{"_id":"6a383555e567007cf4090777","slug":"11-shelters-will-serve-as-a-refuge-for-flood-victims-sitapur-news-c-102-1-stp1002-158486-2026-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: 11 आश्रय स्थल बनेंगे बाढ़ पीड़ितों का ठिकाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: 11 आश्रय स्थल बनेंगे बाढ़ पीड़ितों का ठिकाना
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 22 Jun 2026 12:32 AM IST
विज्ञापन
रामपुर मथुरा क्षेत्र में बाढ़ के दौरान नाव से आवागमन करते लोग । (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रामपुर मथुरा। बाढ़ से निपटने के लिए महमूदाबाद तहसील प्रशासन की तैयारियां चाक-चौबंद हैं। बाढ़ आने पर प्रभावित लोगों को राहत उपलब्ध कराने के लिए कार्ययोजना बना ली गई है। बाढ़ पीड़ितों के लिए 11 आश्रय स्थल चिह्नित किए गए हैं। यहां कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। बाढ़ राहत चौकियों का चयन भी कर लिया गया है।
हर साल बारिश के सीजन में सरयू नदी उफनाती है। बाढ़ आने पर तटवर्ती कई गांवों की सैकड़ों की आबादी प्रभावित होती है। कई परिवारों को घर छोड़कर सुरक्षित ठिकाना तलाशना पड़ता है। बाढ़ का पानी घरों से निकलने तक तिरपाल या पॉलिथीन तानकर इन्हें गुजर-बसर करनी पड़ती है।
बाढ़ पीड़ितों के राहत व बचाव को लेकर प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। सबसे ज्यादा सरयू के किनारे बसी सात ग्राम पंचायतें बाढ़ से प्रभावित होती हैं। इन गांवों के बाढ़ पीड़ितों के लिए 11 आश्रय स्थल घोषित किए गए हैं। इनमें चार अतिरिक्त आश्रय स्थल शामिल हैं।
विज्ञापन
कनरखी, अटौरा व शुकुलपुरवा के बाशिंदों के लिए छोटेलरल मिश्रा इंटर कॉलेज रामपुर मथुरा, अखरी व कलुवापुर के लिए भमराव आंबेडकर डिग्री कॉलेज चिमलई, अंगरौरा के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय एवं जूनियर हाईस्कूल नहरवल मजरा उमरीगनेशपुर, केवड़ा के लिए प्राथमिक विद्यालय केवड़ा को आश्रय स्थल के तौर पर चिह्नित किया गया है।
अतिरिक्त चार आश्रय स्थलों में कनरखी के लिए प्राथमिक विद्यालय धांधी, कलुवापुर के लिए प्राथमिक विद्यालय कलुवापुर, अटौरा के लिए बरुही के कंपोजिट विद्यालय तथा केवड़ा के लिए प्राथमिक विद्यालय कोठार शामिल हैं। यहां बाढ़ पीड़ितों के रहने व खाने की व्यवस्था प्रशासन करेगा।
इसके अलावा बाढ़ आने पर पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण किया जाएगा। इसके लिए रामपुर मथुरा ब्लॉक, बाढ़ कार्य खंड अखरी तथा स्वास्थ्य उपकेंद्र नयापुरवा को बाढ़ राहत चौकी घोषित किया गया है।
-- --
बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएंगे 38 नाविक
प्रशासन की ओर से इस बार 38 नावों का इंतजाम किया गया है। प्रत्येक नाव पर एक नाविक की तैनाती कर दी गई है। ये नाविक बाढ़ आने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाएंगे। इसके अलावा गांवों में पानी भरने पर आवागमन का मुख्य साधन भी नावें ही बनती हैं। सैलाब में फंसे ग्रामीणों तक नावों के जरिये ही राहत सामग्री पहुंचाई जाती है।
-- --
आश्रय स्थल चिह्नित, सभी जरूरी तैयारियां पूरी
बाढ़ पीड़ितों के लिए आश्रय स्थल चिह्नित किए जा चुके हैं। भीषण बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों को इन आश्रय स्थलों पर भेजा जाएगा। आश्रय स्थलों में रहने व खाने से संबंधित समस्त व्यवस्थाएं उपलब्ध रहेंगी। नावों व बाढ़ राहत चौकियों की व्यवस्था भी कर ली गई है।
-उमाशंकर त्रिपाठी, तहसीलदार, महमूदाबाद
हर साल बारिश के सीजन में सरयू नदी उफनाती है। बाढ़ आने पर तटवर्ती कई गांवों की सैकड़ों की आबादी प्रभावित होती है। कई परिवारों को घर छोड़कर सुरक्षित ठिकाना तलाशना पड़ता है। बाढ़ का पानी घरों से निकलने तक तिरपाल या पॉलिथीन तानकर इन्हें गुजर-बसर करनी पड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाढ़ पीड़ितों के राहत व बचाव को लेकर प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। सबसे ज्यादा सरयू के किनारे बसी सात ग्राम पंचायतें बाढ़ से प्रभावित होती हैं। इन गांवों के बाढ़ पीड़ितों के लिए 11 आश्रय स्थल घोषित किए गए हैं। इनमें चार अतिरिक्त आश्रय स्थल शामिल हैं।
कनरखी, अटौरा व शुकुलपुरवा के बाशिंदों के लिए छोटेलरल मिश्रा इंटर कॉलेज रामपुर मथुरा, अखरी व कलुवापुर के लिए भमराव आंबेडकर डिग्री कॉलेज चिमलई, अंगरौरा के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय एवं जूनियर हाईस्कूल नहरवल मजरा उमरीगनेशपुर, केवड़ा के लिए प्राथमिक विद्यालय केवड़ा को आश्रय स्थल के तौर पर चिह्नित किया गया है।
अतिरिक्त चार आश्रय स्थलों में कनरखी के लिए प्राथमिक विद्यालय धांधी, कलुवापुर के लिए प्राथमिक विद्यालय कलुवापुर, अटौरा के लिए बरुही के कंपोजिट विद्यालय तथा केवड़ा के लिए प्राथमिक विद्यालय कोठार शामिल हैं। यहां बाढ़ पीड़ितों के रहने व खाने की व्यवस्था प्रशासन करेगा।
इसके अलावा बाढ़ आने पर पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण किया जाएगा। इसके लिए रामपुर मथुरा ब्लॉक, बाढ़ कार्य खंड अखरी तथा स्वास्थ्य उपकेंद्र नयापुरवा को बाढ़ राहत चौकी घोषित किया गया है।
बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएंगे 38 नाविक
प्रशासन की ओर से इस बार 38 नावों का इंतजाम किया गया है। प्रत्येक नाव पर एक नाविक की तैनाती कर दी गई है। ये नाविक बाढ़ आने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाएंगे। इसके अलावा गांवों में पानी भरने पर आवागमन का मुख्य साधन भी नावें ही बनती हैं। सैलाब में फंसे ग्रामीणों तक नावों के जरिये ही राहत सामग्री पहुंचाई जाती है।
आश्रय स्थल चिह्नित, सभी जरूरी तैयारियां पूरी
बाढ़ पीड़ितों के लिए आश्रय स्थल चिह्नित किए जा चुके हैं। भीषण बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों को इन आश्रय स्थलों पर भेजा जाएगा। आश्रय स्थलों में रहने व खाने से संबंधित समस्त व्यवस्थाएं उपलब्ध रहेंगी। नावों व बाढ़ राहत चौकियों की व्यवस्था भी कर ली गई है।
-उमाशंकर त्रिपाठी, तहसीलदार, महमूदाबाद