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Sonebhadra News: चोपन, घोरावल और दुद्धी में बनेंगे नए स्थायी हेलीपैड
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सोनभद्र। चार राज्यों की सीमा से सटे सोनभद्र जिले में हवाई सुविधाएं मजबूत करने की दिशा में पहल की है। जिले के चोपन और घोरावल के साथ दुद्धी में नए हेलीपैड का निर्माण कराया जाएगा। जिला प्रशासन की तरफ से हेलीपैड निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। करीब डेढ़ करोड़ की लागत से तीनों स्थानों पर स्थायी हेलीपैड का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए प्रशासन की तरफ से जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नए हेलीपैड बनने से जिले में हवाई सुविधाओं को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
शासन की तरफ से तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालय स्तर पर एक स्थायी हेलीपैड बनाने की योजना है। इसी क्रम में दो तहसील मुख्यालय एवं एक ब्लॉक मुख्यालय पर स्थायी हेलीपैड निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई है। घोरावल तहसील मुख्यालय स्थित पीएमश्री जीआईसी मैदान में एक स्थायी हेलीपैड का निर्माण कराए जाने की स्वीकृति मिली है। करीब 52 लाख रुपये की लागत से हेलीपैड का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए शासन से बजट मिल गया है। वहीं दूसरा हेलीपैड चोपन के रेलवे इंटरमीडिएट कॉलेज परिसर में बनना है। इसकी अनुमानित लागत 52 लाख 70 हजार रुपये निर्धारित की गई है। इतने ही लागत से दुद्धी तहसील मुख्यालय पर एक नए स्थायी हेलीपैड के निर्माण की कवायद चल रही है।
घोरावल और चोपन में लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड की तरफ से और दुद्धी तहसील मुख्यालय पर लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड की तरफ से स्थायी हेलीपैड का निर्माण कराया जाएगा। विभागीय सूत्रों की माने तो तीनों हेलीपैड के निर्माण के लिए शासन से बजट स्वीकृत हो गया है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी करते हुए जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। माना जा रहा है कि तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालयों पर स्थायी हेलीपैड बनने के बाद वीवीआईपी के आने पर अस्थाई हेलीपैड के निर्माण की झंझट खत्म हो जाएगी।
यहां पहले से बने हैं स्थायी हेलीपैड
चुर्क स्थित पुलिस लाइन में स्थायी हेलीपैड बना हुआ है। इसी तरह से ओबरा, शक्तिनगर, म्योरपुर, अनपरा समेत अन्य स्थानों पर स्थायी हेलीपैड बने हैं। बभनी ब्लॉक के चपकी गांव में सर्वाधिक तीन हेलीपैड बने हैं। अधिकारियों का कहना है कि हेलीपैड का यह नेटवर्क केवल वीवीआईपी आवागमन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा अभियानों और राहत कार्यों में भी अहम भूमिका निभाएगा। इससे दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी समय पर सहायता उपलब्ध कराना संभव हो सकेगा।
घोरावल स्थित पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में और चोपन केे रेलवे इंटरमीडिएट कॉलेज परिसर में स्थायी हेलीपैड बनना है। इसके लिए शासन से बजट स्वीकृत हो गया है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी कराते हुए हेलीपैड का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। - शैलेश ठाकुर, एक्सईएन-पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड।
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शासन की तरफ से तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालय स्तर पर एक स्थायी हेलीपैड बनाने की योजना है। इसी क्रम में दो तहसील मुख्यालय एवं एक ब्लॉक मुख्यालय पर स्थायी हेलीपैड निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई है। घोरावल तहसील मुख्यालय स्थित पीएमश्री जीआईसी मैदान में एक स्थायी हेलीपैड का निर्माण कराए जाने की स्वीकृति मिली है। करीब 52 लाख रुपये की लागत से हेलीपैड का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए शासन से बजट मिल गया है। वहीं दूसरा हेलीपैड चोपन के रेलवे इंटरमीडिएट कॉलेज परिसर में बनना है। इसकी अनुमानित लागत 52 लाख 70 हजार रुपये निर्धारित की गई है। इतने ही लागत से दुद्धी तहसील मुख्यालय पर एक नए स्थायी हेलीपैड के निर्माण की कवायद चल रही है।
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घोरावल और चोपन में लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड की तरफ से और दुद्धी तहसील मुख्यालय पर लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड की तरफ से स्थायी हेलीपैड का निर्माण कराया जाएगा। विभागीय सूत्रों की माने तो तीनों हेलीपैड के निर्माण के लिए शासन से बजट स्वीकृत हो गया है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी करते हुए जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। माना जा रहा है कि तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालयों पर स्थायी हेलीपैड बनने के बाद वीवीआईपी के आने पर अस्थाई हेलीपैड के निर्माण की झंझट खत्म हो जाएगी।
यहां पहले से बने हैं स्थायी हेलीपैड
चुर्क स्थित पुलिस लाइन में स्थायी हेलीपैड बना हुआ है। इसी तरह से ओबरा, शक्तिनगर, म्योरपुर, अनपरा समेत अन्य स्थानों पर स्थायी हेलीपैड बने हैं। बभनी ब्लॉक के चपकी गांव में सर्वाधिक तीन हेलीपैड बने हैं। अधिकारियों का कहना है कि हेलीपैड का यह नेटवर्क केवल वीवीआईपी आवागमन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा अभियानों और राहत कार्यों में भी अहम भूमिका निभाएगा। इससे दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी समय पर सहायता उपलब्ध कराना संभव हो सकेगा।
घोरावल स्थित पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में और चोपन केे रेलवे इंटरमीडिएट कॉलेज परिसर में स्थायी हेलीपैड बनना है। इसके लिए शासन से बजट स्वीकृत हो गया है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी कराते हुए हेलीपैड का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। - शैलेश ठाकुर, एक्सईएन-पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड।