{"_id":"69e7c64ead29252eea092307","slug":"allegations-of-executing-work-without-land-measurement-farmers-submit-letter-to-adm-sonbhadra-news-c-194-1-son1002-145282-2026-04-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: भूमि की नापी के बिना ही कार्य कराने का आरोप, किसानों ने एडीएम को सौंपा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: भूमि की नापी के बिना ही कार्य कराने का आरोप, किसानों ने एडीएम को सौंपा पत्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सोनभद्र। राॅबर्ट्सगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत पकरी में रेलवे लाइन के दोहरीकरण कार्य से किसानों में नाराजगी बढ़ गई है। किसानों ने आरोप लगाया है कि बिना राजस्व लेखपाल से जमीन की नापी कराए ही रेलवे की ओर से कार्य कराया जा रहा है, इससे उनकी भूमि की वास्तविक सीमा स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने मंगलवार को एडीएम को पत्र देकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में बताया है कि दोहरीकरण परियोजना के तहत किसानों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है, लेकिन भौतिक सत्यापन और सीमांकन के बिना ही कार्य शुरू कर दिया गया है।
इससे किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है और मुआवजे को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि पहले राजस्व लेखपाल द्वारा जमीन की नापी कराकर भौतिक सत्यापन कराया जाए, ताकि प्रत्येक किसान की भूमि की सही जानकारी दर्ज हो सके।
इसके बाद ही कार्य आगे बढ़ाया जाए और उचित मुआवजा निर्धारित किया जाए। प्रतिनिधिमंडल में जिला मंत्री प्रभुपाल सिंह, जिला उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंह, श्रीकांत यादव, राजू बाबा आदि मौजूद रहे। संवाद
Trending Videos
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने मंगलवार को एडीएम को पत्र देकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में बताया है कि दोहरीकरण परियोजना के तहत किसानों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है, लेकिन भौतिक सत्यापन और सीमांकन के बिना ही कार्य शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है और मुआवजे को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि पहले राजस्व लेखपाल द्वारा जमीन की नापी कराकर भौतिक सत्यापन कराया जाए, ताकि प्रत्येक किसान की भूमि की सही जानकारी दर्ज हो सके।
इसके बाद ही कार्य आगे बढ़ाया जाए और उचित मुआवजा निर्धारित किया जाए। प्रतिनिधिमंडल में जिला मंत्री प्रभुपाल सिंह, जिला उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंह, श्रीकांत यादव, राजू बाबा आदि मौजूद रहे। संवाद

कमेंट
कमेंट X