{"_id":"69cc1b098cd587ad4c0b1fcd","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-sknp1055-147809-2026-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: पीपल के पत्तों से तैयार नवाचार पर आयुषी सम्मानित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: पीपल के पत्तों से तैयार नवाचार पर आयुषी सम्मानित
विज्ञापन
फोटो-17-आयुषी श्रीवास्तव को पुरस्कृत करते कैबिनेट मंत्री राकेश सचान। स्रोत: स्वयं।
विज्ञापन
पाटन (उन्नाव)। सुमेरपुर विकास खंड के पाटन गांव की आयुषी श्रीवास्तव को राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें पीपल के पत्तों से तैयार श्रीकृष्ण-सुदामा मित्रता नवाचार के लिए यह सम्मान मिला है। आयुषी ने रायबरेली से फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया है।
सोमवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय कानपुर में आयोजित कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और मंडलायुक्त के विजय पांडियन ने आयुषी को सम्मानित किया। उन्हें 35 हजार रुपये का प्रतीकात्मक चेक, ताम्रपत्र व प्रशस्तिपत्र प्रदान किया गया। आयुषी के पिता सतीश कुमार श्रीवास्तव रायबरेली के जिला अस्पताल में मुख्य फार्मासिस्ट के पद पर तैनात हैं।
सांझी शिल्प के संरक्षण पर कर रहीं काम
आयुषी ने बताया कि मथुरा और वृंदावन की पारंपरिक सांझी शिल्प कला विलुप्त होती जा रही है। वह इस प्राचीन कला के संरक्षण और प्रचार पर काम कर रही हैं। उन्होंने पीपल के पत्तों का रचनात्मक प्रयोग करके भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा की गहरी मित्रता को सांझी शिल्प के माध्यम से उकेरा। इसी अनूठे कार्य को उत्कृष्ट नवाचार के रूप में चयनित किया गया। आयुषी सांझी शिल्प के लिए लोगों को जागरूक कर उन्हें इस कला से जोड़ रही हैं। गांव के धर्मेश श्रीवास्तव, अनूप श्रीवास्तव, कुलदीप चौधरी, महेश तिवारी, कल्लू तिवारी, त्रिलोक चंद्र गुप्ता और श्यामू सिंह सहित कई लोगों ने उन्हें बधाई दी है।
Trending Videos
सोमवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय कानपुर में आयोजित कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और मंडलायुक्त के विजय पांडियन ने आयुषी को सम्मानित किया। उन्हें 35 हजार रुपये का प्रतीकात्मक चेक, ताम्रपत्र व प्रशस्तिपत्र प्रदान किया गया। आयुषी के पिता सतीश कुमार श्रीवास्तव रायबरेली के जिला अस्पताल में मुख्य फार्मासिस्ट के पद पर तैनात हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सांझी शिल्प के संरक्षण पर कर रहीं काम
आयुषी ने बताया कि मथुरा और वृंदावन की पारंपरिक सांझी शिल्प कला विलुप्त होती जा रही है। वह इस प्राचीन कला के संरक्षण और प्रचार पर काम कर रही हैं। उन्होंने पीपल के पत्तों का रचनात्मक प्रयोग करके भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा की गहरी मित्रता को सांझी शिल्प के माध्यम से उकेरा। इसी अनूठे कार्य को उत्कृष्ट नवाचार के रूप में चयनित किया गया। आयुषी सांझी शिल्प के लिए लोगों को जागरूक कर उन्हें इस कला से जोड़ रही हैं। गांव के धर्मेश श्रीवास्तव, अनूप श्रीवास्तव, कुलदीप चौधरी, महेश तिवारी, कल्लू तिवारी, त्रिलोक चंद्र गुप्ता और श्यामू सिंह सहित कई लोगों ने उन्हें बधाई दी है।