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Unnao News: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक और जगह दबी सड़क
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उन्नाव। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर रविवार को एक बार फिर सड़क दब गई। सदर तहसील क्षेत्र में किलोमीटर संख्या 48.9 से 48.5 के बीच जगेथा गांव के सामने, कानपुर से लखनऊ की ओर जाने वाली भारी वाहनों की लेन में करीब 400 मीटर के दायरे में कई स्थानों पर सड़क दबने लगी है। सड़क दबकर नाली बन गई है। हाईवे पर भारी वाहनों के डायवर्जन और एक्सप्रेसवे पर बढ़ती संख्या को इसका कारण माना जा रहा है। इससे हादसों का खतरा बढ़ गया है।
यह एक्सप्रेसवे 4200 करोड़ रुपये की लागत से बना है। इसका लोकार्पण 13 जुलाई को हुआ था और 14 जुलाई से यातायात के लिए खोला गया था। यातायात शुरू होने के बाद से ही इसमें खामियां सामने आने लगी हैं। रविवार को कानपुर से लखनऊ की ओर जाने वाली भारी वाहनों की तीन नंबर लेन प्रभावित हुई। सड़क में बन रही नाली हर घंटे गहरी होती जा रही है। निर्माण एजेंसी ने मरम्मत के लिए सामग्री डलवाई है।
शनिवार को तूरी गांव के सामने किलोमीटर संख्या 46.5 से 46.6 के बीच भी सड़क दबने से नाली बन गईं थीं। इसकी अभी मरम्मत नहीं हुई है। इससे पहले 25 जुलाई को कोरारी गांव के सामने दस मीटर और 29 जुलाई को बेगमखेड़ा गांव के सामने भी करीब दस मीटर सड़क धंसी थी। इस हाईस्पीड एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों के लिए 120 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार का मानक है। दबी सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों के पहिए जाने से उनके उछलने और दुर्घटना होने की आशंका है।
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यह एक्सप्रेसवे 4200 करोड़ रुपये की लागत से बना है। इसका लोकार्पण 13 जुलाई को हुआ था और 14 जुलाई से यातायात के लिए खोला गया था। यातायात शुरू होने के बाद से ही इसमें खामियां सामने आने लगी हैं। रविवार को कानपुर से लखनऊ की ओर जाने वाली भारी वाहनों की तीन नंबर लेन प्रभावित हुई। सड़क में बन रही नाली हर घंटे गहरी होती जा रही है। निर्माण एजेंसी ने मरम्मत के लिए सामग्री डलवाई है।
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शनिवार को तूरी गांव के सामने किलोमीटर संख्या 46.5 से 46.6 के बीच भी सड़क दबने से नाली बन गईं थीं। इसकी अभी मरम्मत नहीं हुई है। इससे पहले 25 जुलाई को कोरारी गांव के सामने दस मीटर और 29 जुलाई को बेगमखेड़ा गांव के सामने भी करीब दस मीटर सड़क धंसी थी। इस हाईस्पीड एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों के लिए 120 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार का मानक है। दबी सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों के पहिए जाने से उनके उछलने और दुर्घटना होने की आशंका है।
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