सोनभद्र। खरीफ सीजन में प्राकृतिक आपदाओं से फसल को होने वाले नुकसान से किसानों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। खरीफ 2026-27 के लिए योजना को सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक रखा गया है। किसान 31 अगस्त तक अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। कृषि उप निदेशक राजकुमार ने बताया कि फसली ऋण लेने वाले किसानों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है कि यदि वे अपनी फसल का बीमा नहीं कराना चाहते हैं तो संबंधित बैंक शाखा में 24 अगस्त तक लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय तक सूचना नहीं देने पर बैंक की ओर से किसान के खाते से फसल बीमा के प्रीमियम की धनराशि काट ली जाएगी। खरीफ फसलों के लिए किसान अंश के रूप में बीमित धनराशि का दो प्रतिशत प्रीमियम निर्धारित किया गया है। जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि अधिसूचित फसलों में धान के लिए 1786 रुपये, मक्का 460 रुपये, ज्वार 890 रुपये, उड़द 844 रुपये, तिल 342 रुपये और अरहर के लिए 1262 रुपये प्रति हेक्टेयर प्रीमियम देना होगा। योजना के तहत सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, तूफान, चक्रवात, भूस्खलन, जलभराव (धान को छोड़कर), आकाशीय बिजली से लगी आग समेत अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं और ऐसे रोगों से होने वाली फसल क्षति को कवर किया जाएगा, जिन पर किसान का नियंत्रण नहीं होता। फसल को नुकसान होने पर किसानों को समय का विशेष ध्यान रखना होगा। क्षति की जानकारी 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर दर्ज करानी होगी, ताकि नियमानुसार सर्वे और क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया शुरू की जा सके। जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को बीमा कंपनी के रूप में नामित किया गया है। प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति होने पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार बीमा कंपनी की ओर से किसानों को क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जाएगा।