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Sonbhadra News: फर्जी फर्म बनाकर सरकारी राजस्व को 70 लाख की लगाई चपत, एसआईटी ने जालसाज को किया गिरफ्तार

अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र। Published by: Pragati Chand Updated Fri, 03 Apr 2026 06:54 PM IST
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सार

Sonbhadra News: सोनभद्र जिले में फर्जी फर्म बनाकर सरकारी राजस्व को  70 लाख की चपत लगाने वाला जालसाज गिरफ्तार किया गया। इस मामले में कई अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है। 

Accused of Committing Fraud Worth ₹70 Lakhs by Creating a Bogus Firm Arrested in sonbhadra
घटना की जानकारी देती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सोनभद्र जिले में फर्जी फर्म बनाकर टैक्स चोरी करने के आरोपी आसिफ अली को एसआईटी ने बृहस्पतिवार की रात डाला बाजार से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कूटरचित इनपुट टैक्स क्रेडिट का दुरुपयोग कर सरकारी राजस्व को 70 लाख रुपये की चपत लगाने की बात सामने आई है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर शुक्रवार को संबंधित धाराओं में चालान कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले में कई अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस उनकी पहचान में जुट गई है।

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क्या है पूरा मामला
प्रदेश के कई जिलों में जीएसटी चोरी का मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष अभियान चलाकर जालसाजों पर कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में भी दो माह पूर्व प्राथमिकी दर्ज की गई। इस मामले में चोपन थाना क्षेत्र के डाला बाजार के पतरही निवासी आसिफ अली वांछित था। छानबीन के लिए इंस्पेक्टर राजेश प्रसाद यादव के नेतृत्व में एसआईटी गठित है। 
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एसआईटी ने मुखबिर की सूचना पर आसिफ अली को वैष्णो मंदिर के पास से गिरफ्तार किया। एएसपी अनिल कुमार ने बताया कि आसिफ अली मेसर्स डीके एसोसिएट्स के नाम से फर्म चलाता था। उसने विभिन्न वित्तीय वर्षों में करीब 70 लाख रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) रिवर्सल अपने रिटर्न में दर्शाई। 

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जांच में सामने आया कि फर्म की ओर से खरीद-बिक्री से संबंधित कोई टैक्स इनवाइस, बिल्टी, ई-वे बिल सहित कोई अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। संबंधित लेन-देन पर देय कर भी सरकारी खजाने में जमा नहीं किया गया, जो सरकारी धन के गबन की श्रेणी में आता है। 

एएसपी ने बताया कि आरोपी की ओर से कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से बिना वास्तविक व्यापार के फर्जी आईटीसी पास ऑन की जा रही थी। एसआईटी टीम ने तकनीकी विश्लेषण और डेटा मॉनिटरिंग के आधार पर उसे गिरफ्तार किया। 

इस दौरान उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेजों से भरी एक फाइल, एक मारुति कार और 26450 रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस मामले की विवेचना में जुटी हुई है। अन्य नामों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही उन पर भी शिकंजा कसा जाएगा।

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