सोनभद्र। शहीद स्थल प्रबंधन ट्रस्ट करारी शहीद स्थल पर बुधवार को ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित काव्य पाठ का आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने ओज व वीर रस की कविताओं से जनसमूह का मन मोह लिया।
अध्यक्षता करते हुए चंदौली से आए शिवदास कवि ने मातृभूमि के बलिवेदी पर हंसी हंसी शीश कटावै सेन्हुर, जहां सोहागिन लुटावैं सेन्हुर.. सुनाया। आयोजक संयोजक प्रदुम्न त्रिपाठी ने सिंदूर जहां सुहागिनों ने दान किया है, बहनों ने अपने भाई को कुर्बान किया है, बेटे को लगा चंदन मां सीमा पर भेजती, बलिदानियों के बल पे हिंदुस्तान बना है..सुनाकर देश अनुराग का स्वर बुलंद किया। ओज की कवयित्री कौशल्या कुमारी चौहान ने सिंदुर थाती जीवन बाती प्रीत का है आधार, मांग सजा कर सजन है करता सात जनम तक प्यार.. सुनाई। गायक सुशील मिश्रा ने जाये नाहीं पावै सजना सेनुरा के पानी। सत के आगे टिकै न केहू एकर अमिट कहानी ..सुनाकर अभिव्यक्ति को धार दी। धर्मेश चौहान ने सिंदूर मन का विश्वास है सिंदूर धरती आकाश है छिपा है इसमें जीवन रहस्य, प्रीत अनुराग हर सांस है ..सुनाया। दिलीप सिंह दीपक, सुनील चौचक, दयानंद दयालू ने भी रचनाएं सुनाईं। संचालन करते हुए अशोक तिवारी एडवोकेट ने सिंदुर में समाया संसार, भव्य छवि निर्मल अगम अपार.. सुनाया। रामयश त्रिपाठी, विजय शंकर त्रिपाठी, जयशंकर त्रिपाठी, ठाकुर कुशवाहा, पुरुषोत्तम आदि रहे।