{"_id":"697658e602c495bb6904f7eb","slug":"siddharthnagar-news-assembly-to-be-seen-in-blocks-meeting-hall-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1034-152400-2026-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: ब्लॉक के मीटिंग हॉल में दिखेगी विधानसभा की झलक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: ब्लॉक के मीटिंग हॉल में दिखेगी विधानसभा की झलक
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 25 Jan 2026 11:24 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। ब्लॉक के मीटिंग हॉल में भी अब विधानसभा का अक्स नजर आएगा। मॉडल कुर्सी, प्रोजेक्टर सहित माइक आदि की सुविधा होगी, जहां से गांव के विकास का खाका तैयार किया जाएगा। ग्राम्य विकास विभाग की ओर से 10 करोड़ रुपये की लागत से जिले के आठ ब्लॉक कार्यालय पर मीटिंग हाॅल का निर्माण की तैयारी की है।
विभाग की ओर से मांगी गई कार्ययोजना के सापेक्ष प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है। ब्लॉकों में क्षेत्र पंचायत सदस्यों और ग्राम प्रधानों की ओर से लगातार मांग को देखते हुए यह मीटिंग हॉल को आधुनिक बनाया जा रहा है।
ग्राम विकास विभाग आयुक्त की तरफ से डीएम को भेजे गए पत्र में ब्लॉकों में मीटिंग हाल निर्माण के लिए तीन कैटेगरी निर्धारित की गई थी। इसमें पहली कैटेगरी में सिर्फ मीटिंग हाॅल, दूसरी में मीटिंग हाॅल के साथ प्रमुख और बीडीओ कक्ष और तीसरी कैटेगरी में मीटिंग हाॅल के साथ सिर्फ प्रमुख कक्ष के निर्माण का विकल्प था। इसके क्रम में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए गए थे। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने इन ब्लॉकों में मीटिंग हाॅल निर्माण का प्रस्ताव बनाकर सीडीओ और डीएम के माध्यम से शासन को भेजा है। बता दें कि ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य द्वारा बैठक के लिए सभागार और कुर्सी आदि व्यवस्था को लेकर लगातार मांग की जाती रही है, जिसको देखते हुए शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए ब्लॉक मुख्यालय पर मॉडल मीटिंग हॉल में बनाने का निर्णय लिया है।
अधिशासी अभियंता आरईडी शैलेंद्र चौधरी ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग की ओर से मांगे गए प्रस्ताव के तहत 10 करोड़ रुपये की लागत से जिले के आठ ब्लॉकों में मीटिंग हाल, बीडीओ व प्रमुख कक्ष निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूर होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
मीटिंग हाल का यह होगा उपयोग: ब्लॉकों पर बनने वाले इन मीटिंग हालों में विकास कार्यों की समीक्षा और नए प्रस्तावों के लिए उपयोग किया जाएगा। इसमें क्षेत्र पंचायत की बैठकें होंगी साथ ही इन सभागारों का उद्देश्य पारदर्शी तरीके से स्थानीय विकास परियोजनाओं (जैसे तालाब, बागवानी, लघु सिंचाई) पर निर्णय के लिए उपयोग होगा। इसके अलावा ग्राम पंचायत के सदस्यों के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है, जो स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी और ग्रामीण विकास को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद करेगा।
Trending Videos
विभाग की ओर से मांगी गई कार्ययोजना के सापेक्ष प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है। ब्लॉकों में क्षेत्र पंचायत सदस्यों और ग्राम प्रधानों की ओर से लगातार मांग को देखते हुए यह मीटिंग हॉल को आधुनिक बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम विकास विभाग आयुक्त की तरफ से डीएम को भेजे गए पत्र में ब्लॉकों में मीटिंग हाल निर्माण के लिए तीन कैटेगरी निर्धारित की गई थी। इसमें पहली कैटेगरी में सिर्फ मीटिंग हाॅल, दूसरी में मीटिंग हाॅल के साथ प्रमुख और बीडीओ कक्ष और तीसरी कैटेगरी में मीटिंग हाॅल के साथ सिर्फ प्रमुख कक्ष के निर्माण का विकल्प था। इसके क्रम में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए गए थे। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने इन ब्लॉकों में मीटिंग हाॅल निर्माण का प्रस्ताव बनाकर सीडीओ और डीएम के माध्यम से शासन को भेजा है। बता दें कि ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य द्वारा बैठक के लिए सभागार और कुर्सी आदि व्यवस्था को लेकर लगातार मांग की जाती रही है, जिसको देखते हुए शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए ब्लॉक मुख्यालय पर मॉडल मीटिंग हॉल में बनाने का निर्णय लिया है।
अधिशासी अभियंता आरईडी शैलेंद्र चौधरी ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग की ओर से मांगे गए प्रस्ताव के तहत 10 करोड़ रुपये की लागत से जिले के आठ ब्लॉकों में मीटिंग हाल, बीडीओ व प्रमुख कक्ष निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूर होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
मीटिंग हाल का यह होगा उपयोग: ब्लॉकों पर बनने वाले इन मीटिंग हालों में विकास कार्यों की समीक्षा और नए प्रस्तावों के लिए उपयोग किया जाएगा। इसमें क्षेत्र पंचायत की बैठकें होंगी साथ ही इन सभागारों का उद्देश्य पारदर्शी तरीके से स्थानीय विकास परियोजनाओं (जैसे तालाब, बागवानी, लघु सिंचाई) पर निर्णय के लिए उपयोग होगा। इसके अलावा ग्राम पंचायत के सदस्यों के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है, जो स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी और ग्रामीण विकास को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद करेगा।
