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Unnao News: खेल छात्रावास ट्रायल में पहले दो दिन सन्नाटा, एक भी खिलाड़ी नहीं पहुंचा
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फोटो-46-बढि़न स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम। संवाद
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औरैया। खेल निदेशालय की ओर से संचालित आवासीय खेल छात्रावासों में प्रवेश के लिए जनपद में 23 से 26 मार्च तक स्पोर्ट्स स्टेडियम बढ़िन में ट्रायल प्रस्तावित थे लेकिन पहले दो दिन ट्रायल पूरी तरह फीके रहे। 23 और 24 मार्च को निर्धारित खेलों के लिए एक भी खिलाड़ी मैदान पर नहीं पहुंचा जिससे ट्रायल आयोजित ही नहीं हो सके।
23 मार्च को बालक वर्ग में जिम्नास्टिक व तैराकी (12 वर्ष से कम), जबकि कुश्ती, हॉकी, वॉलीबॉल, फुटबॉल, बैटमिंटन और टेबल टेनिस (15 वर्ष से कम) के ट्रायल होने थे। वहीं 24 मार्च को बालिका वर्ग में इन्हीं खेलों के ट्रायल निर्धारित थे लेकिन दोनों ही दिन स्टेडियम सूना रहा।
खिलाड़ियों के न पहुंचने के पीछे सबसे बड़ा कारण स्पोर्ट्स स्टेडियम बढ़िन की दूरी बताई जा रही है, जो शहर मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित है। दूर-दराज से आने वाले खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों के लिए वहां पहुंचना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
इसके अलावा इस बार ऑनलाइन आवेदन के दौरान स्वास्थ्य विभाग से जारी फिटनेस प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। अभिभावक इसे जटिल प्रक्रिया मान रहे हैं, जिसके चलते वे बच्चों को ट्रायल के लिए भेजने से बच रहे हैं। पहले केवल आधार कार्ड के जरिए ही पंजीकरण हो जाता था, जिससे प्रक्रिया आसान थी।
जिला क्रीड़ा अधिकारी संजीव वर्मा ने बताया कि 25 मार्च को बालक वर्ग में क्रिकेट, कबड्डी, बास्केटबॉल, तीरंदाजी, जूडो, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और हैंडबॉल के ट्रायल आयोजित होंगे। वहीं 26 मार्च को बालिका वर्ग में कबड्डी, बास्केटबॉल, तीरंदाजी, एथलेटिक्स और हैंडबॉल के ट्रायल कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन तिथियों के लिए कुछ आवेदन प्राप्त हुए हैं और उम्मीद है कि आगे ट्रायल में खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ेगी।
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23 मार्च को बालक वर्ग में जिम्नास्टिक व तैराकी (12 वर्ष से कम), जबकि कुश्ती, हॉकी, वॉलीबॉल, फुटबॉल, बैटमिंटन और टेबल टेनिस (15 वर्ष से कम) के ट्रायल होने थे। वहीं 24 मार्च को बालिका वर्ग में इन्हीं खेलों के ट्रायल निर्धारित थे लेकिन दोनों ही दिन स्टेडियम सूना रहा।
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खिलाड़ियों के न पहुंचने के पीछे सबसे बड़ा कारण स्पोर्ट्स स्टेडियम बढ़िन की दूरी बताई जा रही है, जो शहर मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित है। दूर-दराज से आने वाले खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों के लिए वहां पहुंचना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
इसके अलावा इस बार ऑनलाइन आवेदन के दौरान स्वास्थ्य विभाग से जारी फिटनेस प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। अभिभावक इसे जटिल प्रक्रिया मान रहे हैं, जिसके चलते वे बच्चों को ट्रायल के लिए भेजने से बच रहे हैं। पहले केवल आधार कार्ड के जरिए ही पंजीकरण हो जाता था, जिससे प्रक्रिया आसान थी।
जिला क्रीड़ा अधिकारी संजीव वर्मा ने बताया कि 25 मार्च को बालक वर्ग में क्रिकेट, कबड्डी, बास्केटबॉल, तीरंदाजी, जूडो, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और हैंडबॉल के ट्रायल आयोजित होंगे। वहीं 26 मार्च को बालिका वर्ग में कबड्डी, बास्केटबॉल, तीरंदाजी, एथलेटिक्स और हैंडबॉल के ट्रायल कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन तिथियों के लिए कुछ आवेदन प्राप्त हुए हैं और उम्मीद है कि आगे ट्रायल में खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ेगी।