाएंगे।
- अजय कुमार सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर
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- सड़क और नाली बनने से आवागमन सुगम होने के साथ जलभराव की समस्या दूर होने की उम्मीद
सिद्धार्थनगर। गांव से शहर का हिस्सा बने लेकिन सुविधाएं अब भी गांव जैसी मिल रही। नगर पालिका की विस्तारित आबादी में रहने वाले लोगों की इस समस्या को दूर करने की कवायद शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत विस्तारित क्षेत्र में सड़क और नाली निर्माण के लिए छह करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिली है। इस धनराशि से जरूरत और प्राथमिकता के आधार पर छोटी सड़कों, नालियों और मुख्य मार्गों से कनेक्टिविटी सुधारने का काम कराया जाएगा। इससे वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
नगर पालिका सिद्धार्थनगर के सीमा विस्तार के बाद कई गांव शहर का हिस्सा बन गए हैं। इससे नगर का क्षेत्रफल और आबादी दोनों बढ़े हैं लेकिन विस्तारित क्षेत्रों में शहरी सुविधाओं का विकास अपेक्षित गति से नहीं हो पाया। कई मोहल्लों में अभी भी मुख्य सड़क से जुड़ने के लिए बेहतर संपर्क मार्ग नहीं हैं। बारिश के दौरान कच्चे और खराब रास्तों पर कीचड़ होने से आवागमन मुश्किल हो जाता है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से कई स्थानों पर बारिश का पानी रास्तों और आबादी के आसपास जमा हो जाता है।
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नगर पालिका क्षेत्र में वर्तमान में 25 वार्ड हैं और करीब डेढ़ लाख की आबादी निवास करती है। सीमा विस्तार के बाद मधुकरपुर, परसा महापात्र, पकड़ी, भीमापार रेहरा, दंतरंगवा, सनई, सकतपुर, पिपरा पांडेय, साड़ी परसा, शाह आलम, महरिया और थरौली समेत कई गांव नगर पालिका सीमा में शामिल हुए हैं। गांव से शहर में शामिल होने के बाद इन क्षेत्रों के लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें भी शहरी क्षेत्र जैसी सड़क, नाली और जलनिकासी की सुविधा मिलेगी। हालांकि कई स्थानों पर अभी तक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
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छोटी सड़कें मुख्य मार्ग से जोड़ेंगी मोहल्ले
- नगर सृजन योजना के तहत स्वीकृत बजट से विस्तारित आबादी में छोटी-छोटी सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य मोहल्लों को मुख्य मार्गों से जोड़ना और आवागमन को सुगम बनाना है। कई क्षेत्रों में मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए अभी कच्चे या क्षतिग्रस्त रास्तों का सहारा लेना पड़ता है। बारिश में इन रास्तों की स्थिति और खराब हो जाती है। सड़क निर्माण होने से लोगों को बाजार, स्कूल, अस्पताल और शहर के अन्य हिस्सों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। साथ ही मोहल्लों के भीतर आवागमन बेहतर होने से स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए आने-जाने में परेशानी कम होगी।
नाली बनने से जलभराव से मिलेगी राहत
- विस्तारित आबादी में सड़क के साथ जलनिकासी की समस्या भी बड़ी चुनौती है। कई मोहल्लों में नालियों की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी रास्तों पर जमा हो जाता है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से कीचड़ और गंदगी की समस्या पैदा होती है। इससे आवागमन प्रभावित होने के साथ आसपास रहने वाले लोगों को भी परेशानी होती है। योजना में नाली निर्माण को शामिल किए जाने से जलनिकासी की व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। सड़क के साथ नाली बनने से बारिश के पानी को आबादी से बाहर निकालने में मदद मिलेगी। इससे जलभराव की समस्या को स्थायी रूप से कम करने में मदद मिल सकती है।
विस्तारित क्षेत्र में विकास की बढ़ी उम्मीद
- नगर पालिका सीमा विस्तार के बाद शामिल हुए गांवों में रहने वाले लोगों की लंबे समय से मांग रही है कि उन्हें भी शहर जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलें। छह करोड़ रुपये की स्वीकृति के बाद इन क्षेत्रों में विकास कार्य शुरू होने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि लोगों की नजर अब इस बात पर है कि स्वीकृत धनराशि से काम कब शुरू होता है और प्राथमिकता में किन क्षेत्रों को शामिल किया जाता है।
बोले जिम्मेदार
- नगर के विस्तारित क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य कराए जाएंगे। सड़क और नाली निर्माण से आवागमन और जलनिकासी की समस्या दूर करने का प्रयास होगा। इसके साथ ही जरूरत के अनुसार अन्य विकास कार्य भी कराए जाएंगे।
- अजय कुमार सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर