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Sonebhadra News: कॉल सेंटर की तर्ज पर खोल रखे हैं दफ्तर, एआई के इस्तेमाल से देते हैं ठगी को अंजाम

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 13 May 2026 11:28 PM IST
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Offices have been set up like call centers, and fraud is perpetrated using AI.
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सोनभद्र। राजस्थान के मेवात क्षेत्र में कई जगहों पर दफ्तर खोलकर साइबर फ्राड को अंजाम दिया जा रहा है। राॅबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी में साइबर अपराधियों के उत्पीड़न के चलते पेट्रोल पंप कर्मी के खुदकुशी की जांच करने के लिए राजस्थान पहुंची टीम को चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। पता चला है कि एनसीआर से सटे औद्योगिक प्रधान अलवर और खैरथल तिजारा जिले में कई ऐसी बस्तियां हैं, जहां साइबर ठगी के काम ने उद्योग का रूप ले लिया है।
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जांच के लिए पहुंची टीम को भिवाड़ी, कैथल, चौपानिया, शेखपुर थाना क्षेत्र की कई बस्तियों के अधिकांश लोग साइबर अपराध में लिप्त पाए गए। उनके ठगी के हाईटेक तरीके और लग्जरी लाइफस्टाइल ने टीम को भौंचक कर दिया। साइबर ठगी में शामिल यहां के सैकड़ों परिवारों ने कॉल सेंटर की तर्ज पर दफ्तर खोल रखे हैं। यहां 24 घंटे किसी न किसी की ड्यूटी रहती है। कोई फर्जी साइट बनाकर लोगों को कॉल कर फंसाता है तो कोई पुलिस-आर्मी अफसर बनकर धमकाता है। कई ने दफ्तर के ही एक हिस्से को पुलिस कार्यालय का लुक दे रखा है। एआई तकनीक से तैयार वीडियो के जरिये पुलिस सायरन, थर्ड डिग्री, एआई से तैयार पुलिस-आर्मीमैन की तस्वीर दिखाई जाती है।
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लग्जरी लाइफ और दरवाजे पर खड़ी बीएमडब्ल्यू कर देती है भौंचक :
कहने को तो अपराध वाली बस्तियों के युवा बेरोजगार हैं लेकिन उनकी लग्जरी लाइफ स्टाइल लोगों को भौंचक करती है। कई के दरवाजे बीएमडब्ल्यू या अन्य लग्जरी गाड़ियों की मौजूदगी है। जब अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम राजस्थान पहुंची तो साइबर फ्राड से जुड़ी बस्तियों की पॉश कालोनियों जैसी जिंदगी देख दंग रह गई।
देश के हर हिस्से में यहां से किया जा रहा फ्राॅड :
यहां साइबर फ्राड वाले कॉल सेंटर से पूरे देश में ठगी की जा रही है। ठगी के नए-नए तरीकों से सिर्फ यूपी ही नहीं, देश की कई राज्यों की पुलिस परेशान है। हर दिन किसी न किसी राज्य की पुलिस टीम यहां साइबर अपराधियों की धरपकड़ के लिए पहुंची रहती है। कि कई बार पुलिस टीम को विरोध सामना करना पड़ता है।
सेलुलर कंपनियों पर भी कसा जाएगा शिकंजा :
ठगी के इस खेल में सेलुलर कंपनियों की फ्रेंचाइजी और सिम एक्टिवेशन की निगरानी करने वाले फील्ड अफसरों की भी बड़ी भूमिका सामने आई है। मामले की जांच में जुटी पुलिस को पता चला है कि एक आधार कार्ड पर कई-कई सिम जारी कर लोगों से धोखाधड़ी की जाती है। किसी दूसरे के नाम पर एक्टिव सिम के जरिये सोनभद्र के लोगों के साथ धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सेललुर कंपनियों के भी जिम्मेदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
पेट्रोल पंप कर्मी की खुदकुशी मामले के खुलासे के लिए राजस्थान गई टीम को साइबर अपराधियों को दबोचने के लिए खासी दिलेरी दिखानी पड़ी। अलवर-भिवाड़ी क्षेत्र की कई ऐसी बस्तियां हैं जहां साइबर ठगी का धंधा उद्योग का रूप लेता जा रहा है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में ताजा मामले में भी कई और साइबर ठगों की संलिप्तता सामने आई है। उनके भी धरपकड़ का प्रयास शुरू कर दिया गया है। - ऋषभ रूणवाल, एएसपी ऑपरेशन।
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