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Siddharthnagar News: राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए न्यायिक अधिकारियों ने बनाई रणनीति
Wed, 12 Aug 2026 11:06 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 12 Aug 2026 11:06 PM IST
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- 12 सितंबर को होगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते की अधिक संभावना वाले मामलों को किया जाएगा प्राथमिकता में शामिल
- चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद, बैंक ऋण, विद्युत बिल और एमवी एक्ट के मामलों के निस्तारण पर जोर
सिद्धार्थनगर। 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से प्री-ट्रायल बैठक हुई। जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव तृतीय की अध्यक्षता में हुई बैठक में न्यायिक अधिकारियों ने अधिक से अधिक मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण कराने की रणनीति बनाई।
बैठक में जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत में उन्हीं वादों को प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाए, जिनमें पक्षकारों के बीच समझौते की प्रबल संभावना हो। उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों को अपने-अपने न्यायालयों में लंबित और विचारणीय मामलों की सूची तैयार करने तथा उनमें से अधिक से अधिक प्रकरणों का चयन कर निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
लोक अदालत में चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद, मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट), बैंक ऋण वसूली, विद्युत बिल विवाद, श्रम संबंधी मामलों के साथ अन्य सिविल प्रकृति के मामलों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। न्यायिक अधिकारियों ने अपने-अपने विचार रखते हुए राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।
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बस स्टेशन से बाजार तक होगा प्रचार-प्रसार
- राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी अपर जनपद न्यायाधीश बीरेंद्र कुमार ने सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शैलेंद्र नाथ को निर्देश दिए कि पैरालीगल वालंटियर के माध्यम से लोक अदालत का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। इसके लिए जिला मुख्यालय और तहसीलों में अधिक भीड़ वाले स्थानों पर लोगों को जानकारी देने की व्यवस्था की जाए।
न्यायालय, कलक्ट्रेट, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, हाट-बाजार, तहसील मुख्यालय और बैंकों में लोगों को लोक अदालत में निस्तारित किए जा सकने वाले मामलों की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को लोक अदालत से जोड़ना और जनसहभागिता सुनिश्चित करना है।
बैठक में अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद रफी, बीरेंद्र कुमार, त्रिभुवन नाथ, कनिष्क कुमार सिंह, मनोज कुमार तिवारी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुभव कटियार समेत अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
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- चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद, बैंक ऋण, विद्युत बिल और एमवी एक्ट के मामलों के निस्तारण पर जोर
सिद्धार्थनगर। 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से प्री-ट्रायल बैठक हुई। जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव तृतीय की अध्यक्षता में हुई बैठक में न्यायिक अधिकारियों ने अधिक से अधिक मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण कराने की रणनीति बनाई।
बैठक में जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत में उन्हीं वादों को प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाए, जिनमें पक्षकारों के बीच समझौते की प्रबल संभावना हो। उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों को अपने-अपने न्यायालयों में लंबित और विचारणीय मामलों की सूची तैयार करने तथा उनमें से अधिक से अधिक प्रकरणों का चयन कर निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
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लोक अदालत में चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद, मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट), बैंक ऋण वसूली, विद्युत बिल विवाद, श्रम संबंधी मामलों के साथ अन्य सिविल प्रकृति के मामलों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। न्यायिक अधिकारियों ने अपने-अपने विचार रखते हुए राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।
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बस स्टेशन से बाजार तक होगा प्रचार-प्रसार
- राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी अपर जनपद न्यायाधीश बीरेंद्र कुमार ने सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शैलेंद्र नाथ को निर्देश दिए कि पैरालीगल वालंटियर के माध्यम से लोक अदालत का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। इसके लिए जिला मुख्यालय और तहसीलों में अधिक भीड़ वाले स्थानों पर लोगों को जानकारी देने की व्यवस्था की जाए।
न्यायालय, कलक्ट्रेट, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, हाट-बाजार, तहसील मुख्यालय और बैंकों में लोगों को लोक अदालत में निस्तारित किए जा सकने वाले मामलों की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को लोक अदालत से जोड़ना और जनसहभागिता सुनिश्चित करना है।
बैठक में अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद रफी, बीरेंद्र कुमार, त्रिभुवन नाथ, कनिष्क कुमार सिंह, मनोज कुमार तिवारी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुभव कटियार समेत अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।