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Sitapur News: वैज्ञानिकों ने किया मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन अपनाने का आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 19 Jun 2026 12:21 AM IST
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सीतापुर। विकसित कृषि संकल्प अभियान और खेत बचाओ अभियान के तहत विभिन्न विकास खंडों के गांवों में कृषक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जल संसाधनों के समुचित उपयोग, जैव विविधता संरक्षण, कृषि लागत में कमी और टिकाऊ खेती की वैज्ञानिक तकनीकों के प्रति जागरूक करना रहा। अभियान के दौरान कृषि वैज्ञानिकों व कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से सीधे संवाद कर खेतों को बचाने और कृषि को भविष्य के लिए सुरक्षित बनाने के लिए मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन को अपनाने पर जोर दिया।
हरगांव ब्लॉक के रीछिन और भीखपुर गांव में आयोजित किसान गोष्ठियों कृषि विज्ञान केंद्र की गृह विज्ञान वैज्ञानिक डॉ. रीमा ने कहा कि खेत बचाने का अर्थ केवल मिट्टी को बचाना नहीं बल्कि पूरे ग्रामीण परिवार की खाद्य व पोषण सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। एडीओ (पौध संरक्षण) मुस्ताक अहमद ने किसानों को एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन की जानकारी देते हुए कहा कि अनावश्यक कीटनाशकों के प्रयोग से खेतों की जैव विविधता प्रभावित होती है। कसमंडा ब्लॉक के ग्राम मानपारा एवं कोकनामऊ में पशु विज्ञान वैज्ञानिक डॉ. आनन्द सिंह ने कहा कि खेत बचाओ अभियान का महत्वपूर्ण आधार कृषि एवं पशुपालन का समन्वय है।
बिसवां ब्लॉक के ग्राम हसनापुर एवं सलेमपुर में कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि खेत बचाओ अभियान का मूल उद्देश्य किसानों में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता उत्पन्न करना है। मृदा विज्ञान वैज्ञानिक डॉ. सचिन प्रताप तोमर ने कहा कि मिट्टी की उर्वरता में लगातार आ रही गिरावट कृषि के लिए गंभीर चुनौती है। एसएमएस दीपेश कुमार सिंह ने किसानों को खरीफ फसलों की तैयारी एवं खेत संरक्षण संबंधी तकनीकी जानकारी प्रदान की।
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हरगांव ब्लॉक के रीछिन और भीखपुर गांव में आयोजित किसान गोष्ठियों कृषि विज्ञान केंद्र की गृह विज्ञान वैज्ञानिक डॉ. रीमा ने कहा कि खेत बचाने का अर्थ केवल मिट्टी को बचाना नहीं बल्कि पूरे ग्रामीण परिवार की खाद्य व पोषण सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। एडीओ (पौध संरक्षण) मुस्ताक अहमद ने किसानों को एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन की जानकारी देते हुए कहा कि अनावश्यक कीटनाशकों के प्रयोग से खेतों की जैव विविधता प्रभावित होती है। कसमंडा ब्लॉक के ग्राम मानपारा एवं कोकनामऊ में पशु विज्ञान वैज्ञानिक डॉ. आनन्द सिंह ने कहा कि खेत बचाओ अभियान का महत्वपूर्ण आधार कृषि एवं पशुपालन का समन्वय है।
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बिसवां ब्लॉक के ग्राम हसनापुर एवं सलेमपुर में कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि खेत बचाओ अभियान का मूल उद्देश्य किसानों में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता उत्पन्न करना है। मृदा विज्ञान वैज्ञानिक डॉ. सचिन प्रताप तोमर ने कहा कि मिट्टी की उर्वरता में लगातार आ रही गिरावट कृषि के लिए गंभीर चुनौती है। एसएमएस दीपेश कुमार सिंह ने किसानों को खरीफ फसलों की तैयारी एवं खेत संरक्षण संबंधी तकनीकी जानकारी प्रदान की।