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Sonebhadra News: बारिश से मौसम हुआ सुहाना, अगले चार दिन और बरसेंगे मेघ
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रॉबर्ट्सगंज में बारिश का नजारा। संवाद
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रॉबर्ट्सगंज सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में शुक्रवार को कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। इससे मौसम सुहाना हो गया और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली। वहीं, खेतों में नमी बढ़ने से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने भी राहत की सांस ली। दोपहर में हुई बारिश के बाद रॉबर्ट्सगंज नगर की सर्विस लेन पर धर्मशाला चौक, मेन चौक मार्ग और मंडी गेट सहित कई स्थानों पर जलभराव हो गया। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विज्ञान केंद्र, चुर्क के अनुसार शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, भू-भौतिकी विभाग, बीएचयू वाराणसी के नोडल अधिकारी प्रो. रविशंकर सिंह तथा तकनीकी अधिकारी (मौसम वैज्ञानिक) शिव मंगल सिंह ने बताया कि जिले में अगले तीन से चार दिनों तक गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 28 से 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हवा की गति 6 से 7 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है।
मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी है, ताकि जलभराव से फसलों को नुकसान न हो। धान की फसल में मेड़बंदी मजबूत करने और अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
विशेषज्ञों ने वर्षा की संभावना को देखते हुए फिलहाल उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव टालने की सलाह दी है। साथ ही फसलों में कीट एवं रोगों की नियमित निगरानी, सब्जी की बेलों को सहारा देने तथा पशुपालकों को पशुओं के लिए सूखे एवं सुरक्षित स्थान के साथ स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की भी सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने किसानों से समय-समय पर जारी मौसम पूर्वानुमान और कृषि सलाह का पालन करने की अपील की है, ताकि फसलों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।
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मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी है, ताकि जलभराव से फसलों को नुकसान न हो। धान की फसल में मेड़बंदी मजबूत करने और अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
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विशेषज्ञों ने वर्षा की संभावना को देखते हुए फिलहाल उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव टालने की सलाह दी है। साथ ही फसलों में कीट एवं रोगों की नियमित निगरानी, सब्जी की बेलों को सहारा देने तथा पशुपालकों को पशुओं के लिए सूखे एवं सुरक्षित स्थान के साथ स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की भी सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने किसानों से समय-समय पर जारी मौसम पूर्वानुमान और कृषि सलाह का पालन करने की अपील की है, ताकि फसलों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।
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