{"_id":"6a7e0f9e3a15f3cbc001d574","slug":"order-for-fir-against-constable-challenged-hearing-on-revision-petition-adjourned-sultanpur-news-c-103-1-slko1043-162762-2026-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: सिपाही पर एफआईआर के आदेश को चुनौती, निगरानी पर सुनवाई टली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: सिपाही पर एफआईआर के आदेश को चुनौती, निगरानी पर सुनवाई टली
Fri, 14 Aug 2026 12:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 14 Aug 2026 12:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। युवक को थाने लाकर पीटने, प्रताड़ित करने और 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में सिपाही समेत चार पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने के सीजेएम कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली निगरानी याचिका पर बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने से जिला जज सुनील कुमार की अदालत में सुनवाई टल गई। अदालत ने सुनवाई के लिए 18 अगस्त की तारीख तय की है।
शिवगढ़ थाना क्षेत्र के शंभूगंज चौकी अंतर्गत सरैया अंबर सिंह गांव निवासी संगीता देवी ने 20 मार्च की शाम की घटना बताते हुए सीजेएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। आरोप लगाया कि शिवगढ़ थाने में तैनात सिपाही अरुण कुमार व तीन अज्ञात पुलिसकर्मी उसके पति अमर बहादुर को थाने ले गए और मारपीट की। आरोप है कि 10 हजार रुपये लेने के बाद उसे छोड़ा गया। इस मामले में सीजेएम नवनीत सिंह की अदालत ने पुलिस अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की थी, लेकिन कई तारीखों के बावजूद रिपोर्ट नहीं दी गई।
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 19 जून को सिपाही अरुण कुमार व तीन अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच के आदेश दिए थे। आदेश में पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी की गई थी। इसी आदेश के खिलाफ डीजीसी (क्रिमिनल) की ओर से करीब डेढ़ महीने बाद जिला जज कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिवगढ़ थाना क्षेत्र के शंभूगंज चौकी अंतर्गत सरैया अंबर सिंह गांव निवासी संगीता देवी ने 20 मार्च की शाम की घटना बताते हुए सीजेएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। आरोप लगाया कि शिवगढ़ थाने में तैनात सिपाही अरुण कुमार व तीन अज्ञात पुलिसकर्मी उसके पति अमर बहादुर को थाने ले गए और मारपीट की। आरोप है कि 10 हजार रुपये लेने के बाद उसे छोड़ा गया। इस मामले में सीजेएम नवनीत सिंह की अदालत ने पुलिस अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की थी, लेकिन कई तारीखों के बावजूद रिपोर्ट नहीं दी गई।
विज्ञापन
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 19 जून को सिपाही अरुण कुमार व तीन अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच के आदेश दिए थे। आदेश में पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी की गई थी। इसी आदेश के खिलाफ डीजीसी (क्रिमिनल) की ओर से करीब डेढ़ महीने बाद जिला जज कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की गई है।
विज्ञापन