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Sonebhadra News: 35.50 करोड़ की जल परियोजना, 2028 तक हर घर पहुंचेगा नल से पानी
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अहरौरा नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल संकट को दूर करने के लिए 35.50 करोड़ रुपये की पेयजल पुनर्गठन परियोजना शुरू होने जा रही है। इस योजना के तहत पाइपलाइन बिछाकर घर-घर शुद्ध पानी पहुंचाया जाएगा। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से परियोजना पर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। शासन ने इसके लिए धनराशि भी जारी कर दी है। परियोजना के अंतर्गत नगर पालिका परिषद अहरौरा को चार जोन में विभाजित कर कार्य कराया जाएगा। नगर के सभी 25 वार्डों में करीब 85 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके माध्यम से 4641 घरों को नल कनेक्शन दिया जाएगा और लगभग 30 हजार की आबादी को पेयजल का लाभ मिलेगा। योजना को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जल भंडारण के लिए 500 किलोलीटर क्षमता का एक क्लियर वाटर रिजर्वायर (सीडब्ल्यूआर) बनाया जाएगा। साथ ही 500 और 800 किलोलीटर क्षमता के दो नए ओवरहेड टैंक भी बनाए जाएंगे। पहले से निर्मित 600 किलोलीटर क्षमता के ओवरहेड टैंक को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।
10 ट्यूबवेल से होगी नगर पालिका क्षेत्र में जलापूर्ति
नगर में पहले से संचालित पांच ट्यूबवेल को योजना में जोड़ा जाएगा, जबकि पांच नए ट्यूबवेल स्थापित किए जाएंगे। इस प्रकार कुल 10 ट्यूबवेल के जरिए पूरे नगर में जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
अहरौरा पेयजल पुनर्गठन परियोजना को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, धनराशि भी जारी कर दी गई है। 10 मई से सर्वे और डिजाइन का कार्य शुरू होगा, इसके बाद 15 मई से धरातल पर काम शुरू कर दिया जाएगा। — अरविंद कुमार चौधरी, अधिशासी अभियंता, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई।
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नगर में पहले से संचालित पांच ट्यूबवेल को योजना में जोड़ा जाएगा, जबकि पांच नए ट्यूबवेल स्थापित किए जाएंगे। इस प्रकार कुल 10 ट्यूबवेल के जरिए पूरे नगर में जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
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अहरौरा पेयजल पुनर्गठन परियोजना को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, धनराशि भी जारी कर दी गई है। 10 मई से सर्वे और डिजाइन का कार्य शुरू होगा, इसके बाद 15 मई से धरातल पर काम शुरू कर दिया जाएगा। — अरविंद कुमार चौधरी, अधिशासी अभियंता, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई।
