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Siddharthnagar News: वायरस संक्रमण और प्रतिरक्षा तंत्र को समझने में आणविक अध्ययन अहम
Wed, 12 Aug 2026 11:02 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 12 Aug 2026 11:02 PM IST
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विवि, कपिलवस्तु के प्राणी विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान शृंखला के तहत आमंत्रित व्याख्यान का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया गया। इसमें मुख्य वक्ता एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. योगेश के. गुप्ता ने वायरस संक्रमण और प्रतिरक्षा तंत्र को समझने में आणविक अध्ययन को अहम बताया।
मानव व विषाणुजनित आरएनए मिथाइलट्रांसफरेज की संरचना और कार्यविधि विषय पर आयोजित व्याख्यान में अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एट सैन एंटोनियो हेल्थ साइंस सेंटर और ग्रीहे चिल्ड्रंस कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गुप्ता ने बताया कि आरएनए में होने वाले विभिन्न प्रकार के संशोधन कोशिकाओं के भीतर जीन की गतिविधियों और कई जैविक प्रक्रियाओं के नियमन के लिए महत्वपूर्ण हैं। आरएनए मिथाइलट्रांसफरेज ऐसे एंजाइम हैं, जो आरएनए में मिथाइल समूह जोड़ने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
व्याख्यान के दौरान डॉ. गुप्ता ने नवीन संरचनात्मक जीवविज्ञान तकनीकों के माध्यम से आरएनए मिथाइलट्रांसफरेज एंजाइमों की संरचना और कार्यप्रणाली को समझने के लिए किए गए शोध पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने आणविक स्तर पर इन एंजाइमों के अध्ययन से प्राप्त निष्कर्षों को विद्यार्थियों और शोधार्थियों से साझा किए। व्याख्यान के बाद प्रतिभागियों ने विषय से जुड़े सवाल भी पूछे, जिनका वक्ता ने विस्तार से जवाब दिया।
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विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रो. प्रकृति राय ने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान विद्यार्थियों और शोधार्थियों को देश-दुनिया में चल रहे नवीनतम वैज्ञानिक अनुसंधानों से परिचित कराने का प्रभावी माध्यम हैं। इससे विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर शोध की नई संभावनाओं को समझने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम के सह संयोजक डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए उनके वैज्ञानिक योगदानों का परिचय कराया। सह-संयोजिका डॉ. विनीता रावत ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. कपिल गुप्ता, डॉ. मनीषा बाजपेयी सहित अन्य शिक्षक, विद्यार्थी और शोधार्थी मौजूद रहे।
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मानव व विषाणुजनित आरएनए मिथाइलट्रांसफरेज की संरचना और कार्यविधि विषय पर आयोजित व्याख्यान में अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एट सैन एंटोनियो हेल्थ साइंस सेंटर और ग्रीहे चिल्ड्रंस कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गुप्ता ने बताया कि आरएनए में होने वाले विभिन्न प्रकार के संशोधन कोशिकाओं के भीतर जीन की गतिविधियों और कई जैविक प्रक्रियाओं के नियमन के लिए महत्वपूर्ण हैं। आरएनए मिथाइलट्रांसफरेज ऐसे एंजाइम हैं, जो आरएनए में मिथाइल समूह जोड़ने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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व्याख्यान के दौरान डॉ. गुप्ता ने नवीन संरचनात्मक जीवविज्ञान तकनीकों के माध्यम से आरएनए मिथाइलट्रांसफरेज एंजाइमों की संरचना और कार्यप्रणाली को समझने के लिए किए गए शोध पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने आणविक स्तर पर इन एंजाइमों के अध्ययन से प्राप्त निष्कर्षों को विद्यार्थियों और शोधार्थियों से साझा किए। व्याख्यान के बाद प्रतिभागियों ने विषय से जुड़े सवाल भी पूछे, जिनका वक्ता ने विस्तार से जवाब दिया।
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विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रो. प्रकृति राय ने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान विद्यार्थियों और शोधार्थियों को देश-दुनिया में चल रहे नवीनतम वैज्ञानिक अनुसंधानों से परिचित कराने का प्रभावी माध्यम हैं। इससे विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर शोध की नई संभावनाओं को समझने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम के सह संयोजक डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए उनके वैज्ञानिक योगदानों का परिचय कराया। सह-संयोजिका डॉ. विनीता रावत ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. कपिल गुप्ता, डॉ. मनीषा बाजपेयी सहित अन्य शिक्षक, विद्यार्थी और शोधार्थी मौजूद रहे।