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Sonebhadra News: 25 घंटे बाद मिला संदीप और दीपक का शव, बोलबम की तलाश में जुटी रहीं टीमें
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चोपन थाना क्षेत्र के मीतापुर में सोन नदी में डूबने से बालकों की मौत घटना पर पहुंचे सपा के पदाधि
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चोपन। मीतापुर गांव स्थित सोन नदी में डूबे संदीप निषाद (18) और दीपक केवट (13) का शव करीब 25 घंटे की मशक्कत के बाद बृहस्पतिवार को बरामद हुआ। तीसरे किशोर बोलबम (16) की तलाश में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बृहस्पतिवार की देर शाम तक जुटी रहीं मगर सफलता नहीं मिली थी। नदी के किनारे पुलिस-प्रशासन के अफसरों और जनप्रतिनिधियों का पूरे दिन जमावड़ा रहा। उधर, शव मिलते ही लाडलों की सलामती की आस में टकटकी लगाए बैठे परिजनों की अंतिम उम्मीद भी टूट गई। वे शव से लिपटकर वह बिलख पड़े। मीतापुर गांव में रतन केवट की बेटी की शादी के बाद महिलाएं चौथ की रस्म पूरी करने बुधवार को सोन नदी के किनारे गईं थीं। उनके साथ आए गांव निवासी दीपक केवट (13) और बोलबम केवट (16) नदी में उतरकर नहाने लगे। नहाते हुए दोनों काफी आगे तक चले गए और गहरे पानी में डूब गए। इस घटना के बाद आक्रोशित कुछ लोग नदी की दूसरी तरफ खनन कार्य करने वालों के ठिकानों पर विरोध जताने पहुंचे, मगर पुलिस के आते ही वे वापस लौटने के लिए नदी में उतर गए। इस दौरान संदीप निषाद (18) डूब गया। मौके पर पहुंची चोपन पुलिस ने पहले स्थानीय गोताखोराें और फिर एसडीआरएफ की मदद से नदी में डूबे किशोरों और युवक की तलाश शुरू कराई। बृहस्पतिवार को एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई। करीब 25 घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर करीब 12 बजे दीपक और संदीप का शव घटनास्थल से 100-150 मीटर दूर से बाहर निकाला गया। बोलबम केवट की तलाश देर शाम तक जारी रही। टीम घटनास्थल से चोपन सोन नदी पुल तक तलाश कर रही है। मौके पर एडीएम वागीश शुक्ला, एएसपी अनिल कुमार, एसडीएम ओबरा विवेक सिंह, सीओ सिटी रणधीर मिश्र, चोपन एसओ गोपालजी गुप्ता फोर्स के साथ पूरे दिन मौजूद रहकर रेस्क्यू अभियान की निगरानी करते रहे। नगर पंचायत अध्यक्ष चोपन उस्मान अली सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। पीड़ित परिवारों के प्रति शोक संवेदना जताते हुए ढांढ़स बंधाया। चोपन में मीतापुर के पास सोन नदी तट पर हुए हादसे के लिए भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने मनमाने खनन कार्य को जिम्मेदार बताया है। उनका कहना है कि कुछ खनन कारोबारी नियमों को दरकिनार कर नदी में काफी आगे बढ़कर मशीनों के जरिए खनन कार्य करा रहे हैं। इससे नदी तल में गहरे गड्ढे बन गए हैं। ये गड्ढे स्थानीय लोगाें के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं। पिछले एक महीने के दौरान सिर्फ सोन नदी में छह बच्चों की डूबने से मौत हो चुकी है, जबकि एक किशोर लापता है। यह घटना बेहद दुखद है। इसकी गहराई से जांच करानी चाहिए। उधर सपा ने मीतापुर में सोन नदी में हुए हादसे के बाद पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। सपा जिलाध्यक्ष राम निहोर यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने घटनास्थल का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। सपा प्रतिनिधिमंडल ने शासन-प्रशासन से मृतक परिवारों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने और प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में ओबरा विधानसभा अध्यक्ष परमेश्वर यादव, नगर पालिका रॉबर्ट्सगंज अध्यक्ष सरदार पारसनाथ सिंह, जिला सचिव कृष्ण मुरारी मौर्य, पूर्व प्रधान छोटेलाल निषाद, सेक्टर प्रभारी रविंद्र निषाद आदि शामिल रहे।
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