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Sitapur News: खुले में पड़ीं एक्सपायर्ड दवाएं व वैक्सीन
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 01 Apr 2026 12:13 AM IST
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खुले में पड़ी एक्सपायर्ड दवाएं।
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सीतापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोंदलामऊ में मंगलवार को एक्सपायर्ड दवाएं खुले में पड़ी मिलीं। स्वास्थ्य केंद्र परिसर के अंदर खुले में लगे एक्सपायर्ड दवाओं के ढेर जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। साथ ही इलाज के लिए आने वाले मरीजों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
सीएचसी में उपचार कराने आए मरीजों ने बताया कि परिसर में पैरासिटामोल, ओपी सीजेड, एजोएक्ट-500, एल्डरजिन, बेटा फोर्स समेत कई दवाइयां खुले में पड़ी हैं। इनमें कुछ रेबीज की वैक्सीन की शीशियाँ भी हैं। इन्हें उपयोग में लाने की तिथि वर्ष 2027 तक दर्ज है, फिर भी उन्हें लावारिस हालत में एक्सपायर्ड दवाओं के साथ ढेर पर फेंक दिया गया है।
मरीजों का कहना है कि खुले में पड़ी दवाओं के बच्चों के संपर्क में आने का खतरा भी बना रहता है। सीएचसी अधीक्षक डॉ धीरज मिश्रा ने बताया कि यह दवाएं अस्पताल के स्टॉक की नहीं हैं। यह दवाएं कोविड काल के दौरान वर्ष 2020 में स्वयंसेवी संस्था मिलन फाउंडेशन की मेडिसिन किट का हिस्सा थीं। उस समय कुछ दवाएं एक्सपायर्ड डेट के करीब होने के कारण शेष रह गई थीं। इन्हें एक निष्प्रयोज्य भवन में रख दिया गया था। यह भवन कोविड-19 के दौरान आरटीपीसीआर सैंपल संग्रह के लिए उपयोग में लाया जाता था।
बाद में वही दवाएं बच्चों ने खेलते समय खिड़की से बाहर फेंक दी। इसी कारण वह परिसर में बिखर गईं हैं। जल्द ही इन्हें हटाकर सुरक्षित तरह से निस्तारित कराया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि इन दवाओं का कोई भी संबंध यूपी मेडिकल कॉरपोरेशन, ड्रग वेयरहाउस और सीएमएसडी सीतापुर से नहीं है।
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सीएचसी में उपचार कराने आए मरीजों ने बताया कि परिसर में पैरासिटामोल, ओपी सीजेड, एजोएक्ट-500, एल्डरजिन, बेटा फोर्स समेत कई दवाइयां खुले में पड़ी हैं। इनमें कुछ रेबीज की वैक्सीन की शीशियाँ भी हैं। इन्हें उपयोग में लाने की तिथि वर्ष 2027 तक दर्ज है, फिर भी उन्हें लावारिस हालत में एक्सपायर्ड दवाओं के साथ ढेर पर फेंक दिया गया है।
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मरीजों का कहना है कि खुले में पड़ी दवाओं के बच्चों के संपर्क में आने का खतरा भी बना रहता है। सीएचसी अधीक्षक डॉ धीरज मिश्रा ने बताया कि यह दवाएं अस्पताल के स्टॉक की नहीं हैं। यह दवाएं कोविड काल के दौरान वर्ष 2020 में स्वयंसेवी संस्था मिलन फाउंडेशन की मेडिसिन किट का हिस्सा थीं। उस समय कुछ दवाएं एक्सपायर्ड डेट के करीब होने के कारण शेष रह गई थीं। इन्हें एक निष्प्रयोज्य भवन में रख दिया गया था। यह भवन कोविड-19 के दौरान आरटीपीसीआर सैंपल संग्रह के लिए उपयोग में लाया जाता था।
बाद में वही दवाएं बच्चों ने खेलते समय खिड़की से बाहर फेंक दी। इसी कारण वह परिसर में बिखर गईं हैं। जल्द ही इन्हें हटाकर सुरक्षित तरह से निस्तारित कराया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि इन दवाओं का कोई भी संबंध यूपी मेडिकल कॉरपोरेशन, ड्रग वेयरहाउस और सीएमएसडी सीतापुर से नहीं है।