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Sitapur News: दुकानें खाली करने के निर्देश से व्यापारी परेशान
Tue, 04 Aug 2026 12:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 04 Aug 2026 12:21 AM IST
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सीतापुर। लालबाग स्थित ऐतिहासिक गेट व घंटाघर के नीचे दशकों से व्यवसाय कर रहे 18 से अधिक दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। नगर पालिका की प्रभारी अधिशासी अधिकारी सीमा सिंह और स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा बिना किसी नोटिस के केवल 48 घंटे में दुकानें खाली कर चाबियां सौंपने के मौखिक निर्देश दिए जाने से व्यापारी परेशान हैं। सोमवार को प्रभावित व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट मीनाक्षी पांडेय को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की।
व्यापारियों ने बताया कि उनके पूर्वज 50 से 70 वर्षों से नगर पालिका परिषद के वैध आवंटी एवं किरायेदार हैं तथा नियमित रूप से किराया जमा करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में पालिका की ओर से जारी नोटिस पर लिखित आपत्तियां देने के बाद तत्कालीन बोर्ड ने उन्हें व्यापार जारी रखने की अनुमति दे दी थी।
व्यापारियों का आरोप है कि वर्ष 2017 के बाद पालिका अधिकारियों ने मौखिक रूप से किराया लेने से मना कर दिया, जबकि पट्टा निरस्त करने या बेदखली का कोई लिखित आदेश आज तक जारी नहीं किया गया।
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उन्होंने मौखिक आदेशों पर रोक, किराया रजिस्टर, आवंटन रजिस्टर और बोर्ड प्रस्ताव समेत मूल अभिलेख की निष्पक्ष जांच तथा जीर्णोद्धार की स्थिति में पहले वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की मांग की। सिटी मजिस्ट्रेट मीनाक्षी पांडेय ने आश्वस्त किया कि सभी दस्तावेज और पालिका के मूल रिकॉर्ड की जांच के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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व्यापारियों ने बताया कि उनके पूर्वज 50 से 70 वर्षों से नगर पालिका परिषद के वैध आवंटी एवं किरायेदार हैं तथा नियमित रूप से किराया जमा करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में पालिका की ओर से जारी नोटिस पर लिखित आपत्तियां देने के बाद तत्कालीन बोर्ड ने उन्हें व्यापार जारी रखने की अनुमति दे दी थी।
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व्यापारियों का आरोप है कि वर्ष 2017 के बाद पालिका अधिकारियों ने मौखिक रूप से किराया लेने से मना कर दिया, जबकि पट्टा निरस्त करने या बेदखली का कोई लिखित आदेश आज तक जारी नहीं किया गया।
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उन्होंने मौखिक आदेशों पर रोक, किराया रजिस्टर, आवंटन रजिस्टर और बोर्ड प्रस्ताव समेत मूल अभिलेख की निष्पक्ष जांच तथा जीर्णोद्धार की स्थिति में पहले वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की मांग की। सिटी मजिस्ट्रेट मीनाक्षी पांडेय ने आश्वस्त किया कि सभी दस्तावेज और पालिका के मूल रिकॉर्ड की जांच के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई होगी।