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Unnao News: जर्जर 61,133 मकान...खतरे में जान
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फोटो-11-शहर के बड़े चौराहे का जर्जर भवन। संवाद
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उन्नाव। मानसून का समय नजदीक आ गया है लेकिन न तो शहर में चिह्नित जर्जर भवनों को ध्वस्त कराया गया और न ही ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर कच्चे घरों में रहने वाले लोगों को पक्के आवास दिए गए। ऐसे में जनपद में 61,133 जर्जर भवनों और कच्चे घरों में रहने वाले लोगों को हर समय हादसे का खतरा सताता रहता है।
नगर पालिका परिषद ने सर्वे कराकर 133 जर्जर मकान चिह्नित किए थे लेकिन इनको अभी तक ध्वस्त नहीं किया गया। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों का है। कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को प्रधानमंत्री आवास देने के लिए सर्वे तो कराया गया लेकिन उन्हें अभी तक आवास नहीं दिए गए। ऐसे में इन परिवारों को भी बारिश में घर ढहने की चिंता सता रही है। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह ने बताया कि प्रदेश में सबसे पहले जनपद में पीएम आवास के लिए सर्वे पूरा हुआ है। करीब 61 हजार लाभार्थी पक्के आवास के लिए चिह्नित किए गए हैं। इनकी फीडिंग कराई जा रही है। 30 जून तक फीडिंग कराने के बाद सूची केंद्र सरकार के पास पहुंच जाएगी। इसके बाद ही बजट मिलने की उम्मीद है।
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नोटिस देकर भूल गई नगर पालिका
वर्ष 2024 में बारिश में शहर के सदर बाजार स्थित बड़ा चौराहा पर पुराने मकान का छज्जा गिर गया था। इससे आसपास के दुकानदारों, खरीदारों और मुख्य मार्ग से आवागमन कर रहे लोगों में भगदड़ मच गई थी। मलबा गिरने से कुछ लोग घायल भी हुए थे। इसके बाद नगर पालिका ने शहर के सभी वार्डों में जर्जर भवनों का सर्वे कराया था। 133 भवन चिह्नित किए गए थे। इनका कोई न कोई हिस्सा टूट कर गिरता रहता है। इनके आसपास घरों में रहने वाले लोगों और राहगीरों को हर समय हादसे का अंदेशा रहता है। इसके बाद भी पालिका ने इन भवनों को गिराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बताते हैं कि दो साल से केवल नोटिस देकर कोरम पूरा किया जा रहा है।
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इन मोहल्लों में सबसे अधिक जर्जर भवन
शहर के कल्याणी देवी में 10, एबीनगर दक्षिणी व अकरमपुर में नौ-नौ, सिंगरोसी में आठ, आदर्श नगर, गांधीनगर व कासिम नगर में सात-सात सहित कुल 32 मोहल्लों में 133 जर्जर भवन हैं।
केस-2
61 हजार परिवारों को डेढ़ साल से पक्की छत का इंतजार
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 61 हजार परिवारों को डेढ़ साल से पक्की छत का इंतजार है। केंद्र सरकार इस योजना के तहत पात्रों को पक्का घर बनाने के लिए अनुदान देती है। वर्ष 2011 की सूची के लाभार्थियों को 2024 तक आवास मिल चुके थे। नई सूची के लिए दिसंबर 2024 में आवेदन शुरू हुए, जिसमें 2025 में 87,529 लोगों ने आवेदन किए। पहली बार एआई सॉफ्टवेयर से सत्यापन हुआ, जिसने पक्की ईंट दिखने पर 26,529 आवेदन निरस्त कर दिए। अब 61 हजार आवेदन बचे हैं जो पक्के आवास की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वर्तमान में यह पात्र कच्चे घरों में रह रहे हैं जिससे बारिश में इनके घर ढहने का खतरा है।
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वर्जन...
