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Sultanpur News: बस्ता नहीं, हुनर लेकर पहुंचेंगे परिषदीय स्कूलों के बच्चे
Thu, 13 Aug 2026 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 13 Aug 2026 12:09 AM IST
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सुल्तानपुर। जिले के 614 परिषदीय विद्यालयों में 22 अगस्त से 31 अक्तूबर तक प्रत्येक शनिवार को बैगलेस डे मनाया जाएगा। इस दौरान बच्चों को बस्ते के बोझ से मुक्ति मिलेगी और वे पढ़ाई से इतर हुनर सीखेंगे। यह पहल 343 उच्च प्राथमिक और 271 कंपोजिट विद्यालयों में लागू होगी।
दस सप्ताह तक चलने वाली इन गतिविधियों में विद्यार्थी प्रयोग करके सीखेंगे। अंतिम चरण में छात्रों को एआई, रोबोटिक्स, कोडिंग और ड्रोन सेंसर तकनीक का प्रारंभिक ज्ञान भी मिलेगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए गतिविधियों की समय सारिणी जारी की है। बैगलेस डे पर विद्यार्थी बिना बस्ते के स्कूल पहुंचेंगे। उन्हें मिट्टी के खिलौने, कलाकृतियां बनाने और स्थानीय शिल्पकारों से हुनर सीखने का मौका मिलेगा। बच्चों को रसोई वाटिका, जल संरक्षण और जैविक खेती की जानकारी भी दी जाएगी। सिलाई-डिजाइनिंग और कबाड़ से उपयोगी वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
समय सारिणी के मुताबिक होंगी गतिविधियां
गतिविधियों के लिए प्रत्येक विद्यालय को 6,500 रुपये की धनराशि मिलेगी। इससे चार्ट, रंग, हस्तशिल्प सामग्री और विज्ञान प्रयोग सामग्री खरीदी जाएगी। बैगलेस डे के दौरान तैयार किए गए मॉडल और कलाकृतियों का प्रदर्शन 14 नवंबर को बाल मेले में होगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित भी किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि समय सारिणी के अनुसार ही गतिविधियां कराई जाएंगी।
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दस सप्ताह तक चलने वाली इन गतिविधियों में विद्यार्थी प्रयोग करके सीखेंगे। अंतिम चरण में छात्रों को एआई, रोबोटिक्स, कोडिंग और ड्रोन सेंसर तकनीक का प्रारंभिक ज्ञान भी मिलेगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए गतिविधियों की समय सारिणी जारी की है। बैगलेस डे पर विद्यार्थी बिना बस्ते के स्कूल पहुंचेंगे। उन्हें मिट्टी के खिलौने, कलाकृतियां बनाने और स्थानीय शिल्पकारों से हुनर सीखने का मौका मिलेगा। बच्चों को रसोई वाटिका, जल संरक्षण और जैविक खेती की जानकारी भी दी जाएगी। सिलाई-डिजाइनिंग और कबाड़ से उपयोगी वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
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समय सारिणी के मुताबिक होंगी गतिविधियां
गतिविधियों के लिए प्रत्येक विद्यालय को 6,500 रुपये की धनराशि मिलेगी। इससे चार्ट, रंग, हस्तशिल्प सामग्री और विज्ञान प्रयोग सामग्री खरीदी जाएगी। बैगलेस डे के दौरान तैयार किए गए मॉडल और कलाकृतियों का प्रदर्शन 14 नवंबर को बाल मेले में होगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित भी किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि समय सारिणी के अनुसार ही गतिविधियां कराई जाएंगी।
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