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Sultanpur News: किताबों के साथ सुरक्षा का पाठ, हर बच्चा जानेगा अपना हक
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 04 May 2026 12:14 AM IST
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सुल्तानपुर। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अब सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं लेंगे, बल्कि अपनी सुरक्षा और अधिकारों के लिए भी प्रशिक्षित होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले के सभी स्कूलों में बच्चों को बाल संरक्षण और कानूनी जागरूकता से जोड़ने की पहल शुरू की है।
नई व्यवस्था के तहत जिले के 2065 परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत करीब 1.45 लाख बच्चों को पॉक्सो कानून और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़े जरूरी बिंदुओं की जानकारी दी जाएगी। विभाग का मानना है कि कम उम्र में सही जानकारी मिलने से बच्चे संभावित खतरों को पहचानने और समय पर मदद लेने में सक्षम बनेंगे।
शैक्षिक कैलेंडर में शामिल इस कार्यक्रम के तहत कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार संवेदनशील तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा। बच्चों को गुड टच और बैड टच का अंतर समझाने के साथ निजी सीमाओं, असहज परिस्थितियों की पहचान और मदद लेने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी।
सरल और सहज भाषा में होगा प्रशिक्षण
बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण सरल और सहज भाषा में होगा, जिससे बच्चे बिना डर या झिझक के अपनी बात रख सकें। कहा कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों में भय पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें सजग, सतर्क और आत्मविश्वासी बनाना है।
एक नजर में पहल
2065 परिषदीय स्कूल शामिल
1.45 लाख बच्चों को मिलेगा प्रशिक्षण
कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थी होंगे लाभांवित
पॉक्सो कानून के प्रावधानों की जानकारी
व्यक्तिगत सुरक्षा और अधिकारों पर फोकस
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नई व्यवस्था के तहत जिले के 2065 परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत करीब 1.45 लाख बच्चों को पॉक्सो कानून और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़े जरूरी बिंदुओं की जानकारी दी जाएगी। विभाग का मानना है कि कम उम्र में सही जानकारी मिलने से बच्चे संभावित खतरों को पहचानने और समय पर मदद लेने में सक्षम बनेंगे।
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शैक्षिक कैलेंडर में शामिल इस कार्यक्रम के तहत कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार संवेदनशील तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा। बच्चों को गुड टच और बैड टच का अंतर समझाने के साथ निजी सीमाओं, असहज परिस्थितियों की पहचान और मदद लेने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी।
सरल और सहज भाषा में होगा प्रशिक्षण
बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण सरल और सहज भाषा में होगा, जिससे बच्चे बिना डर या झिझक के अपनी बात रख सकें। कहा कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों में भय पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें सजग, सतर्क और आत्मविश्वासी बनाना है।
एक नजर में पहल
2065 परिषदीय स्कूल शामिल
1.45 लाख बच्चों को मिलेगा प्रशिक्षण
कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थी होंगे लाभांवित
पॉक्सो कानून के प्रावधानों की जानकारी
व्यक्तिगत सुरक्षा और अधिकारों पर फोकस