नगर पालिका प्रशासन ने ऐसे जर्जर भवनों के स्वामियों को नोटिस जारी किए थे। इसके बाद आगे क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं है। सोमवार को जर्जर भवनों को लेकर की गई अब तक की कार्रवाई की जानकारी की जाएगी। -अमिताभ यादव, एडीएम व निकाय प्रभारी।
नगर पालिका परिषद ने सर्वे कराकर 133 जर्जर मकान चिह्नित किए थे लेकिन इनको अभी तक ध्वस्त नहीं किया गया। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों का है। कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को प्रधानमंत्री आवास देने के लिए सर्वे तो कराया गया लेकिन उन्हें अभी तक आवास नहीं दिए गए। ऐसे में इन परिवारों को भी बारिश में घर ढहने की चिंता सता रही है। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह ने बताया कि प्रदेश में सबसे पहले जनपद में पीएम आवास के लिए सर्वे पूरा हुआ है। करीब 61 हजार लाभार्थी पक्के आवास के लिए चिह्नित किए गए हैं। इनकी फीडिंग कराई जा रही है। 30 जून तक फीडिंग कराने के बाद सूची केंद्र सरकार के पास पहुंच जाएगी। इसके बाद ही बजट मिलने की उम्मीद है।
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नोटिस देकर भूल गई नगर पालिका
वर्ष 2024 में बारिश में शहर के सदर बाजार स्थित बड़ा चौराहा पर पुराने मकान का छज्जा गिर गया था। इससे आसपास के दुकानदारों, खरीदारों और मुख्य मार्ग से आवागमन कर रहे लोगों में भगदड़ मच गई थी। मलबा गिरने से कुछ लोग घायल भी हुए थे। इसके बाद नगर पालिका ने शहर के सभी वार्डों में जर्जर भवनों का सर्वे कराया था। 133 भवन चिह्नित किए गए थे। इनका कोई न कोई हिस्सा टूट कर गिरता रहता है। इनके आसपास घरों में रहने वाले लोगों और राहगीरों को हर समय हादसे का अंदेशा रहता है। इसके बाद भी पालिका ने इन भवनों को गिराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बताते हैं कि दो साल से केवल नोटिस देकर कोरम पूरा किया जा रहा है।
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इन मोहल्लों में सबसे अधिक जर्जर भवन
शहर के कल्याणी देवी में 10, एबीनगर दक्षिणी व अकरमपुर में नौ-नौ, सिंगरोसी में आठ, आदर्श नगर, गांधीनगर व कासिम नगर में सात-सात सहित कुल 32 मोहल्लों में 133 जर्जर भवन हैं।
केस-2
61 हजार परिवारों को डेढ़ साल से पक्की छत का इंतजार
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 61 हजार परिवारों को डेढ़ साल से पक्की छत का इंतजार है। केंद्र सरकार इस योजना के तहत पात्रों को पक्का घर बनाने के लिए अनुदान देती है। वर्ष 2011 की सूची के लाभार्थियों को 2024 तक आवास मिल चुके थे। नई सूची के लिए दिसंबर 2024 में आवेदन शुरू हुए, जिसमें 2025 में 87,529 लोगों ने आवेदन किए। पहली बार एआई सॉफ्टवेयर से सत्यापन हुआ, जिसने पक्की ईंट दिखने पर 26,529 आवेदन निरस्त कर दिए। अब 61 हजार आवेदन बचे हैं जो पक्के आवास की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वर्तमान में यह पात्र कच्चे घरों में रह रहे हैं जिससे बारिश में इनके घर ढहने का खतरा है।
वर्जन...
नगर पालिका प्रशासन ने ऐसे जर्जर भवनों के स्वामियों को नोटिस जारी किए थे। इसके बाद आगे क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं है। सोमवार को जर्जर भवनों को लेकर की गई अब तक की कार्रवाई की जानकारी की जाएगी। -अमिताभ यादव, एडीएम व निकाय प्रभारी।

फोटो-11-शहर के बड़े चौराहे का जर्जर भवन। संवाद

फोटो-11-शहर के बड़े चौराहे का जर्जर भवन। संवाद