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Siddharthnagar News: कार्यदायी संस्था ब्लैक लिस्ट, यूपी आरएनएन कराएगा आईटीआई का निर्माण
Wed, 12 Aug 2026 11:04 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 12 Aug 2026 11:04 PM IST
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- कॉलेज बनने के बाद आईटीआई की पढ़ाई के लिए बाहर जाने को विवश नहीं होते विद्यार्थी
- शोहरतगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के महदेवा नानकार गांव में 10 साल पहले बन रहा था आईटीआई काॅलेज
शोहरतगढ़। स्थानीय ब्लाॅक के महदेवा नानकार में साढ़े पांच करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी भवन अधूरा है। कार्य में देरी और लापरवाही को देखते हुए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने कार्यदायी संस्था को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है। परियोजना अब व्यावसायिक शिक्षा विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। निर्माण पूरा कराने की जिम्मेदारी नई संस्था यूपी आरएनएन को सौंपी गई है।
बात दें कि राज्य सरकार ने वर्ष 2016 में जनपद के विभिन्न विकास खंडों में सात राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना का शिलान्यास किया था। हर केंद्र पर करीब आठ करोड़ 77 लाख 69 हजार रुपये खर्च किए जाने थे। निर्माण कार्य संतकबीरनगर की कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को सौंपा गया लेकिन 10 साल बीतने के बाद भी भवन तैयार नहीं हो सके। इसी में शोहरतगढ़ क्षेत्र के महादेवा नानकार में अप्रैल 2023 तक करीब पांच करोड़ 77 लाख रुपये खर्च कर 85 प्रतिशत कार्य पूरा कराया गया है लेकिन 2023 से 2026 तक 15 प्रतिशत अधूरे कार्य की वजह से न तो यहां कक्षाएं शुरू हो सकीं और न ही नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हो सकी।
इन संस्थानों का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को कम शुल्क पर गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बनाना था। मगर निर्माण में लापरवाही ने इस मंशा पर पानी फेर दिया। वर्षों से युवा इन केंद्रों के खुलने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन हर साल युवाओं को केवल आश्वासन ही मिला। विभाग इस सत्र से नामांकन शुरू कराने का दावा कर रहा है लेकिन विभाग का दावा फेल साबित हो रहा है। इसका संचालन शुरू होने से क्षेत्र के हजारों युवा तकनीकी शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगे और 50 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय पर जाने के लिए मजबूर नहीं होंगे।
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बोले छात्र
आईटीआई काॅलेज अधूरा होने से युवाओं प्रतिभा दब गई है। तकनीक शिक्षा आज के दौर सभी युवाओं की जरूरत है। इसी वजह से शासन ने आईटीआई का निर्माण कराया है लेकिन विभाग की लापरवाही निर्माण कार्य अधूरा है।
निखिल मौर्या
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वर्षों से युवा इन केंद्रों के खुलने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन हर साल युवाओं को केवल आश्वासन ही मिला। कार्य में देरी और लापरवाही की वजह से युवाओं का सपना अधूरा है।
राज साहनी
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बोले जिम्मेदार
निर्माण कार्य कराने वाले कार्यदायी संस्था को काली सूची में डाल दिया गया है। भवन को व्यावसायिक शिक्षा विभाग को स्थानांतरित कर दिया गया है। अब इसे पूरा करने की जिम्मेदारी इसी विभाग की है।
नीरज अग्रवाल, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी
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शासन से जब तक शिक्षकों की नियुक्ति करने के लिए मुख्यमंत्री पत्र भेजी गई है। नई कार्यदायी संस्था को बजट आवंटित हो गया है, जल्द ही कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस सत्र में नामांकन किया जाएगा।
सत्यदेव दुबे, प्राचार्य व्यवसायिक शिक्षा
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- शोहरतगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के महदेवा नानकार गांव में 10 साल पहले बन रहा था आईटीआई काॅलेज
शोहरतगढ़। स्थानीय ब्लाॅक के महदेवा नानकार में साढ़े पांच करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी भवन अधूरा है। कार्य में देरी और लापरवाही को देखते हुए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने कार्यदायी संस्था को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है। परियोजना अब व्यावसायिक शिक्षा विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। निर्माण पूरा कराने की जिम्मेदारी नई संस्था यूपी आरएनएन को सौंपी गई है।
बात दें कि राज्य सरकार ने वर्ष 2016 में जनपद के विभिन्न विकास खंडों में सात राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना का शिलान्यास किया था। हर केंद्र पर करीब आठ करोड़ 77 लाख 69 हजार रुपये खर्च किए जाने थे। निर्माण कार्य संतकबीरनगर की कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को सौंपा गया लेकिन 10 साल बीतने के बाद भी भवन तैयार नहीं हो सके। इसी में शोहरतगढ़ क्षेत्र के महादेवा नानकार में अप्रैल 2023 तक करीब पांच करोड़ 77 लाख रुपये खर्च कर 85 प्रतिशत कार्य पूरा कराया गया है लेकिन 2023 से 2026 तक 15 प्रतिशत अधूरे कार्य की वजह से न तो यहां कक्षाएं शुरू हो सकीं और न ही नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हो सकी।
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इन संस्थानों का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को कम शुल्क पर गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बनाना था। मगर निर्माण में लापरवाही ने इस मंशा पर पानी फेर दिया। वर्षों से युवा इन केंद्रों के खुलने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन हर साल युवाओं को केवल आश्वासन ही मिला। विभाग इस सत्र से नामांकन शुरू कराने का दावा कर रहा है लेकिन विभाग का दावा फेल साबित हो रहा है। इसका संचालन शुरू होने से क्षेत्र के हजारों युवा तकनीकी शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगे और 50 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय पर जाने के लिए मजबूर नहीं होंगे।
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आईटीआई काॅलेज अधूरा होने से युवाओं प्रतिभा दब गई है। तकनीक शिक्षा आज के दौर सभी युवाओं की जरूरत है। इसी वजह से शासन ने आईटीआई का निर्माण कराया है लेकिन विभाग की लापरवाही निर्माण कार्य अधूरा है।
निखिल मौर्या
वर्षों से युवा इन केंद्रों के खुलने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन हर साल युवाओं को केवल आश्वासन ही मिला। कार्य में देरी और लापरवाही की वजह से युवाओं का सपना अधूरा है।
राज साहनी
बोले जिम्मेदार
निर्माण कार्य कराने वाले कार्यदायी संस्था को काली सूची में डाल दिया गया है। भवन को व्यावसायिक शिक्षा विभाग को स्थानांतरित कर दिया गया है। अब इसे पूरा करने की जिम्मेदारी इसी विभाग की है।
नीरज अग्रवाल, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी
शासन से जब तक शिक्षकों की नियुक्ति करने के लिए मुख्यमंत्री पत्र भेजी गई है। नई कार्यदायी संस्था को बजट आवंटित हो गया है, जल्द ही कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस सत्र में नामांकन किया जाएगा।
सत्यदेव दुबे, प्राचार्य व्यवसायिक शिक्षा