कफ सिरप: शैली ट्रेडर्स के भोला, शुभम की 60 पेज की चार्जशीट कोर्ट में होगी दाखिल; 15 नवंबर को हुआ था FIR
Varanasi News: कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी मामले में शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर व सोनभद्र जेल में बंद भोला प्रसाद जायसवाल और भगोड़े शुभम जायसवाल के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने 60 पेज की चार्जशीट तैयार की है, जिसे कोर्ट में मंगलवार को दाखिल करेगी।
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UP Crime: कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी मामले में कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर भोला प्रसाद जायसवाल और फरार चल रहे उसके बेटे शुभम जायसवाल के खिलाफ 60 पेज की चार्जशीट तैयार कर ली है। पुलिस मंगलवार को इसे कोर्ट में दाखिल करेगी। दोनों आरोपियों पर संगठित तरीके से अवैध कफ सिरप कारोबार चलाने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, इस बहुचर्चित प्रकरण में पहले ही 18 आरोपियों के खिलाफ करीब 38 हजार पन्नों की विस्तृत चार्जशीट पिछले महीने न्यायालय में प्रस्तुत की जा चुकी है। अब भोला और शुभम के खिलाफ अलग से तैयार की गई चार्जशीट में ठोस साक्ष्य, गवाहों के बयान और वित्तीय लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल किए गए हैं।
एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि आदमपुर थाना क्षेत्र के प्रह्लाद घाट, कायस्थ टोला निवासी भोला प्रसाद जायसवाल फिलहाल सोनभद्र जेल में बंद है, जबकि उसका बेटा शुभम जायसवाल फरार है। दोनों की भूमिका इस गिरोह में बेहद अहम मानी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की सुनवाई में तेजी आएगी।
पुलिस ने की कार्रवाई
बताया गया कि इस कफ सिरप तस्करी मामले में 15 नवंबर को प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद करीब 142 दिनों तक गहन जांच की गई। जांच के दौरान पुलिस ने कुल 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया और लगभग 45 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया, जिसने विभिन्न जिलों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर आरोपियों के नेटवर्क को खंगाला। जांच के दौरान हवाला कारोबार से जुड़े अहम सुराग भी मिले, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अवैध कमाई को व्यवस्थित तरीके से इधर-उधर किया जा रहा था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी शुभम जायसवाल की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। साथ ही मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।