स्थानीय लैम्पस पर डीएपी और यूरिया लेने के लिए बुधवार सुबह से किसानों की लंबी कतार लगी रही। चिलचिलाती धूप में घंटों इंतजार के बावजूद कई किसानों को दोपहर तक खाद नहीं मिल सकी। किसानों का आरोप है कि खतौनी और फार्मर रजिस्ट्री के दस्तावेज सप्ताहों पहले जमा करने के बावजूद उन्हें खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। किसान राममूर्ति गुप्ता, राज मुहम्मद, फतेह मुहम्मद, ज्ञान प्रसाद, तेजूराम और अनिल यादव समेत अन्य किसानों ने बताया कि धान की फसल में समय पर खाद डालना जरूरी है, लेकिन सुबह से लाइन में लगे रहने के बावजूद दोपहर दो बजे तक उनका नंबर नहीं आया। किसानों का कहना है कि 10 बोरी की आवश्यकता के मुकाबले केवल दो बोरी खाद दी जा रही है, जिससे खेती प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि कुछ किसानों ने बताया कि खाद का वितरण क्रमवार किया जा रहा है। लैम्पस सचिव रामकृत ने बताया कि इस सीजन में अब तक 1,250 बोरी डीएपी और 1,050 बोरी यूरिया का आवंटन मिला था, जिसका वितरण लगभग पूरा हो चुका है। किसानों की बढ़ती मांग को देखते हुए अतिरिक्त खाद की डिमांड भेज दी गई है। उधर, किसानों की शिकायत पर खंड विकास अधिकारी डॉ. जितेंद्र नाथ दुबे ने कोन लैम्पस पहुंचकर खाद की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों को अतिरिक्त आवंटन की मांग भेज दी गई है और नया आवंटन भी स्वीकृत हो चुका है। जल्द ही खाद उपलब्ध कराकर सभी किसानों को आवश्यकता के अनुसार वितरण सुनिश्चित कराया जाएगा।