रेणुकूट। विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 विषय पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से मंगलवार को नगर स्थित सेंट एबीआर पब्लिक स्कूल परिसर में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। बदलती शिक्षा व्यवस्था और नई पाठ्यचर्या से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी ली। कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक प्रयागराज के रेड ईगल पब्लिक स्कूल के उप प्रधानाचार्य नीतीश कुमार सिंह और वाराणसी के हैप्पी मॉडल स्कूल के वाणिज्य विषय के स्नातकोत्तर शिक्षक मनीष कुमार राय रहे। दोनों प्रशिक्षकों ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 की प्रमुख विशेषताओं, उद्देश्यों एवं प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में विस्तार से समझाया। प्रशिक्षकों ने बताया कि नई पाठ्यचर्या का उद्देश्य शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों में व्यावहारिक ज्ञान, रचनात्मक सोच, समस्या समाधान की क्षमता और आवश्यक कौशलों का विकास करना है। उन्होंने विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण, अनुभव आधारित अधिगम और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया। शिक्षकों को बदलते शैक्षिक परिवेश के अनुरूप शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, सरल, रोचक और व्यावहारिक बनाने के लिए प्रेरित किया गया। अनपरा स्थित सैपिएंट इंटरनेशनल अकादमी, दुद्धी के सेंट मेरी पब्लिक स्कूल और राॅबर्ट्सगंज के प्रकाश जीनियस स्कूल सहित कई विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे। समापन पर सेंट एबीआर पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य आकाश सिंह ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षकों को नई शिक्षा व्यवस्था और पाठ्यचर्या में हो रहे बदलावों को समझने तथा उन्हें कक्षा शिक्षण में प्रभावी रूप से लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।