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Sonebhadra News: लगन ठगों का भी सीजन, एपीके फाइल में शादी का कार्ड भेजकर पूर्व जिलापंचायत अध्यक्ष का मोबाइल किया हैक
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सोनभद्र। विवाह का सीजन चल रहा है। इस समय अगर आपके मोबाइल या व्हाट्सएप पर एपीके फाइल में विवाह कार्ड आए तो सावधान हो जाएं...। यह साइबर ठगों की चाल हो सकती है। हाल ही में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, शासकीय अधिवक्ता सहित कई लोग मोबाइल पर एपीके फाइल में आए कार्ड को खोलने पर साइबर ठगों की जाल में फंस गए। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष का व्हाट्सएप हैकर चला रहे थे। किसी की मोबाइल 24 घंटे तो किसी की 48 घंटे तक हैक रही। अच्छी बात यह थी कि सभी ने जागरूकता का परिचय दिया। साइबर ठग उनके बैंक खातों से रकम नहीं निकाल पाए। अभी भी इस तरह के मेसेज लोगों के मोबाइल पर पहुंचने की शिकायत आ रही है। पुलिस की ओर से लोगों से तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना देने की अपील की जा रही है। पखवाड़े भर पहले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल यादव के मोबाइल पर उनके ही एक परिचित के व्हाट्सएप नंबर से मेसेज आया। एपीके फाइल के इस मेसेज में वीडियो कार्ड होने की बात लिखी गई थी। शादी-विवाह का सीजन देख उन्होंने समझा कि किसी परिचित के यहां आयोजन होगा। जैसे ही उन्होंने उसे क्लिक किया, इंस्टाॅल का विकल्प आया। विकल्प का चयन करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके साथ ही उनके नंबर से उनके परिचितों के मोबाइल पर शादी कार्ड के मेसेज पहुंच गए। उनके परिचितों ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष से संपर्क किया तो उन्हें व्हाट्सएप हैक होने की जानकारी हुई। उन्होंने तत्काल साइबर सेल को सूचना दी। वहीं सोशल मीडिया पर ऐसे किसी भी मेसेज के झांसे में न आने की लोगों से अपील भी की। अनिल यादव के व्हाट्सएप नंबर से शासकीय अधिवक्ता धनंजय शुक्ल, समाजसेवी मनीष कुमार त्रिपाठी, चोपन के ज्ञानेंद्र पाठक के मोबाइल पर मेसेज पहुंचा था। उन्होंने समझा कि पूर्व जिला पंचायत के यहां आयोजन किया। जैसे ही विवाह कार्ड के मेसेज को क्लिक कर देखना चाहिए मोबाइल हैक हो गया। अच्छी बात यह रही कि उन लोगों ने भी तत्काल साइबर सेल को इसकी जानकारी दी और किसी कोई नुकसान नहीं पहुंच पाया। मोबाइल जरूरी किसी की 24 घंटे तो किसी की 48 घंटे हैक रही। कुछ लोगों ने विशेषज्ञों की मदद ली तो कुछ घंटे में ही उनका मोबाइल सही हो गया। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी शादी कार्ड का कोई मेसेज आए तो यह देखें कि कोई .एपीके फाइल या अन्य कोई इस तरह की फाइल तो नहीं है। अगर उसे क्लिक भी करते हैं तो जैसे ही स्क्रीन पर इंस्टाल का मेसेज दिखे तो रूक जाए। परिचितों के साथ ही अनजान नंबरों से भी आने वाले इस तरह के मेसेज को क्लिक करने से परहेज करें। एडीजी पीयूष मोर्डिया ने साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश के लिए साइबर सेल की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सोनभद्र सहित जोन के सभी जिलों को निर्देशित किया कि इस बात पर खास ध्यान दिया जाए कि साइबर ठगी के मामले में जितनी जल्दी कार्रवाई हो सके, की जाए। एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई जारी है। पिछले वर्ष ठगी के जहां लगभग एक करोड़ वापस दिलाने में कामयाबी मिली। वहीं नए साल के पहले माह में भी 20 लाख से अधिक रकम पीड़ितों को वापस दिलाने में सफलता मिली है। कहा कि यह एक ऐसा अपराध जिससे बचाव के लिए जागरूकता जरूरी है। लोग शादी कार्ड या अन्य तरह से होने वाली ठगी से बचें। अगर किसी से साथ कोई ठगी या मोबाइल हैक, डिजिटिल अरेस्ट जैसी घटना होती है तो तत्काल हेल्पलाइन 1930 डायल करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन-साइबर सेल को सूचना दें। नोडल सीओ हर्ष पांडेय ने बताया कि साइबर अपराध से जुड़ी सूचनाओं पर लगातार सतर्क नजर रखी जा रही है। विवाह के मौजूदा सीजन में शादी कार्ड के जरिए ठगी की कोई शिकायत नहीं आई है। लोगों से अपील की जा रही है कि वह सतर्क रहें और किसी तरह की अप्रिय स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन, साइबर सेल या नजदीकी पुलिस को सूचित करें।
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