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Sultanpur News: हरियाली तीज के लिए बाजारों में रौनक, सुहागिनों में दिखा उत्साह
Sat, 15 Aug 2026 12:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 15 Aug 2026 12:14 AM IST
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शहर के बाटागली में दुकान पर हरियाली तीज के लिए शृंगार की सामग्री खरीदतीं महिलाएं। संवाद
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सुल्तानपुर। हरियाली तीज शनिवार को मनाई जाएगी। इस त्योहार के लिए सुहागिन महिलाओं में खासा उत्साह दिख रहा है। महिलाएं पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखेंगी। परिवार की सुख-समृद्धि की कामना भी इस व्रत का मुख्य उद्देश्य है।
पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को शहर के बाटागली बाजार में भीड़ देखी गई। मेहंदी, चूड़ी और शृंगार सामग्री की दुकानों पर महिलाएं खरीदारी करती दिखीं। पंडित रमाकांत पांडेय ने बताया कि हरियाली तीज सावन के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आती है। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए यह व्रत किया था। महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन करती हैं। युवतियों ने घरों में झूले डालने के साथ मेहंदी लगवाना शुरू कर दिया है। उन्होंने नए वस्त्र व शृंगार सामग्री खरीदी है।
ग्राहकों की संख्या बढ़ी है
बाटागली के दुकानदार अश्विनी वर्मा और निकेत राणा ने ग्राहकों की संख्या में वृद्धि बताई। शुक्रवार को मेहंदी, चूड़ी, बिंदी और अन्य शृंगार सामग्री की बिक्री में तेजी आई। यह पर्व आस्था और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। महिलाएं व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं।
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सुख-समृद्धि की प्रार्थना
सीताकुंड की अनुराधा तिवारी ने बताया कि तीज माता से अखंड सौभाग्य, आस्था और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
झूले और गीत बढ़ाते हैं पर्व की शोभा
ठठेरी बाजार की रीना गुप्ता के अनुसार, हरियाली तीज प्रेम और आस्था का पावन पर्व है। पूजा और व्रत के साथ पारंपरिक गीत इसकी शोभा बढ़ाते हैं। झूले भी पर्व की खुशी को और अधिक बढ़ा देते हैं।
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पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को शहर के बाटागली बाजार में भीड़ देखी गई। मेहंदी, चूड़ी और शृंगार सामग्री की दुकानों पर महिलाएं खरीदारी करती दिखीं। पंडित रमाकांत पांडेय ने बताया कि हरियाली तीज सावन के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आती है। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए यह व्रत किया था। महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन करती हैं। युवतियों ने घरों में झूले डालने के साथ मेहंदी लगवाना शुरू कर दिया है। उन्होंने नए वस्त्र व शृंगार सामग्री खरीदी है।
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ग्राहकों की संख्या बढ़ी है
बाटागली के दुकानदार अश्विनी वर्मा और निकेत राणा ने ग्राहकों की संख्या में वृद्धि बताई। शुक्रवार को मेहंदी, चूड़ी, बिंदी और अन्य शृंगार सामग्री की बिक्री में तेजी आई। यह पर्व आस्था और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। महिलाएं व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं।
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सुख-समृद्धि की प्रार्थना
सीताकुंड की अनुराधा तिवारी ने बताया कि तीज माता से अखंड सौभाग्य, आस्था और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
झूले और गीत बढ़ाते हैं पर्व की शोभा
ठठेरी बाजार की रीना गुप्ता के अनुसार, हरियाली तीज प्रेम और आस्था का पावन पर्व है। पूजा और व्रत के साथ पारंपरिक गीत इसकी शोभा बढ़ाते हैं। झूले भी पर्व की खुशी को और अधिक बढ़ा देते हैं।