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Sitapur News: अग्निकांड में बिसवां के आदित्य की भी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 23 Jun 2026 12:03 AM IST
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आदित्य की फाइल फोटो व बिसवां स्थित घर में पसरा सन्नाटा। संवाद
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बिसवां। लखनऊ के कोचिंग सेंटर में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड में कैथी टोला निवासी अधिवक्ता आलोक श्रीवास्तव के पुत्र आदित्य श्रीवास्तव (24) की भी जान चली गई। लखनऊ के अलीगंज के सेक्टर डी स्थित हेड एंड हॉपर्स एनिमेशन एंड गेमिंग जोन में सोमवार दोपहर लगी आग में धुएं से दम घुटने से आदित्य अचेत हो गए थे। अस्पताल पहुंचाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
कैथी टोला निवासी आलोक श्रीवास्तव बिसवां तहसील में वकालत करते हैं। उनकी पत्नी कल्पना श्रीवास्तव प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र हैं। आलोक व कल्पना के बड़े पुत्र आदित्य लखनऊ में पढ़ाई करते थे। अलीगंज स्थित कोचिंग के भवन के एक प्रतिष्ठान में ही आदित्य नौकरी भी करते थे।
अग्निकांड के समय आदित्य उसी भवन में मौजूद थे। एसी का कंप्रेशर फटने से लगी आग में आदित्य फंस गए थे। धुएं में दम घुटने से वह अचेत हो गए थे। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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हादसे की खबर मिलते ही परिवार के लोग लखनऊ रवाना हो गए। क्षेत्र के लोगों ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।
जर्जर भवन में चल रहे कोचिंग सेंटर
सीतापुर। शहर के कई कोचिंग सेंटर में आग बुझाने के इंतजाम ही नहीं हैं। कई नामी कोचिंग सेंटर तो जर्जर भवनों में चल रहे हैं। यह सेंटर मोटी फीस वसूलने के बावजूद बच्चों की सुरक्षा का कोई ख्याल नहीं रखते हैं। आग बुझाने के नाम पर उनके पास एक अग्निशमन यंत्र भी नहीं मिला। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में 50 कोचिंग संस्थान पंजीकृत हैं।
लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में सोमवार दोपहर आग लगने से 15 छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद संवाद न्यूज़ एजेंसी की टीम ने शहर में रियल्टी चेक किया। इसमें कोचिंग सेंटर के हालात काफी खराब मिले। जर्जर व निजी भवनों में हाई प्रोफाइल कोचिंग क्लास चलते मिले। कुछ में तो एसी भी चल रहे थे। विद्युत तारों का ऐसा जाल फैला मिला कि अगर आग लगे तो बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। किसी भी संस्थान में इमरजेंसी गेट नहीं मिला। मोटी फीस वसूलने वाले इन कोचिंग सेंटर की तरफ शिक्षा, अग्निशमन आदि विभागों का ध्यान भी नहीं जाता है।
कैथी टोला निवासी आलोक श्रीवास्तव बिसवां तहसील में वकालत करते हैं। उनकी पत्नी कल्पना श्रीवास्तव प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र हैं। आलोक व कल्पना के बड़े पुत्र आदित्य लखनऊ में पढ़ाई करते थे। अलीगंज स्थित कोचिंग के भवन के एक प्रतिष्ठान में ही आदित्य नौकरी भी करते थे।
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अग्निकांड के समय आदित्य उसी भवन में मौजूद थे। एसी का कंप्रेशर फटने से लगी आग में आदित्य फंस गए थे। धुएं में दम घुटने से वह अचेत हो गए थे। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
हादसे की खबर मिलते ही परिवार के लोग लखनऊ रवाना हो गए। क्षेत्र के लोगों ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।
जर्जर भवन में चल रहे कोचिंग सेंटर
सीतापुर। शहर के कई कोचिंग सेंटर में आग बुझाने के इंतजाम ही नहीं हैं। कई नामी कोचिंग सेंटर तो जर्जर भवनों में चल रहे हैं। यह सेंटर मोटी फीस वसूलने के बावजूद बच्चों की सुरक्षा का कोई ख्याल नहीं रखते हैं। आग बुझाने के नाम पर उनके पास एक अग्निशमन यंत्र भी नहीं मिला। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में 50 कोचिंग संस्थान पंजीकृत हैं।
लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में सोमवार दोपहर आग लगने से 15 छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद संवाद न्यूज़ एजेंसी की टीम ने शहर में रियल्टी चेक किया। इसमें कोचिंग सेंटर के हालात काफी खराब मिले। जर्जर व निजी भवनों में हाई प्रोफाइल कोचिंग क्लास चलते मिले। कुछ में तो एसी भी चल रहे थे। विद्युत तारों का ऐसा जाल फैला मिला कि अगर आग लगे तो बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। किसी भी संस्थान में इमरजेंसी गेट नहीं मिला। मोटी फीस वसूलने वाले इन कोचिंग सेंटर की तरफ शिक्षा, अग्निशमन आदि विभागों का ध्यान भी नहीं जाता है।

आदित्य की फाइल फोटो व बिसवां स्थित घर में पसरा सन्नाटा। संवाद