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Siddharthnagar News: जनाबे सकीना की शहादत की याद में निकाला गया अलम ताबूत का जुलूस
Tue, 04 Aug 2026 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 04 Aug 2026 12:12 AM IST
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डुमरियागंज क्षेत्र के कस्बा हल्लौर में चेहल्लुम की आठवीं की रात निकाले गए अलम ताबूत के जुलूस
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सिद्धार्थनगर। चेहल्लुम की आठवीं पर रविवार रात डुमरियागंज क्षेत्र के कस्बा हल्लौर में अकीदतमंदों ने अलम-ताबूत का जुलूस निकालकर देर रात तक नौहा-मातम किया। हजरत इमाम हुसैन की लाडली मासूम बेटी जनाबे सकीना की शहादत की याद में जगह-जगह मरसिया मजलिस आयोजित की गई। डुमरियागंज क्षेत्र के हल्लौर स्थित जनाबे सकीना के रौजे से रविवार की रात 11 बजे नायाब हैदर की देखरेख में अलम और ताबूत का जुलूस निकाला गया। अली असगर के रौजे इमामबारगाह वक्फ शाह आलमगीर सानी और दरगाह हजरत अब्बास होते हुए वापस जनाबे सकीना के रौजे पर पहुंचकर संपन्न हुआ। इस मौके पर आयोजित मजलिस में जाकिर जमाल हैदर और अजीम हैदर ने जनाबे सकीना पर कैदखाने जिनदाने शाम में यजीदी लश्कर की तरफ से ढाए गए जुल्म, सितम और अत्याचार को विस्तार से बयां किया। जनाबे सकीना का मसायब सुनकर अकीदतमंद हाय सकीना, हाय अब्बास की सदा बुलंद कर रो पडे़।
मजलिस से पहले मरसियाख्वानी शाहिद आलम और उनके सहयोगी ने की। जुलूस में सकीना की शहादत पर आधारित दर्द भरे नौहे पढे़ गए। इस पर अकीदतमंदो ने पूरी शिद्दत से मातम किया। इससे पूर्व दरगाह हजरत अब्बास में मरसिया मजलिस आयोजित की गई, जिसमें जाकिर शजर हैदर जैगम ने हजरत अब्बास के फजायल और मसायब को बयान किए। मजलिस में भारी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
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मजलिस से पहले मरसियाख्वानी शाहिद आलम और उनके सहयोगी ने की। जुलूस में सकीना की शहादत पर आधारित दर्द भरे नौहे पढे़ गए। इस पर अकीदतमंदो ने पूरी शिद्दत से मातम किया। इससे पूर्व दरगाह हजरत अब्बास में मरसिया मजलिस आयोजित की गई, जिसमें जाकिर शजर हैदर जैगम ने हजरत अब्बास के फजायल और मसायब को बयान किए। मजलिस में भारी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
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