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Sitapur News: रानी कोठी को कब्जे में लेगा प्रशासन, नोटिस चस्पा
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 03 May 2026 12:48 AM IST
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रानी कोठी को खाली करने का नोटिस चस्पा करती टीम।
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सीतापुर। नबीनगर राजघराने का इतिहास संजोए शहर की रानी कोठी को अब प्रशासन अपने कब्जे में लेगा। जिलाधिकारी कोर्ट की ओर से शनिवार को रानी कोठी के कब्जेदारों की आपत्तियों को खारिज करते हुए 15 दिन में इमारत खाली कराने का आदेश पालिका प्रशासन को दिया है। आदेश के अनुपालन में पालिका प्रशासन ने रानी कोठी को खाली करने का नोटिस भी चस्पा कर दिया है।
शहर की बेशकीमती ऐतिहासिक संपत्तियों में शुमार रानी कोठी का ताल्लुक नबीनगर (राजस्थान) के राजघराने से है। मोहल्ला बट्सगंज स्थित रानी कोठी नजूल भूखंड संख्या 1568 पर स्थित है। जिलाधिकारी न्यायालय ने शनिवार को रानी कोठी के संबंध में ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। रानी कोठी पर काबिज सेवानिवृत लेफ्टिनेंट कर्नल विक्रम शर्मा एवं मधुलिका त्रिपाठी तथा राजेन्द्र कुमारी की आपत्तियों को डीएम न्यायालय ने खारिज कर दिया है।
तर्क दिया गया है कि नजूल भूमि संख्या 1568 नजूल भूमि का भाग है। यह राज्य सरकार की है। सरकारी अनुदान अधिनियम 1895 द्वारा शासित है। 1936 में पट्टे की समाप्ति के बाद कोई भी नजूल संपत्ति जिलाधिकारी की लिखित अनुमति के बगैर हस्तांतरित नहीं की जा सकती। पट्टा समाप्त होने के बाद इसके नवीनीकरण के लिए कभी कोई आवेदन नहीं किया गया।
नियमानुसार, पट्टा खत्म होने के बाद यह भूमि स्वतः ही राज्य सरकार की संपत्ति (नजूल) घोषित हो चुकी थी। जिलाधिकारी ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को अगले 15 दिनों के भीतर रानी कोठी का भौतिक रूप से कब्जा लेकर जिला प्रशासन को सौंपने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह निर्देश भी दिया कि यदि आवश्यक हो तो बेदखली के लिए पुलिस से सहायता ली जा सकती है।
रानी कोठी को लेकर कब क्या हुआ
- 31 जनवरी 2019 को पुनर्गृहण आदेश पुष्ट कर जिलाधिकारी ने रानी कोठी को राज्य संपत्ति घोषित किया था।
- 09 मार्च 2026 को नजूल नियमावली के नियम 74 के तहत कब्जेदारों को अंतिम नोटिस जारी किया गया।
- 02 मई 2026 को डीएम ने सभी आपत्तियों को खारिज कर अंतिम बेदखली आदेश पारित किया।
रानी कोठी में बनेगा वृद्धाश्रम
शहर की ऐतिहासिक रानी कोठी का उपयोग वृद्धाश्रम व अन्य जनोपयोगी परियोजनाओं को विकसित किए जाने के लिए प्रस्तावित है। यह इमारत भविष्य में जिले के असहाय और निर्धन बुजुर्गों का बेहतर ठिकाना बनेगी। विधिसंगत ढंग से इस स्थान को राज्य सरकार में निहित करने की प्रक्रिया की गई है।
- डॉ राजा गणपति आर, जिलाधिकारी सीतापुर
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शहर की बेशकीमती ऐतिहासिक संपत्तियों में शुमार रानी कोठी का ताल्लुक नबीनगर (राजस्थान) के राजघराने से है। मोहल्ला बट्सगंज स्थित रानी कोठी नजूल भूखंड संख्या 1568 पर स्थित है। जिलाधिकारी न्यायालय ने शनिवार को रानी कोठी के संबंध में ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। रानी कोठी पर काबिज सेवानिवृत लेफ्टिनेंट कर्नल विक्रम शर्मा एवं मधुलिका त्रिपाठी तथा राजेन्द्र कुमारी की आपत्तियों को डीएम न्यायालय ने खारिज कर दिया है।
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तर्क दिया गया है कि नजूल भूमि संख्या 1568 नजूल भूमि का भाग है। यह राज्य सरकार की है। सरकारी अनुदान अधिनियम 1895 द्वारा शासित है। 1936 में पट्टे की समाप्ति के बाद कोई भी नजूल संपत्ति जिलाधिकारी की लिखित अनुमति के बगैर हस्तांतरित नहीं की जा सकती। पट्टा समाप्त होने के बाद इसके नवीनीकरण के लिए कभी कोई आवेदन नहीं किया गया।
नियमानुसार, पट्टा खत्म होने के बाद यह भूमि स्वतः ही राज्य सरकार की संपत्ति (नजूल) घोषित हो चुकी थी। जिलाधिकारी ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को अगले 15 दिनों के भीतर रानी कोठी का भौतिक रूप से कब्जा लेकर जिला प्रशासन को सौंपने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह निर्देश भी दिया कि यदि आवश्यक हो तो बेदखली के लिए पुलिस से सहायता ली जा सकती है।
रानी कोठी को लेकर कब क्या हुआ
- 31 जनवरी 2019 को पुनर्गृहण आदेश पुष्ट कर जिलाधिकारी ने रानी कोठी को राज्य संपत्ति घोषित किया था।
- 09 मार्च 2026 को नजूल नियमावली के नियम 74 के तहत कब्जेदारों को अंतिम नोटिस जारी किया गया।
- 02 मई 2026 को डीएम ने सभी आपत्तियों को खारिज कर अंतिम बेदखली आदेश पारित किया।
रानी कोठी में बनेगा वृद्धाश्रम
शहर की ऐतिहासिक रानी कोठी का उपयोग वृद्धाश्रम व अन्य जनोपयोगी परियोजनाओं को विकसित किए जाने के लिए प्रस्तावित है। यह इमारत भविष्य में जिले के असहाय और निर्धन बुजुर्गों का बेहतर ठिकाना बनेगी। विधिसंगत ढंग से इस स्थान को राज्य सरकार में निहित करने की प्रक्रिया की गई है।
- डॉ राजा गणपति आर, जिलाधिकारी सीतापुर