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Unnao News: 1,101 स्मार्ट मीटर बिजली उपभोक्ताओं का बिल माइनस में....

संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव Updated Mon, 13 Apr 2026 01:13 AM IST
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1,101 smart meter electricity consumers have minus bills....
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उन्नाव। शहर के 1101 बिजली उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगने और प्री-पेड बिलिंग शुरू होने के बाद बिल माइनस में पहुंच गया है। इन उपभोक्ताओं पर करीब 54 लाख का बकाया दिख रहा है। ऐसे में किसी भी समय इन लोगों के यहां की आपूर्ति बंद होने का खतरा बढ़ गया है।
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आरडीएसएस (रीवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) से सितंबर 2024 में स्मार्ट मीटर लगाने की शुरुआत हुई थी। शहरी क्षेत्र में 80 हजार उपभोक्ताओं में 29,524 हजार के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग चुके हैं। 13 मार्च से प्रीपेड व्यवस्था लागू हो चुकी है। इसमें मोबाइल से रिचार्ज की व्यवस्था शुरू हुई है। इसमें निगेटिव बैलेंस यानी माइनस में बिल होते ही लखनऊ में संचालित कंट्रोलरूम से ही स्वतः बिजली बंद हो जा रही है। वर्तमान में शहरी क्षेत्र में 1,101 ऐसे उपभोक्ता चिह्नित हुए हैं जिन पर करीब 54 लाख का बकाया है। इन सभी का बैलेंस माइनस में एक हजार से ऊपर हो गया है। अब ऐसे उपभोक्ताओं का किसी भी समय बिजली बंद होने का खतरा बढ़ गया है।
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एक, दो दिन में जमा कर दें बिल



माइनस बैलेंस होने पर किसी भी समय कनेक्शन बंद होने का खतरा होता है। स्थानीय स्तर पर आपूर्ति बंद होने से रोकने की कोई व्यवस्था नहीं है। यह लखनऊ कंट्रोलरूम से होता है। इसलिए उपभोक्ताओं से अपील है कि वह एक से दो दिन में अपना बिल जमा कर दें। ऐसा न करने पर बिजली आपूर्ति बंद हो सकता है।



हिमांशु गौतम, एक्सईएन प्रथम।



स्मार्ट मीटर बन गए जनता के लिए आफत-सदर विधायक



सदर विधायक पंकज गुप्ता ने स्मार्ट मीटर को लेकर फेसबुक पर पोस्ट करते हुए बिजली अधिकारियों को निशाने पर लिया है। इसमें लिखा है कि जिस स्मार्ट मीटर को सुविधा के लिए लगाया गया। वही आज जनता के लिए आफत बन गया है। लोग उनके पास आते हैं और बताते हैं कि पहले 800 रुपये बिल आता था, स्मार्ट मीटर लगते ही 3000 रुपये आ रहा है। न कोई समझाने वाला है और ना ही कोई सुनने वाला है। कनेक्शन बंद होने से रोकने के लिए रिचार्ज कराना होता है। अब गरीब मजदूर, किसान, निराश्रित महिलाएं क्या मोबाइल की तरह बिजली रिचार्ज कराएंगी या कर पाएंगी। पैसा न हुआ तो घरों में अंधेरा छा जाएगा। इसके अलावा नेटवर्क नहीं, मीटर के गलत रीडिंग देने और बैलेंस काट लेने की भी शिकायत आ रही हैं। बिजली अधिकारियों को निशाने पर लेते हुए लिखा कि एसी कमरों में बैठकर नीति बनाना आसान है पर जमीन पर उतरकर देखिए कि आपकी स्मार्ट व्यवस्था ने लोगों की नींद कैसे उड़ा दी है।



विधायक ने यह दिए हैं सुझाव



-स्मार्ट मीटर लगाए जाएं पर तीन महीने का ट्रायल पीरियड भी हो। पहले पुराने और नए मीटर की रीडिंग साथ-साथ चलाओ।



-24x7 हेल्पलाइन हो, हर ब्लॉक में तुरंत शिकायत सुनने वाले अधिकारी बैठाए जाएं।



-प्रीपेड को अनिवार्य मत बनाओ। कैंप लगाकर मीटर और बिल की जांच करो।



-जवाबदेही तय हो। गलत बिल, गलत कटौती पर अधिकारी पर भी पेनाल्टी लगे।
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