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Sitapur News: प्रसूता की हालत गंभीर थी, फिर भी छह घंटे बाद किया रेफर

संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Fri, 06 Mar 2026 09:15 PM IST
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The condition of the mother was serious, yet she was referred after six hours.
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सीतापुर। रेउसा के उजाला जनता सेवा हॉस्पिटल में दो दिन पहले हुई प्रसूता की मौत के मामले में चल रही जांच में अस्पताल प्रशासन दोषी मिला है। एसडीएम की जांच रिपोर्ट में प्रसूता को छह घंटे देरी से रेफर करने पर अस्पताल की लापरवाही उजागर हुई है। पंजीकृत चिकित्सक ने इलाज न करने की बात कही तो संचालक उनके द्वारा ही इलाज करने का दावा कर रहे थे। विरोधाभासी बयान के आधार पर एसडीएम ने डीएम से अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
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थानगांव के ग्राम इसरौली राजापुर निवासी प्रीति को चार मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां प्रीति ने एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद हालत बिगड़ने पर प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा किया था। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम बिसवां की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी। दो दिन के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी थी।
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एसडीएम शिखा शुक्ला ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा कि शुरुआती जांच में प्रतीत होता है कि प्रीति को खून की कमी थी। इससे हालत गंभीर बनी हुई थी लेकिन अस्पताल प्रशासन ने जान बूझकर छह घंटे तक अस्पताल में रोके रखा। जब हालत बेहद नाजुक हो गई तो आननफानन रेफर कर दिया।
संचालक विनय कुमार मिश्रा ने पंजीकृत चिकित्सक डॉ. हसन शकील द्वारा इलाज करने की बात कही गई। जबकि डॉ. हसन ने इलाज करने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। इससे प्रतीत होता है कि अस्पताल में किसी दूसरे चिकित्सक ने इलाज किया। अस्पताल पंजीकृत मिला, लेकिन ओटी की अनुमति नहीं थी। अस्पताल में कैमरे लगे हुए थे लेकिन यह क्रियाशील नहीं मिले। वहीं, मानकों का उल्लंघन हो रहा था। एसडीएम ने अस्पताल प्रशासन को दोषी मानते हुए कार्रवाई करने की संस्तुति की है।

अस्पताल संचालक व स्टॉफ पर प्राथमिकी दर्ज

सीतापुर। रेउसा के उजाला सेवा हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत के मामले में सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनंत मिश्र ने प्राथमिकी दर्ज करवाई है। सीएचसी अधीक्षक की तहरीर पर अस्पताल संचालक विनय कुमार मिश्रा व पंजीकृत स्टॉफ के खिलाफ लापरवाही से इलाज करने से मौत की धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है। इसमें पांच साल तक की सजा व जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
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