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Siddharthnagar News: एक्सप्रेस-वे के दायरे में आने वाली जमीनों की बिक्री पर रोक
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 21 Jan 2026 12:09 AM IST
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डुमरियागंज-बढनी मार्ग के बेनीनगर गांव के पास गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के लिए लगाया गया सांकेत
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सिद्धार्थनगर। शामली-गोरखपुर हाईस्पीड कॉरिडोर (एक्सप्रेसवे) परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी आ गई है। इसके तहत जिले के बांसी, डुमरियागंज व इटवा तहसीलों के 66 गांवों में भूमि बिक्री व निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। वहीं, गांवों में ड्रोन से सर्वे किया जा रहा है।
यह कॉरिडोर, सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से कुशीनगर में जुड़ेगा, जिससे उत्तर-पूर्व भारत और हरियाणा के बीच बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। वहीं, पश्चिमी यूपी को पूर्वी यूपी से सीधे कनेक्ट करेगा, जिससे यहां परिवहन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही जिले में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
जिले से गुजरने वाले शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए 66 गांवों में 70 मीटर चौड़ाई में भूमि का सर्वे किया गया है। इसके तहत एनएचआई ने खेसरहा क्षेत्र में सर्वे कर कई गांवों के खेतों में झंडी लगा दी है। झंडी वाले स्थल से दोनों तरफ 35-35 मीटर भूमि को एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की जानी है। यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर-बस्ती मंडल के चार जिलों कुशीनगर, गोरखपुर, संतकबीर नगर व सिद्धार्थनगर से होकर गुजरेगा।
सर्वे के अनुसार अलाइनमेंट तय कर लिया गया है, एनएचएआई कार्यालय अयोध्या से प्राप्त गांवों की सूची के अनुसार बांसी तहसील के 19, डुमरियागंज 27 और इटवा के 20 गांव से होकर एक्सप्रेसवे गुजरने वाली है।
इसके बाद विभाग ने ड्रोन सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे के बाद इन गांवों में चिह्नित भूमि के गाटों की सूची मिलने पर जिला प्रशासन की तरफ से भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। एनएचआई के अनुरोध पर डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने एडीएम को भूमि अधिग्रहण अधिकारी नियुक्त किया है। एडीएम ने तीनों तहसीलों के एसडीएम व रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर संबंधित गांवों में भूमि बिक्री, निर्माण, भू-उपयोग परिवर्तन नहीं करने के निर्देश दिए हैं। जिले से गुजरने वाले इस एक्सप्रेसवे के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली व हरियाणा के कई जिलों के साथ ही कुशीनगर में सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से जुड़ने पर पूर्वाेत्तर भारत तक आवागमन सुगम हो जाएगा।
इन जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे: शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 21 जिलों कुशीनगर, गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, बरेली, संभल, अमरोहा, मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली से गुजरेगा। यह एक्सप्रेसवे हरियाणा के पानीपत को भी जोड़ेगा, जिसकी कुल लंबाई लगभग 750 किमी होगी। इसका निर्माण जल्द शुरू होने वाला है, जो लगभग दो से ढाई वर्ष में पूरा होगा। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश समेत हरियाणा के भी कई जिलों को जोड़ेगा, जिससे परिवहन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
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यह कॉरिडोर, सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से कुशीनगर में जुड़ेगा, जिससे उत्तर-पूर्व भारत और हरियाणा के बीच बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। वहीं, पश्चिमी यूपी को पूर्वी यूपी से सीधे कनेक्ट करेगा, जिससे यहां परिवहन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही जिले में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
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जिले से गुजरने वाले शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए 66 गांवों में 70 मीटर चौड़ाई में भूमि का सर्वे किया गया है। इसके तहत एनएचआई ने खेसरहा क्षेत्र में सर्वे कर कई गांवों के खेतों में झंडी लगा दी है। झंडी वाले स्थल से दोनों तरफ 35-35 मीटर भूमि को एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की जानी है। यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर-बस्ती मंडल के चार जिलों कुशीनगर, गोरखपुर, संतकबीर नगर व सिद्धार्थनगर से होकर गुजरेगा।
सर्वे के अनुसार अलाइनमेंट तय कर लिया गया है, एनएचएआई कार्यालय अयोध्या से प्राप्त गांवों की सूची के अनुसार बांसी तहसील के 19, डुमरियागंज 27 और इटवा के 20 गांव से होकर एक्सप्रेसवे गुजरने वाली है।
इसके बाद विभाग ने ड्रोन सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे के बाद इन गांवों में चिह्नित भूमि के गाटों की सूची मिलने पर जिला प्रशासन की तरफ से भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। एनएचआई के अनुरोध पर डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने एडीएम को भूमि अधिग्रहण अधिकारी नियुक्त किया है। एडीएम ने तीनों तहसीलों के एसडीएम व रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर संबंधित गांवों में भूमि बिक्री, निर्माण, भू-उपयोग परिवर्तन नहीं करने के निर्देश दिए हैं। जिले से गुजरने वाले इस एक्सप्रेसवे के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली व हरियाणा के कई जिलों के साथ ही कुशीनगर में सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से जुड़ने पर पूर्वाेत्तर भारत तक आवागमन सुगम हो जाएगा।
इन जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे: शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 21 जिलों कुशीनगर, गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, बरेली, संभल, अमरोहा, मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली से गुजरेगा। यह एक्सप्रेसवे हरियाणा के पानीपत को भी जोड़ेगा, जिसकी कुल लंबाई लगभग 750 किमी होगी। इसका निर्माण जल्द शुरू होने वाला है, जो लगभग दो से ढाई वर्ष में पूरा होगा। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश समेत हरियाणा के भी कई जिलों को जोड़ेगा, जिससे परिवहन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
