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Sitapur News: मध्य प्रदेश से आई्रं नलिनी माधव ने कराया अग्निहोत्र, दिया प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 14 Mar 2026 12:04 AM IST
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सीतापुर। बिसवां ब्लॉक के भिनैनी गांव में मध्य प्रदेश के माधव आश्रम की संचालिका नलिनी माधव ने शुक्रवार को 100 लोगों को अग्निहोत्र कृषि का प्रशिक्षण दिया। महाराणा प्रताप अमृत सरोवर पर आयोजित कार्यक्रम में करीब दो सौ लोगों ने सामूहिक अग्निहोत्र किया। इस मौके पर नलिनी माधव ने कहा कि अग्निहोत्र पर्यावरण को शुद्ध करता है। गाय के बिना खेती की कल्पना अधूरी है।
उन्होंने बताया कि अग्निहोत्र भस्म से पौधों में आए हुए रोग दूर होते हैं। भस्म का प्रयोग करने से उत्पादित अनाज लोगों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। जैविक खाद और कीटनाशक जमीन को तैयार करने में भी मददगार साबित होते हैं। इस लिए किसानों को अग्निहोत्र के बारे में जागरूक बनाया जा रहा हैै। इसका उद्देश्य खेती किसानी के तरीकों में बदलाव लाना है। इसमें गाय का गोबर और गोमूत्र अत्यंत लाभकारी होता है।
नलिनी माधव ने बताया कि पौधा जमीन से 10 प्रतिशत और पर्यावरण से 90 प्रतिशत तक खुराक लेता है। भिनैनी ग्राम में कृषि प्रशिक्षण का कार्य बहुत उत्तम रहता है। सामूहिक अग्निहोत्र में लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया है, ऐसा प्रतीत होता है कि आने वाले समय में अग्निहोत्र कृषि पूरे जिले में फैल जाएगा।
किसानों को किया जागरूक
कार्यक्रम स्थल पर जागरूकता के लिए एक स्टाॅल भी लगाया गया। इस पर अग्निहोत्र से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी वाली पुस्तकें उपलब्ध कराई गई। इसके माध्यम से अग्निहोत्र करने की विधि और इसकी भस्म का खेती में कैसे प्रयोग किया जाएगा, इसकी विस्तार से जानकारी दी गई। केवीके कटिया के अध्यक्ष डा. दया शंकर श्रीवास्तव ने प्राकृतिक खेती के महत्व को बताया।
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उन्होंने बताया कि अग्निहोत्र भस्म से पौधों में आए हुए रोग दूर होते हैं। भस्म का प्रयोग करने से उत्पादित अनाज लोगों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। जैविक खाद और कीटनाशक जमीन को तैयार करने में भी मददगार साबित होते हैं। इस लिए किसानों को अग्निहोत्र के बारे में जागरूक बनाया जा रहा हैै। इसका उद्देश्य खेती किसानी के तरीकों में बदलाव लाना है। इसमें गाय का गोबर और गोमूत्र अत्यंत लाभकारी होता है।
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नलिनी माधव ने बताया कि पौधा जमीन से 10 प्रतिशत और पर्यावरण से 90 प्रतिशत तक खुराक लेता है। भिनैनी ग्राम में कृषि प्रशिक्षण का कार्य बहुत उत्तम रहता है। सामूहिक अग्निहोत्र में लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया है, ऐसा प्रतीत होता है कि आने वाले समय में अग्निहोत्र कृषि पूरे जिले में फैल जाएगा।
किसानों को किया जागरूक
कार्यक्रम स्थल पर जागरूकता के लिए एक स्टाॅल भी लगाया गया। इस पर अग्निहोत्र से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी वाली पुस्तकें उपलब्ध कराई गई। इसके माध्यम से अग्निहोत्र करने की विधि और इसकी भस्म का खेती में कैसे प्रयोग किया जाएगा, इसकी विस्तार से जानकारी दी गई। केवीके कटिया के अध्यक्ष डा. दया शंकर श्रीवास्तव ने प्राकृतिक खेती के महत्व को बताया।