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Sitapur News: बिना मानकों के चल रहे अवैध अस्पताल, नहीं लग पा रही लगाम
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 25 Mar 2026 11:44 PM IST
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फोटो-07महमूदाबाद में अवैध अस्पताल सील करते एडीएम बीके सिंह। संवाद
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महमूदाबाद (सीतापुर)। क्षेत्र में लगातार निजी अस्पतालों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। इन अस्पतालों को लाइसेंस जिन डॉक्टरों की डिग्री पर दिए जा रहे हैं वह डॉक्टर इलाज के समय दिखाई नहीं देते हैं। विशेषज्ञों की जगह बिना डिग्रीधारक लोग मरीजों का इलाज कर रहे हैं। यह कई बार जांच के दौरान सामने आ चुकी है। इसके बाद भी इन पर लगाम नहीं लग पा रही है। यह झोलाछाप आए दिन किसी न किसी मरीज की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर की सख्ती के बाद ऐसे अस्पतालों पर तेजी से कार्रवाई तो हुई लेकिन चोरी छिपे कई क्षेत्रों में आज भी ऐसे अस्पताल तेजी से सक्रिय हैं। काफी संख्या में लोग क्लीनिक में ही अस्पताल चला रहे हैं। एक सप्ताह पहले स्वास्थ्य विभाग ने एक घर में ऐसे ही अस्पताल का भंडाफोड़ किया था। वहां एक कमरे में महिला का प्रसव किया जा रहा था। महमूदाबाद तहसील क्षेत्र काफी विस्तृत है। ग्रामीण क्षेत्रों तक निजी अस्पतालों का जाल फैला हुआ है। कस्बे में सिधौली मार्ग, पैतेंपुर सड़क, लखनऊ सड़क, बिसवां सड़क, गोड़ैचा मार्ग पर तमाम अस्पताल खुल चुके हैं। यह मानकों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इसमें बेहमा, रामपुर मथुरा, गोड़ैचा, बांसुरा, बिलौली, सिरौली, सरैंया आदि इलाकों में झोलाछाप की भरमार है।
मौत के बाद शुरू होती है कार्रवाई
अस्पतालों में इलाज के दौरान मरीजों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई शुरू करता है। जांच टीम गठित होती है और अस्पताल को सील किया जाता है। पूर्व के कई मामले महमूदाबाद में सामने आ चुके हैं। परिजनों के हंगामे के बाद कार्रवाई हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिरकार जब झोलाछाप की लापरवाही से मौतें हो रही हैं तो जिम्मेदार पहले क्यों नहीं जागते।
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जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर की सख्ती के बाद ऐसे अस्पतालों पर तेजी से कार्रवाई तो हुई लेकिन चोरी छिपे कई क्षेत्रों में आज भी ऐसे अस्पताल तेजी से सक्रिय हैं। काफी संख्या में लोग क्लीनिक में ही अस्पताल चला रहे हैं। एक सप्ताह पहले स्वास्थ्य विभाग ने एक घर में ऐसे ही अस्पताल का भंडाफोड़ किया था। वहां एक कमरे में महिला का प्रसव किया जा रहा था। महमूदाबाद तहसील क्षेत्र काफी विस्तृत है। ग्रामीण क्षेत्रों तक निजी अस्पतालों का जाल फैला हुआ है। कस्बे में सिधौली मार्ग, पैतेंपुर सड़क, लखनऊ सड़क, बिसवां सड़क, गोड़ैचा मार्ग पर तमाम अस्पताल खुल चुके हैं। यह मानकों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इसमें बेहमा, रामपुर मथुरा, गोड़ैचा, बांसुरा, बिलौली, सिरौली, सरैंया आदि इलाकों में झोलाछाप की भरमार है।
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मौत के बाद शुरू होती है कार्रवाई
अस्पतालों में इलाज के दौरान मरीजों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई शुरू करता है। जांच टीम गठित होती है और अस्पताल को सील किया जाता है। पूर्व के कई मामले महमूदाबाद में सामने आ चुके हैं। परिजनों के हंगामे के बाद कार्रवाई हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिरकार जब झोलाछाप की लापरवाही से मौतें हो रही हैं तो जिम्मेदार पहले क्यों नहीं जागते।