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Unnao News: ओबीसी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण पर चर्चा
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उन्नाव। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग ने पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण तय करने के लिए उन्नाव के विकास भवन सभागार में एक बैठक की। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति रामौतार सिंह, सदस्य एसपी सिंह, ब्रजेश कुमार, संतोष कुमार विश्वकर्मा व अरविंद कुमार चौरसिया ने इस बैठक में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों से पिछड़े वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण पर चर्चा की।
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति रामौतार सिंह और सदस्यों ने जिला पंचायत, ब्लॉक प्रमुख, ग्राम पंचायत प्रशासकों और निवर्तमान बीडीसी से बातचीत की। उन्होंने पिछड़े वर्ग की आबादी के सापेक्ष राजनीति में प्रतिनिधित्व और विभिन्न जातियों की जानकारी ली। साथ ही, ओबीसी का पिछड़ापन दूर करने के लिए सुझाव भी मांगे। जनप्रतिनिधियों ने रोजगारपरक शिक्षा देने और आरक्षण बढ़ाने सहित कई सुझाव प्रस्तुत किए।
आयोग स्थानीय निकायों और पंचायतों में राजनीतिक व सामाजिक पिछड़े वर्ग की स्थिति का आकलन कर रहा है। अध्यक्ष ने बताया कि अब तक 21 जिलों में बैठकें की जा चुकी हैं। आयोग प्रदेश के सभी 75 जिलों का भ्रमण करेगा। मिलने वाले तथ्यों और सुझावों के आधार पर आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगामी चुनावों में ओबीसी आरक्षण तय किया जाएगा। बैठक में एडीएम वित्त राजस्व सुशील कुमार गोंड सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति रामौतार सिंह और सदस्यों ने जिला पंचायत, ब्लॉक प्रमुख, ग्राम पंचायत प्रशासकों और निवर्तमान बीडीसी से बातचीत की। उन्होंने पिछड़े वर्ग की आबादी के सापेक्ष राजनीति में प्रतिनिधित्व और विभिन्न जातियों की जानकारी ली। साथ ही, ओबीसी का पिछड़ापन दूर करने के लिए सुझाव भी मांगे। जनप्रतिनिधियों ने रोजगारपरक शिक्षा देने और आरक्षण बढ़ाने सहित कई सुझाव प्रस्तुत किए।
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आयोग स्थानीय निकायों और पंचायतों में राजनीतिक व सामाजिक पिछड़े वर्ग की स्थिति का आकलन कर रहा है। अध्यक्ष ने बताया कि अब तक 21 जिलों में बैठकें की जा चुकी हैं। आयोग प्रदेश के सभी 75 जिलों का भ्रमण करेगा। मिलने वाले तथ्यों और सुझावों के आधार पर आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगामी चुनावों में ओबीसी आरक्षण तय किया जाएगा। बैठक में एडीएम वित्त राजस्व सुशील कुमार गोंड सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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