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Sonebhadra News: चंद्रप्रभा सेंचुरी में दुधवा से लाई गई मादा गुलदार छोड़ी गई
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नौगढ़ के जंगल में आते जाते हुए लोगों को सतर्क करते रेंजर अखिलेश दुबे। स्रोत:-जागरूक पाठक
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चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार के देव पहाड़ी स्थित जंगल में दुधवा टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू कर लाई गई एक मादा गुलदार को मंगलवार को सुरक्षित छोड़ दिया गया। इससे पहले भी यहां तीन गुलदारों को छोड़ा जा चुका है। वन विभाग का कहना है कि इससे सेंचुरी की जैव विविधता और वन्यजीवों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। अब चंद्रप्रभा सेंचुरी में दो नर और दो मादा गुलदार हो गए हैं।
प्रभागीय वनाधिकारी बी. शिव शंकर ने बताया कि मादा गुलदार को वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप ऐसे वन क्षेत्र में छोड़ा गया है, जहां उसके लिए पर्याप्त प्राकृतिक शिकार, जल स्रोत और सुरक्षित आवास उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि गुलदार की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
उन्होंने बताया कि सेंचुरी से सटे गांवों में विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि बिना किसी आवश्यक कारण के जंगल में प्रवेश न करें तथा किसी भी वन्यजीव को परेशान करने का प्रयास न करें।
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वन क्षेत्राधिकारी अखिलेश दुबे अपनी टीम के साथ गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि यदि कहीं गुलदार दिखाई दे तो उसके पीछे न भागें, भीड़ न लगाएं और न ही मोबाइल से वीडियो बनाने का प्रयास करें। रेंजर अखिलेश दुबे ने कहा कि चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार में गुलदारों की संख्या बढ़ना पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि, इसके साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकना भी विभाग की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।
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प्रभागीय वनाधिकारी बी. शिव शंकर ने बताया कि मादा गुलदार को वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप ऐसे वन क्षेत्र में छोड़ा गया है, जहां उसके लिए पर्याप्त प्राकृतिक शिकार, जल स्रोत और सुरक्षित आवास उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि गुलदार की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
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उन्होंने बताया कि सेंचुरी से सटे गांवों में विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि बिना किसी आवश्यक कारण के जंगल में प्रवेश न करें तथा किसी भी वन्यजीव को परेशान करने का प्रयास न करें।
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वन क्षेत्राधिकारी अखिलेश दुबे अपनी टीम के साथ गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि यदि कहीं गुलदार दिखाई दे तो उसके पीछे न भागें, भीड़ न लगाएं और न ही मोबाइल से वीडियो बनाने का प्रयास करें। रेंजर अखिलेश दुबे ने कहा कि चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार में गुलदारों की संख्या बढ़ना पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि, इसके साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकना भी विभाग की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।