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Sitapur News: 10 वर्ष बाद भी नहीं शुरू हुई पेयजल आपूर्ति, मशीनों में लगी जंक
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 13 Mar 2026 12:19 AM IST
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जहांगीराबाद (सीतापुर)। बिसवां विकास खंड की ग्राम पंचायत जहांगीराबाद में जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई पानी की टंकी दस वर्ष बाद भी शुरू नहीं हो सकी है। टंकी का ढांचा तैयार होने और गांवों में पाइपलाइन बिछाने के बावजूद आज तक ग्रामीणों को नल से पानी नहीं मिल सका है।
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2016 में पानी की टंकी का निर्माण शुरू हुआ था। निर्माण के दौरान खर्च की सही जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की गई। टंकी का ढांचा तैयार कर मशीनें लगा दी गईं और गांव में पाइपलाइन बिछाकर घरों में कनेक्शन भी दे दिए गए। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब हर घर तक नल से पानी पहुंचेगा, लेकिन दस वर्ष बीत जाने के बाद भी यह योजना शुरू नहीं हो सकी।
ग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने और कनेक्शन देने का कार्य करीब सात वर्ष पहले पूरा हो गया था, लेकिन विभाग आज तक एक बूंद पानी की आपूर्ति नहीं करा सका है। लंबे समय से उपयोग न होने के कारण टंकी परिसर में लगी मशीनों में जंग भी लगने लगी है।
पाइपलाइन में लीकेज, पहले ट्रायल में ही फेल हुई थी योजना
ग्रामीण हरिनाम वर्मा, सबाहुद्दीन, रामसिंह वर्मा, रामकुमार और राकेश नंद का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि टंकी निर्माण और पाइपलाइन बिछाने में अनियमितताएं हुई हैं।
बताया कि योजना का ट्रायल पहले ही प्रयास में फेल हो गया था। पाइपलाइन में जगह-जगह लीकेज होने से पानी सड़कों पर भर गया था। बाद में कई बार खुदाई कर पाइपलाइन के जोड़ ठीक किए गए, लेकिन समस्या दूर नहीं हो सकी।
आठ मजरों के ग्रामीणों को नहीं मिला नल से जल
ग्राम पंचायत जहांगीराबाद के आठ मजरे—छठवान, फरदापुर, मवासेपुर, मीनापुर, गनुवापुर, रघुनाथपुर, अहरोरी, दानपुरवा और कहारन पुरवा—के ग्रामीणों को आज तक नल से पानी नहीं मिल पाया है।
योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर बड़ी पानी की टंकी, दो जनरेटर कक्ष और स्टील पाइपलाइन के माध्यम से सभी घरों को कनेक्शन देकर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अब तक यह कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी।
बीटीएल कंपनी को दी गई है जिम्मेदारी
इस संबंध में जल निगम के सहायक अभियंता अखिलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत योजना का संचालन करने में सक्षम नहीं रही। अब बीटीएल कंपनी को संचालन की जिम्मेदारी दी जा रही है। डीपीआर संशोधित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वीकृति मिलते ही योजना का लाभ ग्रामीणों को मिलने लगेगा।
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ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2016 में पानी की टंकी का निर्माण शुरू हुआ था। निर्माण के दौरान खर्च की सही जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की गई। टंकी का ढांचा तैयार कर मशीनें लगा दी गईं और गांव में पाइपलाइन बिछाकर घरों में कनेक्शन भी दे दिए गए। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब हर घर तक नल से पानी पहुंचेगा, लेकिन दस वर्ष बीत जाने के बाद भी यह योजना शुरू नहीं हो सकी।
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ग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने और कनेक्शन देने का कार्य करीब सात वर्ष पहले पूरा हो गया था, लेकिन विभाग आज तक एक बूंद पानी की आपूर्ति नहीं करा सका है। लंबे समय से उपयोग न होने के कारण टंकी परिसर में लगी मशीनों में जंग भी लगने लगी है।
पाइपलाइन में लीकेज, पहले ट्रायल में ही फेल हुई थी योजना
ग्रामीण हरिनाम वर्मा, सबाहुद्दीन, रामसिंह वर्मा, रामकुमार और राकेश नंद का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि टंकी निर्माण और पाइपलाइन बिछाने में अनियमितताएं हुई हैं।
बताया कि योजना का ट्रायल पहले ही प्रयास में फेल हो गया था। पाइपलाइन में जगह-जगह लीकेज होने से पानी सड़कों पर भर गया था। बाद में कई बार खुदाई कर पाइपलाइन के जोड़ ठीक किए गए, लेकिन समस्या दूर नहीं हो सकी।
आठ मजरों के ग्रामीणों को नहीं मिला नल से जल
ग्राम पंचायत जहांगीराबाद के आठ मजरे—छठवान, फरदापुर, मवासेपुर, मीनापुर, गनुवापुर, रघुनाथपुर, अहरोरी, दानपुरवा और कहारन पुरवा—के ग्रामीणों को आज तक नल से पानी नहीं मिल पाया है।
योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर बड़ी पानी की टंकी, दो जनरेटर कक्ष और स्टील पाइपलाइन के माध्यम से सभी घरों को कनेक्शन देकर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अब तक यह कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी।
बीटीएल कंपनी को दी गई है जिम्मेदारी
इस संबंध में जल निगम के सहायक अभियंता अखिलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत योजना का संचालन करने में सक्षम नहीं रही। अब बीटीएल कंपनी को संचालन की जिम्मेदारी दी जा रही है। डीपीआर संशोधित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वीकृति मिलते ही योजना का लाभ ग्रामीणों को मिलने लगेगा।